डेपुटेशन पर नियुक्त शिक्षकों के लिए बुरी खबर, पीएमओ पहुंचा मामला
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शहर के सरकारी स्कूलों में सालों से डेपुटेशन पर नियुक्ति शिक्षकों के लिए बुरी खबर है। 5 साल से अधिक समय से पंजाब और हरियाणा राज्यों से डेपुटेशन पर यूटी के स्कूलों में तैनात शिक्षकों की कभी भी विदाई शुरू हो सकती है। शिक्षकों की डेपुटेशन का विवादित मामला प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है।
पीएमओ ने मामले में तुरंत कार्रवाई कर जवाब तलब किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय से चिट्ठी आने के बाद डेपुटेशन शिक्षक-प्रिंसिपल और यूटी प्रशासन के अधिकारियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। 15-20 सालों से जमे शिक्षकों की कभी भी मूल कैडर वापसी शुरू हो जाएगी।
यूटी कैडर एजुकेशनल इंप्लाइज यूनियन की शिकायत पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने यूटी प्रशासन से पूरे मामले में रिपोर्ट तलब की है। गौरतलब है कि यूटी शिक्षा विभाग के 110 सरकारी स्कूलों में 500 से अधिक शिक्षक और प्रिंसिपल तय सीमा से अधिक सालों से नौकरी कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग में हिमाचल, पंजाब और हरियाणा से लगातार डेपुटेशन पर शिक्षकों को बुलाता है, लेकिन एक बार यूटी में आने के बाद शिक्षक वापसी नहीं करते। कई शिक्षक तो 25 सालों से भी अधिक सर्विस डेपुटेशन पर पूरी कर रिटायर हो चुके हैं।
5 साल से अधिक सालों से जमे डेपुटेशन शिक्षकों की लिस्ट तैयार
डेपुटेशन नियमों के तहत एक शिक्षक अधिकतम 5 साल तक डेपुटेशन पर यूटी में नियुक्ति पा सकता है। शिक्षा विभाग की ओर से हाल ही में जारी सर्कुलर के तहत सभी डेपुटेशन शिक्षकों को हर साल एक्सटेंशन के लिए शिक्षा विभाग के पास आवेदन करना होगा।
5 साल से अधिक सालों से जमे डेपुटेशन शिक्षकों की लिस्ट तैयार :
डेपुटेशन शिक्षकों का मामला काफी गंभीर होता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार पीएमओ से चिट्ठी आने के बाद विभाग मामले की रिपोर्ट तैयार करने पहले पूरा रिकार्ड तैयार करने में जुट गया है।
शिक्षा सचिव के आदेश पर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल से 5 साल से अधिक समय से डेपुटेशन का कार्यकाल पूरा कर चुके सभी शिक्षकों का रिकार्ड तलब किया गया है। जानकारी अनुसार जल्द ही यूटीप्रशासन पंजाब और हरियाणा सरकार से डेपुटेशन कोटे की खाली सीटों के लिए आवेदन आमंत्रित करेगा।
पीएमओ की ओर से यूटी प्रशासन से ओवर स्टे शिक्षक और प्रिंसिपल के बारे में रिपोर्ट तलब की गई है। एडवाइजर ने कुछ रोज पहले मामले में कमेटी गठित कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। - स्वर्ण सिंह कंबोज, प्रेसिडेंट, यूटी कैडर इंप्लाइज यूनियन, चंडीगढ़
पूरे मामले में शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। डेपुटेशन मामले में नियमों को फोलो किया जाएगा। - रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर, स्कूल एजुकेशन यूटी