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Chandigarh: मार्च तक शहर को मिल जाएगी कचरे के पहाड़ से आजादी, कंपनी का दावा-पूरा हुआ 80 फीसदी काम
Mon, 25 Dec 2023 01:31 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 25 Dec 2023 01:31 AM IST
सार
चंडीगढ़ में रोजाना करीब 374 टीडीपी गीला कचरा उत्पन्न होता है, जिसमें से करीब 150-200 टीडीपी गीले कचरे को ही प्रोसेस किया जा रहा है। बाकी बचे कचरे को डंपिंग ग्राउंड में रोजाना गिराया जा रहा है। इस नए अस्थायी प्लांट में इसी बचे हुए कचरे को प्रोसेस किया जाएगा।
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डड्डूमाजरा में कम होने लगा कूड़ा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पिछले कई वर्षों से डंपिंग ग्राउंड का दंश झेल रहे डड्डूमाजरावासियों के साथ चंडीगढ़ को मार्च में राहत मिलने वाली है। कंपनी का दावा है कि उन्होंने 80 फीसदी काम पूरा कर लिया है और बाकी काम भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मेयर का दावा है कि फरवरी के अंत तक काम खत्म हो जाएगा। साथ ही डंपिंग ग्राउंड में गिराए जा रहे गीले कचरे का भी जनवरी के अंत से प्रोसेस करना शुरू कर दिया जाएगा।
डड्डूमाजरा में कूड़े का पहाड़ अब काफी हद तक कम हो गया है। निगम के अधिकारियों का दावा है कि कंपनी ने काफी तेजी से काम किया है और काफी कम समय में अधिकतर काम पूरा कर लिया है। ड्रोन सर्वे के अनुसार डंपिंग ग्राउंड में 11 लाख 30 हजार क्यूबिक मीटर कचरा था, जिसमें से अब तक करीब नौ लाख क्यूबिक मीटर कचरे को प्रोसेस किया जा चुका है। अब सिर्फ दो से ढाई लाख क्यूबिक मीटर कचरा ही बाकी रह गया है।
मेयर अनूप गुप्ता का कहना है कि निगम की तरफ से समय समय पर कंपनी के काम की समीक्षा की जाती है। हाल ही में उन्होंने खुद अधिकारियों के साथ साइट का दौरा किया था और देखा था कि कितना काम हुआ है। साइट पर काफी ज्यादा कचरे को प्रोसेस किया जा चुका है और वर्तमान में कई मशीनें एक साथ काम कर रही हैं, जिससे माना जा रहा है कि फरवरी के अंत तक शहर को कूड़े के पहाड़ से आजादी मिल जाएगी।
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15 जनवरी के बाद शुरू हो सकता है अस्थायी प्लांट
निगम के अनुसार शहर में रोजाना करीब 374 टीडीपी गीला कचरा उत्पन्न होता है, जिसमें से करीब 150-200 टीडीपी गीले कचरे को ही प्रोसेस किया जा रहा है। बाकी बचे कचरे को डंपिंग ग्राउंड में रोजाना गिराया जा रहा है। इस नए अस्थायी प्लांट में इसी बचे हुए कचरे को प्रोसेस किया जाएगा। निगम का दावा है कि यह प्लांट अस्थायी है और दो साल के लिए होगा क्योंकि इस बीच में निगम की तरफ से 550 टीडीपी का इंटीग्रेटेड प्लांट तैयार हो जाएगा। निगम की कोशिश है कि इस प्लांट को 15 जनवरी तक शुरू कर दिया जाए।
मेयर अनूप गुप्ता ने बताया कि प्लांट के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का काम एक अन्य कंपनी कर रही है। मशीनरी के लिए भी दूसरी कंपनी को काम सौंप दिया गया है। कोशिश है कि 15 जनवरी के बाद इसे शुरू कर दिया जाए।
14 महीने में 80 फीसदी काम पूरा : शीशपाल
