{"_id":"5f1c79ad8ebc3e9f667565c1","slug":"tender-advertisement-toilet-short-deadline-company-advertisement-toilet-chandigarh-news-pkl382577248","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो के बजाय पांच साल के लिए होगा टॉयलेट पर विज्ञापन का टेंडर, कम समयसीमा के चलते विज्ञापन देने नहीं आ रही थी कोई कंपनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो के बजाय पांच साल के लिए होगा टॉयलेट पर विज्ञापन का टेंडर, कम समयसीमा के चलते विज्ञापन देने नहीं आ रही थी कोई कंपनी
विज्ञापन
चंडीगढ़। नगर निगम ने शहर के 55 टॉयलेट पर विज्ञापन के लिए शुक्रवार को टेंडर कर दिया। इस बार नगर निगम ने इसकी समयसीमा को दो साल से बढ़ाकर पांच साल किया है।
जानकारी के अनुसार कम समयसीमा होने के कारण कोई भी कंपनी प्रोजेक्ट में भाग नहीं ले रही थी। शहर के मुख्य स्थानों पर बने 55 टॉयलेट पर 11,304 वर्ग फुट जगह है। इस पर विज्ञापन लगने से निगम को हर साल 2 करोड़ का रेवेन्यू आना है, लेकिन कई बार टेंडर करने के बावजूद किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई है। अब निगम ने टेंडर में कुछ बदलाव किए हैं। टेंडर भरने वाली कंपनी से सात की जगह केवल 3 साल का ही अनुभव मांगा गया है। वहीं, नगर निगम रिजर्व प्राइज 2 हजार रुपये प्रति वर्ग फुट में 50 प्रतिशत की छूट भी दी है।
पहले टॉयलेट का रखरखाव करने वाली कंपनी को मिलती थी विज्ञापन की मंजूरी
आठ साल पहले तक नगर निगम पब्लिक टॉयलेट पर विज्ञापन करने की मंजूरी उस कंपनी को दे देता था जो पब्लिक टॉयलेट का रखरखाव करती थी। अब रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) या मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन (एमडब्ल्यूए) टॉयलेट का रखरखाव कर रहा है, इसलिए कंपनी को केवल विज्ञापन ही देखना है। इस समय निगम ने रखरखाव करने वाली एसोसिएशन का भी मासिक शुल्क बढ़ा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार कम समयसीमा होने के कारण कोई भी कंपनी प्रोजेक्ट में भाग नहीं ले रही थी। शहर के मुख्य स्थानों पर बने 55 टॉयलेट पर 11,304 वर्ग फुट जगह है। इस पर विज्ञापन लगने से निगम को हर साल 2 करोड़ का रेवेन्यू आना है, लेकिन कई बार टेंडर करने के बावजूद किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई है। अब निगम ने टेंडर में कुछ बदलाव किए हैं। टेंडर भरने वाली कंपनी से सात की जगह केवल 3 साल का ही अनुभव मांगा गया है। वहीं, नगर निगम रिजर्व प्राइज 2 हजार रुपये प्रति वर्ग फुट में 50 प्रतिशत की छूट भी दी है।
विज्ञापन
पहले टॉयलेट का रखरखाव करने वाली कंपनी को मिलती थी विज्ञापन की मंजूरी
आठ साल पहले तक नगर निगम पब्लिक टॉयलेट पर विज्ञापन करने की मंजूरी उस कंपनी को दे देता था जो पब्लिक टॉयलेट का रखरखाव करती थी। अब रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) या मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन (एमडब्ल्यूए) टॉयलेट का रखरखाव कर रहा है, इसलिए कंपनी को केवल विज्ञापन ही देखना है। इस समय निगम ने रखरखाव करने वाली एसोसिएशन का भी मासिक शुल्क बढ़ा दिया है।
विज्ञापन