नगर निगम चुनाव में ईवीएम से छेड़छाड़ का मामला पहुंचा हाईकोर्ट
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शहर में 18 दिसंबर को संपन्न निगम चुनाव में पार्टी विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए ईवीएम से छेड़छाड़ करने के आरोपों वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग, चंडीगढ़ प्रशासन, नगर निगम, डीसी व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मामले में याचिका दाखिल करते हुए पूर्व मेयर एचसी कल्याण ने दिसंबर माह में आयोजित निगम चुनाव को चुनौती देते हुए इसे रद्द करने की अपील की है।
याची ने कहा है कि चुनाव की जो प्रक्रिया इलेक्शन कमीशन ने निर्धारित की है, उसका पालन नहीं किया गया है। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद से ही लगातार एक पार्टी विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए कार्य किया गया।
इसके लिए ईवीएम से भी छेड़छाड़ की गई है। इस छेड़छाड़ के बारे में किसी को पता न चले, इसलिए कई आवश्यक प्रक्रियाओं को भी बायपास कर दिया गया।
याची ने बताया कि चुनाव से ठीक पहले याची को नोटिस मिला, जिसके तहत उन्हें ईवीएम को जांचना था। वे निर्धारित स्थान पर पहुंचे तो केवल एक ही ईवीएम पर दो डेमो दिए गए।
इस दौरान न तो याची के हस्ताक्षर लिए गए और न ही ईवीएम का नंबर उन्हें दिया गया। इसके साथ ही प्रावधानों के अनुसार सभी ईवीएम का रैंडम डैमो जरूरी है, पर ऐसा नहीं किया गया।
डीसी चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा तो कैसे कर सकता है चुनाव याचिका की सुनवाई
चुनाव के दिन भी बड़े स्तर पर धांधली हुई और याची को बूथ के अंदर जाने नहीं दिया गया। जब याची ने अंदर जाने का प्रयास किया तो बताया गया कि एजेंट पहले से ही मौजूद हैं।
वहीं कुछ न्यूज चैनलों का हवाला देते हुए बताया गया कि चुनाव की गिनती वाले दिन सुबह ही जब गिनती शुरू हुई तभी चैनलों ने उम्मीदवारों की जीत की खबर चला दी थी।
चुनाव के दौरान हुए इस सभी फर्जीवाड़े के खिलाफ याची को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी, क्योंकि इलेक्शन ट्रिब्यूनल पर चंडीगढ़ में कोई स्पष्ट स्थिति नहीं है। हरियाणा में इलेक्शन ट्रिब्यूनल में सिविल जज सीनियर डिविजन को नियुक्ति दी जाती है।
जबकि चंडीगढ़ में ठीक इससे उलट काम किया गया। ट्रिब्यूनल जिसे चुनाव प्रक्रिया के खिलाफ याचिका सुननी है, उसकी जिम्मेदारी डीसी को थमा दी गई।
डीसी चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा तो कैसे कर सकता है चुनाव याचिका की सुनवाई
याची ने कहा कि डीसी खुद चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा होता है, तो वह चुनाव याचिका की सुनवाई कैसे कर सकता है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए याची पक्ष की दलीलों पर यूटी प्रशासन, चुनाव आयोग, डीसी, एमसी चंडीगढ़ व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने प्रशासन, चुनाव आयोग और डीसी को आदेश दिए कि वे सभी ईवीएम को सील कर कस्टडी में ले। हालांकि हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकार इन्हें सील करने को हाईकोर्ट का इंप्रेशन न समझा जाए। अब डीसी के याचिका को सुनने पर भी प्रतिवादियों को हाईकोर्ट के नोटिस पर जवाब देना होगा।