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चिकनगुनियाः 5 साल का तोड़ा रिकॉर्ड, बचाव ही इलाज, जानिए कैसे करें?
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Mon, 07 Nov 2016 04:07 PM IST
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चिकनगुनिया महामारी का रूप ले चुका है और पंचकूला जिले में तो इसने पिछले पांच साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। अभी नवंबर का पूरा महीना बाकी है, इसलिए बचाने के तरीके अपनाने शुरू कर दें।
डब्ल्यूएचओ और सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन, यूएसए के अनुसार, व्यक्ति के अंदर, मच्छर के काटने के करीब तीन से सात दिन के बाद इसके लक्षण दिखाई देते हैं।
चिकनगुनिया में अचानक से आ जाने वाले बुखार के साथ जोड़ों में दर्द महसूस होता है। इसके अलावा उसे सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सूखी उबकाई आना, थकान महसूस करना, त्वचा पर लाल रैशिज पड़ना जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
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चिकनगुनिया का कारण शोधकर्ताओं ने पाया है कि यह बीमारी भी उसी मच्छर के काटने से होती है, जो जीका और डेंगू के लिए जिम्मेदार हैं। अगर आपको ऊपर लिखे लक्षणों में से कोई भी समस्या हो तो तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें।
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डब्ल्यूएचओ और सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन, यूएसए के अनुसार, व्यक्ति के अंदर, मच्छर के काटने के करीब तीन से सात दिन के बाद इसके लक्षण दिखाई देते हैं।
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चिकनगुनिया में अचानक से आ जाने वाले बुखार के साथ जोड़ों में दर्द महसूस होता है। इसके अलावा उसे सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सूखी उबकाई आना, थकान महसूस करना, त्वचा पर लाल रैशिज पड़ना जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
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चिकनगुनिया का कारण शोधकर्ताओं ने पाया है कि यह बीमारी भी उसी मच्छर के काटने से होती है, जो जीका और डेंगू के लिए जिम्मेदार हैं। अगर आपको ऊपर लिखे लक्षणों में से कोई भी समस्या हो तो तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें।
ये हैं चिकनगुनिया के लक्षण
chikungunya
- फोटो : अमर उजाला
चिकनगुनिया के शुरुआती लक्षणों में से एक है तेज बुखार होना। चिकनगुनिया में बुखार 102 डिग्री सेल्सियस से लेकर 104 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। बुखार हफ्तेभर या दस दिनों तक भी बना रह सकता है। जोड़ों में तेज दर्द होना, इस बीमारी का एक प्रमुख लक्षण है।
जोड़ों में तेज दर्द होता है जिसकी वजह से हाथ-पैर का मूवमेंट करने में भी तकलीफ होती है। ये दर्द काफी दिनों तक बना रहता है. कुछ लोगों को जोड़ों में दर्द के साथ ही सूजन की शिकायत भी हो जाती है।
जरूरी नहीं है कि हर किसी के शरीर पर चकत्ते या रैशेज पड़ें ही लेकिन कुछ लोगों में ऐसे लक्षण भी नजर आते हैं. ये चकत्ते चेहरे पर, हथेली पर और जांघों पर नजर आते हैं।
तेज सिर दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द, चक्कर आना और उल्टी महसूस होना भी इस बीमारी के सामान्य लक्षण हैं. अगर ये लक्षण नजर आ रहे हैं तो सबसे पहले किसी अच्छे लैब से ब्लड टेस्ट कराएं और सही जगह रिपोर्ट चेक कराएं।
जोड़ों में तेज दर्द होता है जिसकी वजह से हाथ-पैर का मूवमेंट करने में भी तकलीफ होती है। ये दर्द काफी दिनों तक बना रहता है. कुछ लोगों को जोड़ों में दर्द के साथ ही सूजन की शिकायत भी हो जाती है।
