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लोकसभा चुनाव के मैदान में बादल के दस सिपाही
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 07 Mar 2014 11:11 PM IST
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शिरोमणि अकाली दल ने लोकसभा चुनाव के लिए पंजाब की 10 सीटों से अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। इन उम्मीदवारों का अपना-अपना प्रभाव तथा रुतबा है। प्र्रस्तुत है, इससे संबंधित संक्षिप्त ब्यौरा :-
बठिंडा : यहां से शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष तथा पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल पार्टी प्रत्याशी हैं। हरसिमरत पिछले आम चुनाव में पहली बार मैदान में उतरीं और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे व कांग्रेस प्रत्याशी रणइंदर सिंह को बड़े अंतर से मात दी। बतौर लोकसभा सदस्य अपनी पहली पारी में हरसिमरत ने पंजाब व सिखों से संबंधित विभिन्न मसले मजबूती के साथ संसद में उठाए। वह अपने क्षेत्र में भी निरंतर सक्रिय रहीं।
संगरूर : यहां से शिरोमणि अकाली दल के सेक्रेटरी जनरल सुखदेव सिंह ढींडसा मैदान में हैं। राज्यसभा सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री ढींडसा उन अकाली दिग्गजों में से एक हैं, जिनका पार्टी में ऊंचा रुतबा है। सुखदेव सिंह ढींडसा यहां से 2004 के आम चुनाव में भी लोकसभा के लिए चुने गए थे। वहीं, उनके बेटे परमिंदर सिंह ढींडसा पंजाब के वित्त मंत्री हैं। दोनों पिता-पुत्र ने सीट निकालने केलिए पूरी ताकत झोंक रखी है।
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पटियाला : पटियाला से शिअद प्रत्याशी दीपइंदर सिंह ढिल्लों कभी केंद्रीय मंत्री परनीत कौर के खास थे। 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले तक दीपइंदर कांग्रेस में थे। विधानसभा क्षेत्र डेराबस्सी में परनीत कौर का सारा काम वही संभालते थे, लेकिन 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का टिकट न मिलने पर वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में डेराबस्सी से मैदान में उतरे और 51248 वोट ले गए। चुनाव के बाद वह शिअद में शामिल हो गए और उन्हें जिला योजना कमेटी पटियाला का चेयरमैन बना दिया गया। अब वह लोकसभा चुनाव में अकाली प्रत्याशी के रूप में किस्मत आजमा रहे हैं।
फतेहगढ़ साहिब : शिअद प्रत्याशी के रूप में यहां से कुलवंत सिंह नया चेहरा हैं। रियल एस्टेट कारोबारी कुलवंत नगर परिषद मोहाली (अब नगर निगम) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
पिछले चुनाव में फतेहगढ़ साहिब लोकसभा क्षेत्र से चरनजीत सिंह अटवाल शिअद प्रत्याशी थे। इस बार शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कुलवंत सिंह में अपना विश्वास व्यक्त किया है। अब देखना यह है कि टिकट पाकर सबको हैरान करने वाले कुलवंत सिंह क्या रंग दिखाते हैं?
श्री आनंदपुर साहिब : शिअद महासचिव प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा को इस बार पटियाला की बजाय श्री आनंदपुर साहिब से मैदान में उतारा गया है। पटियाला से दो बार लोकसभा चुनाव जीतने वाले चंदूमाजरा, पंजाब के पूर्व मंत्री भी हैं।
इस क्षेत्र में वह काफी पहले से सक्रिय हैं। पिछले आम चुनाव में शिअद प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा इस सीट से शिअद प्रत्याशी थे और हार गए थे। उनकी हार का कारण यह माना जाता है कि उनका प्रचार देरी से शुरू हुआ, लेकिन चंदूमाजरा का अभियान समय रहते शुरू हो चुका है।
जालंधर : शिअद ने इस बार जालंधर से पवन कुमार टीनू पर दांव खेला है। 2012 के विधानसभा चुनाव में टीनू ने आदमपुर से शिअद प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की थी। पहली ही बार विधायक बनने पर उन्हें मुख्य संसदीय सचिव भी बना दिया गया।
उन पर सुखबीर बादल का विश्वास इसी से झलकता है कि अब उन्हें लोकसभा क्षेत्र जालंधर से मैदान में उतार दिया गया है। पिछले चुनाव में हंस राज हंस यहां से शिअद प्रत्याशी थे। अब देखना है कि सुखबीर का नया तजुर्बा कितना कामयाब होता है।
