चंडीगढ़ में यहां छिपी है चुनावी जीत की चाबी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में 10 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव में जीत का रहस्य 13 कालोनियों और 22 गांवों में छिपा है।
हर राजनीतिक दल का कालोनियों और गांवों में अपना अपना वोट बैंक है, लेकिन पिछले लोक सभा चुनावों की तुलना में इस बार राजनीतिक दलों का वोट बैंक बदल सकता है। इसकी वजह है कि कालोनियों में इस बार पुनर्वास योजना बड़ा मुद्दा बना हुआ है, जिन्हें इस योजना के तहत फ्लैट मिल गए वह तो मौजूदा सरकार से खुश हैं और जिन्हें फ्लैट नहीं मिले उनमें नाराजगी है।
ऐसे में कांग्रेस को यहां अपना वोट बैंक बचाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ रही हैं। कांग्रेस के उम्मीदवार पवन कुमार बंसल को कई जगह चुनाव प्रचार के दौरान लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा था।
भाजपा का फोकस
इस साल शहर के 6.19 लाख मतदाताओं में से लगभग 3.20 लाख मतदाता गांव और कालोनियों में है। यही वजह है कि सभी उम्मीदवारों ने प्रचार का फोकस सेक्टरों की तुलना में गांवों और कालोनियों में ज्यादा रखा है। कांग्रेस, बसपा और भाजपा का कालोनियों में बड़ा वोट बैंक है और आम आदमी पार्टी भी प्रयास में है।
कालोनियों में करीब दो लाख वोट
जानकारी के मुताबिक पिछले लोकसभा चुनावों में कालोनियों में करीब दो लाख वोट थे और यहां 72 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ था। सबसे ज्यादा वोट कांग्रेस को कालोनियों से 36 फीसदी वोट मिले थे जबकि बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार को 33 फीसदी वोट मिले थे। भाजपा को 19 फीसदी लोगों को वोट मिले थे।
कहां कितने मतदाता
बुड़ैल...............15, 894
मलोया...............6149
धनास...............28, 721
राम दरबार...............21, 724
कजहेड़ी...............14, 034
डड्डूमाजरा...............11, 942
मौली जागरां...............11, 787
बापू धाम कालोनी...............11, 942
कालोनी नंबर 5...............15, 652
हल्लोमाजरा...............9319
पलसोरा...............6298
रायपुर खुर्द...............4036
कैंबवाला...............2251
खुड्डा लाहौरा...............5183