जरूरी नहीं है कि हर किसी के शरीर पर चकत्ते या रैशेज पड़ें ही लेकिन कुछ लोगों में ऐसे लक्षण भी नजर आते हैं. ये चकत्ते चेहरे पर, हथेली पर और जांघों पर नजर आते हैं।
तेज सिर दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द, चक्कर आना और उल्टी महसूस होना भी इस बीमारी के सामान्य लक्षण हैं. अगर ये लक्षण नजर आ रहे हैं तो सबसे पहले किसी अच्छे लैब से ब्लड टेस्ट कराएं और सही जगह रिपोर्ट चेक कराएं।
क्या हैं बचाव और उपचार के तरीके
chikungunya test
चिकनगुनिया वायरस जनित बीमारी है और ये इंफेक्टेड Aedes मच्छरों के काटने से फैलता है। ऐसे में सबसे जरूरी है कि मच्छरों के काटने से बचकर रहें। अपने आस-पास सफाई रखें. पूरे कपड़े पहनें और सतर्क रहें।
होम्योपैथ में eupatperf 200 नाम की एक दवा है। ये दवा चिकनगुनिया होने की आशंका को कम करती है। आमतौर पर लोगों को लगता है कि चिकनगुनिया हो जाने पर अस्पताल जाना ही एकमात्र उपाय है, लेकिन ऐसा नहीं है।
डॉक्टर के संपर्क में रहना जरूरी है लेकिन घर पर रहते हुए भी इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। जरूरत है तो सिर्फ थोड़ी सावधानी और जानकारी की।
होम्योपैथ में eupatperf 200 नाम की एक दवा है। ये दवा चिकनगुनिया होने की आशंका को कम करती है। आमतौर पर लोगों को लगता है कि चिकनगुनिया हो जाने पर अस्पताल जाना ही एकमात्र उपाय है, लेकिन ऐसा नहीं है।
डॉक्टर के संपर्क में रहना जरूरी है लेकिन घर पर रहते हुए भी इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। जरूरत है तो सिर्फ थोड़ी सावधानी और जानकारी की।
चिकनगुनिया होने पर क्या करना चाहिए
chikungunya
चिकनगुनिया की कोई स्पेसिफिक मेडिसीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में डॉक्टर की दी हुई दवा ही लें। खुद से इलाज करने से बचें और कोई भी दवा न खाएं। इस वायरस के लिए कोई वैक्सीन भी उपलब्ध नहीं है। घर पर रहें और जितना ज्यादा हो सके आराम करें. इस दौरान आराम करना सबसे ज्यादा जरूरी है। चिकनगुनिया में अक्सर लोगों को डी-हाइड्रेशन की शिकायत हो जाती है।
ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लिक्विड लें. लिक्विड डाइट लेना भी फायदेमंद रहेगा। अगर आप किसी दूसरी बीमारी के लिए भी दवा ले रहे हैं तो अपने डॉक्टर को उसके बारे में जरूर बताएं। एक साथ दो तरह की दवाइयां लेना खतरनाक भी हो सकता है। उन चीजों को ज्यादा से ज्यादा लें जिनसे विटामिन सी मिले. विटामिन सी इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने का काम करता है।
बहुत अधिक ऑयली और स्पाइसी खाने से परहेज करें। नारियल पानी और सब्जियों का सूप जरूर लें. इस दौरान शरीर बहुत कमजोर हो जाता है, ऐसे में ये लिक्विड डाइट एनर्जी देने का काम करती है। आइस पैक को तौलिए में लपेटकर जोड़ों पर रखें और हल्के हाथों से दबाएं। इससे दर्द में फायदा होगा।
ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लिक्विड लें. लिक्विड डाइट लेना भी फायदेमंद रहेगा। अगर आप किसी दूसरी बीमारी के लिए भी दवा ले रहे हैं तो अपने डॉक्टर को उसके बारे में जरूर बताएं। एक साथ दो तरह की दवाइयां लेना खतरनाक भी हो सकता है। उन चीजों को ज्यादा से ज्यादा लें जिनसे विटामिन सी मिले. विटामिन सी इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने का काम करता है।
बहुत अधिक ऑयली और स्पाइसी खाने से परहेज करें। नारियल पानी और सब्जियों का सूप जरूर लें. इस दौरान शरीर बहुत कमजोर हो जाता है, ऐसे में ये लिक्विड डाइट एनर्जी देने का काम करती है। आइस पैक को तौलिए में लपेटकर जोड़ों पर रखें और हल्के हाथों से दबाएं। इससे दर्द में फायदा होगा।