फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   The case reached the High Court not to comply with court orders

कोर्ट के आदेशों की पालना न करने का मामला पहुंचा हाईकोर्ट

Sat, 28 Jan 2017 05:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 28 Jan 2017 05:34 PM IST
विज्ञापन
The case reached the High Court not to comply with court orders
कोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनीत वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए एनआईआईएफटी मोहाली के डीजी अर्शदीप सिंह ठिंड को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

विज्ञापन


मामले में सुनीत वर्मा की ओर से एडवोकेट विकास चतरथ ने हाईकोर्ट के समक्ष अवमानना याचिका पर याची का पक्ष रखते हुए कहा कि याचिकाकर्ता
ने 14 जनवरी 1996 में अकाउंटेंट के तौर पर एनआईआईएफटी में पद संभाला था।

इसके बाद उन्हें डेपुटेशन पर एनएबीआई भेज दिया गया था।एनएबीआई में सेवाओं के दौरान उनका चयन फाईनेंस ऑफिसर के तौर पर हुआ और उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

एनआईआईएफटी ने उनका इस्तीफा 14 सितंबर 2012 को स्वीकार कर लिया। इसके बाद उन्हें जो सेवाओं के लाभ जारी किए गए उसमें कई कटौतियां की गई। इसपर याची ने लीगल नोटिस भेजते हुए ग्रेचुटी, एसीपी 3, 2010-11 के एनुअल इंक्रीमेंट और 227 लीव इनकैशमेंट का लाभ मांगा। 

विज्ञापन

लाभ जारी करने अनियमित्ताओं के आरोप

The case reached the High Court not to comply with court orders
कोर्ट - फोटो : file photo

एनआईआईएफटी ने यह लाभ जारी करने सेइंकार कर दिया। इसके बाद याची ने हाईकोर्ट में दस्तक दी। हाईकोर्ट ने इस मामले में याची का पक्ष सुनने के बाद कहा था कि पेरेंट विभाग कर्मचारी केसेवाओं से इस्तीफा देने के बाद भी उसकी पूर्व की सेवाओं का लाभ नहीं रोक सकते हैं।

याचिकाकर्ता के दावों पर दोबारा विचार करते हुए तीन माह के भीतर उनको भुगतान करने के आदेश हाईकोर्ट ने जारी किए थे। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि इसमें देरी हुई तो ऐसी स्थिति में विभाग याचिकाकर्ता को 10 हजार रुपए का जुर्माना भी देगा।

इसके साथ ही याचिकाकर्ता की जो भी लंबित राशि है उसे 9 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान किया जाए। याची ने अवमानना याचिका दाखिल कर कहा कि उसे ग्रेच्युटी पर जो ब्याज दिया जा रहा है वह हाईकोर्ट के फैसले की तारीख से है जबकि उसे यह इस्तीफे की तिथि से मिलना चाहिए।

हाईकोर्ट ने एडवोकेट विकास चतरथ की दलीलें सुनने के बाद याचिका पर एनआईआईएफटी के डीजी को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed