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जीका वायरस की एडवाइजरी तो जारी कर दी, मरीज मिले तो बेड कहां से लाएंगे

Mon, 15 Nov 2021 09:00 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 15 Nov 2021 09:00 PM IST
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The advisory of Zika virus has been issued, where will the beds be brought if patients are found?
चंडीगढ़। कोरोना के बाद डेंगू और अब जीका वायरस का खतरा मंडराने से स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रशासन की चिंता बढ़ती जा रही है। स्थिति की गंभीरता देखते हुए विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दी है। डॉक्टरों व कर्मचारियों का कहना है कि डेंगू के कारण विभाग के पास पहले से मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड नहीं बचा, ऐसे में अगर जीका के मरीज भी सामने आने लगे तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाएगी। जीएमएसएच- 16 क ी इमरजेंसी से लेकर सभी वार्डों के बेड पहले से फुल हैं। वहीं, जीएमसीएच-32 में स्ट्रेचर पर भर्ती मरीजों को संभालना परेशानी का सबब बना हुआ है। प्रशासन ने डेंगू बुखार के मरीजों को ध्यान में रखते हुए सेक्टर- 48 के बंद पड़े 100 बेड के अस्पताल को भी खोल दिया, लेकिन उसका भी लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा।
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मौजूदा समय में शहर में डेंगू के मरीजों की संख्या 1204 पर पहुंच चुकी है। प्रतिदिन 25 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। महज नवंबर में 315 मरीज मिले हैं। तेजी से बढ़ते मरीजों से एक महीने से अस्पतालों में बेड की कमी जस की तस है। इस बीच जीका वायरस का खतरा मंडराने से विभाग की चिंताएं और बढ़ गई हैं। जीएमएसएच- 16 में 15 अक्तूबर को डेंगू और बुखार केलो प्लेटलेट्स वाले कुल 102 मरीज भर्ती थे। इन मरीजों को बेड की उपलब्धता के अनुसार इमरजेंसी, मेडिसिन, गाइनी, सर्जरी, ईएनटी, आर्थो में शिफ्ट किया गया है।
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48 में अब भी बेड खाली, जीएमसीएच में स्ट्रेचर की भरमार
जीएमसीएच 32 की स्थिति जस की तस बनी हुई है। सेक्टर- 48 के 100 बेड का अस्पताल खोलने के बावजूद जीएमसीएच- 32 की इमरजेंसी के स्ट्रेचर पर भर्ती मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही। जीएमसीएच में स्ट्रेचर पर भर्ती मरीज इलाज में अनदेखी के डर से सेक्टर- 48 के अस्पताल में शिफ्ट होने को तैयार नहीं। नतीजन अब भी सेक्टर- 48 में महज 12 और जीएमसीएच- 32 में डेंगू और बुखार के 275 मरीज भर्ती हैं।
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इनसेट-
क्या है जीका वायरस जानना जरूरी
- ये वायरस संक्रमित मच्छरों के जरिए इंसानों में फैलता है। 60 प्रतिशत रोगियों में कोई लक्षण नहीं आता है। इसे फैलाने वाला मच्छर चार मीटर तक ही उड़ सकता है।

- जीका वायरस संक्रमित एडीज मच्छरों के काटने से फैलता है। जीका वायरस संक्रमित गर्भवती महिला से उसके बच्चे को और खून के जरिए भी फैल सकता है।
- जीका वायरस से संक्रमित होने पर शरीर पर लाल चकत्ते, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, कंजक्शनवाइटिस और आंख लाल हो सकती है। आमतौर पर वायरस के लक्ष्य हल्के होते हैं।
- जीका संक्रमण से संक्रमित गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे में जन्म दोष और दूसरी तरह की न्यूरो संबंधी समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है।
कोट- कोरोना और डेंगू के साथ ही जीका से बचाव के लिए विभाग प्रत्येक स्तर पर तैयार है। अस्पतालों में बेड और कर्मचारियों की कमी जैसी स्थिति नहीं है।
-डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य
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