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फर्जी अंगूठे लगाकर क्लर्क ने हड़पी पेंशन
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला
Updated Fri, 17 Jan 2014 12:09 PM IST
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नगर निगम के एक क्लर्क ने फर्जी अंगूठे लगाकर एक बुजुर्ग महिला की 13 महीने की पेंशन हड़प ली। डीसी एवं निगम कमिश्नर तक शिकायत पहुंचने पर मामले की जांच शुरू हुई तो गोलमाल पाया गया।
जांच के बाद डीसी एवं निगम कमिश्नर डॉ. एसएस फुलिया ने क्लर्क प्रीत महिंदर को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उसके खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पुलिस से भी सिफारिश की जाएगी।
निलंबन अवधि के दौरान प्रीत महिंदर का मुख्यालय भी बदल कर नगर निगम पिंजौर जोन कर दिया गया है। उसे अब केवल गुजारा भत्ता ही दिया जाएगा।
पंचकूला नगर निगम में तैनात क्लर्क प्रीत मंहिद्र के खिलाफ सेक्टर-4 निवासी बुजुर्ग कमला देवी ने शिकायत दी थी। उन्होंने कहा था कि अक्तूबर 2010, जनवरी 2011, मार्च 2011 से दिसंबर 2011 व सितंबर 2012 की पेंशन उन्हें नहीं मिली।
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उनकी पेंशन राशि क्लर्क प्रीत महिंदर ने फर्जी अंगूठे लगाकर निकाल ली। अपनी पेंशन के लिए वह बार-बार फरियाद करती रही, लेकिन प्रीत महिंदर ने उनकी एक न सुनी।
जांच की भनक लगते ही लौटा दी थी पेंशन
डीसी के पास शिकायत पहुंचने के बाद समाज कल्याण अधिकारी को इस मामले की जांच करने की जिम्मेवारी सौंपी गई।
इसी बीच प्रीत महिंदर को भनक लग गई कि उसके खिलाफ डीसी को शिकायत दी गई है, जिस पर जांच शुरू हो गई है।
उसने आनन-फानन में मामला रफा-दफा करने के लिए फर्जी तौर पर निकाली गई विधवा पेंशन लौटाकर कमला देवी से एफिडेविट ले लिया।
अपनी समझ से तो प्रीत महिंदर ने खुद को सुरक्षित समझ लिया, लेकिन जांच में कमला देवी के आरोप साबित हो गए।
जांच में पकड़ी गई एकमुश्त अदायगी
जांच में सामने आया कि बुजुर्ग की विधवा पेंशन किश्तों में अदा न करके प्रीत मंहिदर ने एक साथ ही उसे दे दी। वह भी डीसी तक शिकायत पहुंचने के बाद समझौते के तौर पर दी गई।
समाज कल्याण अधिकारी की सिफारिश पर उपायुक्त ने प्रीत महिंदर को सस्पेंड कर दिया। साथ ही उसके खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पुलिस को सिफारिश भी भेजी जाएगी।
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जांच के बाद डीसी एवं निगम कमिश्नर डॉ. एसएस फुलिया ने क्लर्क प्रीत महिंदर को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उसके खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पुलिस से भी सिफारिश की जाएगी।
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निलंबन अवधि के दौरान प्रीत महिंदर का मुख्यालय भी बदल कर नगर निगम पिंजौर जोन कर दिया गया है। उसे अब केवल गुजारा भत्ता ही दिया जाएगा।
पंचकूला नगर निगम में तैनात क्लर्क प्रीत मंहिद्र के खिलाफ सेक्टर-4 निवासी बुजुर्ग कमला देवी ने शिकायत दी थी। उन्होंने कहा था कि अक्तूबर 2010, जनवरी 2011, मार्च 2011 से दिसंबर 2011 व सितंबर 2012 की पेंशन उन्हें नहीं मिली।
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उनकी पेंशन राशि क्लर्क प्रीत महिंदर ने फर्जी अंगूठे लगाकर निकाल ली। अपनी पेंशन के लिए वह बार-बार फरियाद करती रही, लेकिन प्रीत महिंदर ने उनकी एक न सुनी।
जांच की भनक लगते ही लौटा दी थी पेंशन
डीसी के पास शिकायत पहुंचने के बाद समाज कल्याण अधिकारी को इस मामले की जांच करने की जिम्मेवारी सौंपी गई।
इसी बीच प्रीत महिंदर को भनक लग गई कि उसके खिलाफ डीसी को शिकायत दी गई है, जिस पर जांच शुरू हो गई है।
उसने आनन-फानन में मामला रफा-दफा करने के लिए फर्जी तौर पर निकाली गई विधवा पेंशन लौटाकर कमला देवी से एफिडेविट ले लिया।
अपनी समझ से तो प्रीत महिंदर ने खुद को सुरक्षित समझ लिया, लेकिन जांच में कमला देवी के आरोप साबित हो गए।
जांच में पकड़ी गई एकमुश्त अदायगी
जांच में सामने आया कि बुजुर्ग की विधवा पेंशन किश्तों में अदा न करके प्रीत मंहिदर ने एक साथ ही उसे दे दी। वह भी डीसी तक शिकायत पहुंचने के बाद समझौते के तौर पर दी गई।
समाज कल्याण अधिकारी की सिफारिश पर उपायुक्त ने प्रीत महिंदर को सस्पेंड कर दिया। साथ ही उसके खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पुलिस को सिफारिश भी भेजी जाएगी।