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Chandigarh News: दुश्मन के गढ़ में अब 100 किमी तक कड़ा प्रहार कर सकेगी सेना

Mon, 05 Jan 2026 07:41 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jan 2026 07:41 PM IST
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The army will now be able to launch powerful strikes up to 100 km into enemy territory.
-यूएवी से बढ़ी भारतीय सेना की डीप स्ट्राइक क्षमता
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-खड्गा कोर और चेन्नई के स्टार्टअप ने मिलकर तैयार किया इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर-प्रूफ यूएवी
-वेस्टर्न आर्मी कमांडर की मौजूदगी में सफल ऑपरेशनल परीक्षण
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मोहित धुपड़
चंडीगढ़। भारतीय सेना ने दुश्मन के गढ़ में गहरे प्रहार की क्षमता को और मजबूत करते हुए एक अत्याधुनिक अनमैन्ड एरियल व्हीकल (यूएवी) विकसित किया है। इस यूएवी के जरिये अब सेना दुश्मन के इलाके में 100 किलोमीटर तक सटीक हमला कर सकेगी। वेस्टर्न कमांड के अधीन खड्गा कोर की डीप स्ट्राइकर्स ईगल यूनिट और चेन्नई स्थित एक स्टार्टअप ने संयुक्त रूप से इस स्वदेशी यूएवी को तैयार किया है।
ड्रोन सरीखे इस मानव रहित हवाई वाहन से सेना की डीप स्ट्राइक क्षमता को नई धार मिलेगी। खास बात यह है कि यह यूएवी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर-प्रूफ है यानी दुश्मन के जैमिंग और इलेक्ट्रॉनिक हमलों का इस पर खास असर नहीं होगा। सेना के सूत्रों के मुताबिक यह प्रणाली आधुनिक युद्ध की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है।
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इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर में बड़ा कदम
पिछले कुछ वर्षों से भारतीय सेना इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में यह यूएवी विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य न केवल गहरे प्रहार की क्षमता बढ़ाना है बल्कि स्वदेशी युद्धक तकनीकों को भी मजबूती देना है। खड्गा कोर की जिम्मेदारी पश्चिमी सीमाओं से सटे संवेदनशील क्षेत्रों में सैन्य अभियानों की है। ऐसे में इस तरह के यूएवी का कोर के पास होना सामरिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
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खड्गा चक्र दिया गया नाम
खड्गा कोर ने इस यूएवी को खड्गा चक्र नाम दिया है। हाल ही में एक फील्ड फायरिंग रेंज में इसका सफल ऑपरेशनल परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान वेस्टर्न कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार मौजूद रहे। उन्होंने इसे ड्रोन तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और सेना की भविष्य की युद्ध तैयारियों के लिए इसे अहम करार दिया।

नहीं पकड़ पाएगा दुश्मन का जैमर
यह यूएवी लंबी दूरी की निगरानी, टोही और संभावित लक्षित अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी ऑपरेशनल रेंज लगभग 100 किलोमीटर है। यह एंटी-जैमिंग और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर प्रतिरोधी है जिससे दुश्मन के जैमर इसे ट्रैक नहीं कर पाएंगे। यूएवी दुश्मन के इलाके में काफी भीतर तक जाकर लक्ष्य को भेदने में सक्षम है।


पाइन वॉरियर्स का खतरनाक अभ्यास
खड्गा कोर की पाइन वॉरियर्स की घातक पलटन ने हाल ही में कठोर युद्धाभ्यास किया। जवानों ने करीब 70 किलोमीटर के दायरे में दौड़, जल बाधाएं पार करने, ठंड और अंधेरे में युद्धक साजो-सामान के साथ कठिन अभ्यास पूरे किए। दुर्गम इलाकों और इमारतों में छिपे आतंकियों से निपटने की रणनीति का भी अभ्यास किया गया।
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