डड्डूमाजरा में कूड़े के पहाड़ को हटाने का काम कर रही कंपनी के मालिक शीशपाल राणा ने बताया कि उन्हें 43 महीने में कचरे के पहाड़ को खत्म करने का टेंडर मिला है। उन्होंने पहले 14 महीने में ही 80 फीसदी तक का काम पूरा कर लिया है। बताया कि उन्हें 13 लाख 30 हजार क्यूबिक मीटर कचरे को प्रोसेस करने का टेंडर मिला था। ड्रोन सर्वे में 11 लाख 30 हजार क्यूबिक मीटर कचरा मिला।
शीशपाल ने बताया कि उनका अनुमान है कि अब डड्डूमाजरा में दो से ढाई लाख क्यूबिक मीटर कचरा ही बाकी रह गया है। वह अब तक करीब नौ लाख क्यूबिक मीटर के करीब कचरे को प्रोसेस कर चुके हैं। कूड़े के पहाड़ को हटाने का काम तेजी से चल रहा है। शीशपाल ने कहा कि जल्द कचरे के बाहर को खत्म कर दिया जाएगा।
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डड्डूमाजरा में कूड़े का पहाड़ अब काफी हद तक कम हो गया है। निगम के अधिकारियों का दावा है कि कंपनी ने काफी तेजी से काम किया है और काफी कम समय में अधिकतर काम पूरा कर लिया है। ड्रोन सर्वे के अनुसार डंपिंग ग्राउंड में 11 लाख 30 हजार क्यूबिक मीटर कचरा था, जिसमें से अब तक करीब नौ लाख क्यूबिक मीटर कचरे को प्रोसेस किया जा चुका है। अब सिर्फ दो से ढाई लाख क्यूबिक मीटर कचरा ही बाकी रह गया है।
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मेयर अनूप गुप्ता का कहना है कि निगम की तरफ से समय समय पर कंपनी के काम की समीक्षा की जाती है। हाल ही में उन्होंने खुद अधिकारियों के साथ साइट का दौरा किया था और देखा था कि कितना काम हुआ है। साइट पर काफी ज्यादा कचरे को प्रोसेस किया जा चुका है और वर्तमान में कई मशीनें एक साथ काम कर रही हैं, जिससे माना जा रहा है कि फरवरी के अंत तक शहर को कूड़े के पहाड़ से आजादी मिल जाएगी।
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15 जनवरी के बाद शुरू हो सकता है अस्थायी प्लांट
निगम के अनुसार शहर में रोजाना करीब 374 टीडीपी गीला कचरा उत्पन्न होता है, जिसमें से करीब 150-200 टीडीपी गीले कचरे को ही प्रोसेस किया जा रहा है। बाकी बचे कचरे को डंपिंग ग्राउंड में रोजाना गिराया जा रहा है। इस नए अस्थायी प्लांट में इसी बचे हुए कचरे को प्रोसेस किया जाएगा। निगम का दावा है कि यह प्लांट अस्थायी है और दो साल के लिए होगा क्योंकि इस बीच में निगम की तरफ से 550 टीडीपी का इंटीग्रेटेड प्लांट तैयार हो जाएगा। निगम की कोशिश है कि इस प्लांट को 15 जनवरी तक शुरू कर दिया जाए।
मेयर अनूप गुप्ता ने बताया कि प्लांट के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का काम एक अन्य कंपनी कर रही है। मशीनरी के लिए भी दूसरी कंपनी को काम सौंप दिया गया है। कोशिश है कि 15 जनवरी के बाद इसे शुरू कर दिया जाए।
14 महीने में 80 फीसदी काम पूरा : शीशपाल
डड्डूमाजरा में कूड़े के पहाड़ को हटाने का काम कर रही कंपनी के मालिक शीशपाल राणा ने बताया कि उन्हें 43 महीने में कचरे के पहाड़ को खत्म करने का टेंडर मिला है। उन्होंने पहले 14 महीने में ही 80 फीसदी तक का काम पूरा कर लिया है। बताया कि उन्हें 13 लाख 30 हजार क्यूबिक मीटर कचरे को प्रोसेस करने का टेंडर मिला था। ड्रोन सर्वे में 11 लाख 30 हजार क्यूबिक मीटर कचरा मिला।
शीशपाल ने बताया कि उनका अनुमान है कि अब डड्डूमाजरा में दो से ढाई लाख क्यूबिक मीटर कचरा ही बाकी रह गया है। वह अब तक करीब नौ लाख क्यूबिक मीटर के करीब कचरे को प्रोसेस कर चुके हैं। कूड़े के पहाड़ को हटाने का काम तेजी से चल रहा है। शीशपाल ने कहा कि जल्द कचरे के बाहर को खत्म कर दिया जाएगा।