{"_id":"39880e87443852ad70d7cd15bb7484ce","slug":"terror-of-street-dogs-for-help-dial-100","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुत्तों के आतंक से बचना है तो डायल करें 100","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुत्तों के आतंक से बचना है तो डायल करें 100
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 31 May 2014 01:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुत्तों के आतंक के मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 100 पर शिकायत की व्यवस्था स्थापित करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
नगर निगम ने हाईकोर्ट में कहा था कि इस समस्या के लिए विशेष टोल फ्री नंबर के लिए दूरसंचार मंत्रालय को आग्रह किया गया है, लेकिन अभी तक यह नहीं मिला है।
ऐसे में हाईकोर्ट ने फिलहाल व्यवस्था होने तक 100 नंबर से काम चलाने को कहा है। कुत्तों के आतंक के मामले में हाईकोर्ट ने सेक्टर-19 के क्लीनिक में बंद पड़े एक सेंटर, मनीमाजरा और सेक्टर-38 के पशु चिकित्साल्य के दोबारा संचालन पर विचार करने के लिए निगम को निर्देश दिया है और साथ ही पूछा है कि वर्ष 2010 में बनाई गई नीति के सभी प्रावधानों की व्यवस्था कब तक शुरू होगी।
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सेक्टर-19 में कुत्ते के काटने से नवदीप गुप्ता नाम के एक व्यक्ति की मौत के मामले में भी जवाब तलब किया है।
उल्लेखनीय है कि नगर निगम ने कहा था कि पिछले चार सालों में कुत्ते के काटने का कोई मामला सामने नहीं आया, लेकिन याचिकाकर्ता ने पिछली सुनवाई के दौरान कहा था कि सेक्टर-19 में कुत्ते के काटने से एक व्यक्ति की मौत तक हो गई थी।
विज्ञापन