खडूर साहिब : शिरोमणि अकाली दल ने अपने वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पुराने साथी रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा को खडूर साहिब से मैदान में उतारा है। ब्रह्मपुरा पंजाब के पूर्व मंत्री हैं, लेकिन 2012 के विधानसभा चुनाव में हार गए थे। इसके बावजूद पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए उनमें विश्वास व्यक्त किया है। यहां से मौजूदा लोकसभा सदस्य डॉ. रत्न सिंह अजनाला का टिकट काटकर उन्हें दिया गया है।
लुधियाना : शिरोमणि अकाली दल के युवा विधायक मनप्रीत सिंह अयाली लुधियाना जैसी महत्वपूर्ण सीट से पार्टी प्रत्याशी हैं। इस वक्त केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी इस लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
पिछले चुनाव में गुरचरन सिंह गालिब लुधियाना से शिअद प्रत्याशी थे, लेकिन इस बार शिअद ने एक यूथ नेता पर दांव खेला है। अयाली दाखा से विधायक हैं और क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक कार्यों के लिए उनका नाम है।
फिरोजपुर : शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने एक बार फिर शेर सिंह घुबाया में विश्वास जताया है। घुबाया पिछले लोकसभा चुनाव में भी फिरोजपुर सीट से शिअद प्रत्याशी थे और उन्होंने कांग्रेस के जगमीत सिंह बराड़ को हराया था।
इससे पहले घुबाया जलालाबाद से विधायक थे और उनके लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद सुखबीर सिंह बादल ने यहां से विधानसभा चुनाव लड़ा था। फिरोजपुर लोकसभा क्षेत्र उन तीन सीटों में से एक है, जिन पर शिअद उम्मीदवारों की घोषणा कोड ऑफ कंडक्ट लागू होने के बाद हुई।
फरीदकोट : इस सीट पर परमजीत कौर गुलशन एक बार फिर शिअद प्रत्याशी हैं। हालांकि, हाल ही में कांग्रेस से शिअद में शामिल हुए अजीत सिंह सांत को पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने की अटकलें भी अंत तक लगती रहीं, लेकिन टिकट गुलशन को ही मिला। गुलशन फरीदकोट से मौजूदा लोकसभा सदस्य हैं, जबकि 2003 के चुनाव में वह बठिंडा से जीती थीं। इस प्रकार वह तीसरी बार शिअद की टिकट पर किस्मत आजमाने जा रही हैं।
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बठिंडा : यहां से शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष तथा पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल पार्टी प्रत्याशी हैं। हरसिमरत पिछले आम चुनाव में पहली बार मैदान में उतरीं और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे व कांग्रेस प्रत्याशी रणइंदर सिंह को बड़े अंतर से मात दी। बतौर लोकसभा सदस्य अपनी पहली पारी में हरसिमरत ने पंजाब व सिखों से संबंधित विभिन्न मसले मजबूती के साथ संसद में उठाए। वह अपने क्षेत्र में भी निरंतर सक्रिय रहीं।
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संगरूर : यहां से शिरोमणि अकाली दल के सेक्रेटरी जनरल सुखदेव सिंह ढींडसा मैदान में हैं। राज्यसभा सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री ढींडसा उन अकाली दिग्गजों में से एक हैं, जिनका पार्टी में ऊंचा रुतबा है। सुखदेव सिंह ढींडसा यहां से 2004 के आम चुनाव में भी लोकसभा के लिए चुने गए थे। वहीं, उनके बेटे परमिंदर सिंह ढींडसा पंजाब के वित्त मंत्री हैं। दोनों पिता-पुत्र ने सीट निकालने केलिए पूरी ताकत झोंक रखी है।
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पटियाला : पटियाला से शिअद प्रत्याशी दीपइंदर सिंह ढिल्लों कभी केंद्रीय मंत्री परनीत कौर के खास थे। 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले तक दीपइंदर कांग्रेस में थे। विधानसभा क्षेत्र डेराबस्सी में परनीत कौर का सारा काम वही संभालते थे, लेकिन 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का टिकट न मिलने पर वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में डेराबस्सी से मैदान में उतरे और 51248 वोट ले गए। चुनाव के बाद वह शिअद में शामिल हो गए और उन्हें जिला योजना कमेटी पटियाला का चेयरमैन बना दिया गया। अब वह लोकसभा चुनाव में अकाली प्रत्याशी के रूप में किस्मत आजमा रहे हैं।
फतेहगढ़ साहिब : शिअद प्रत्याशी के रूप में यहां से कुलवंत सिंह नया चेहरा हैं। रियल एस्टेट कारोबारी कुलवंत नगर परिषद मोहाली (अब नगर निगम) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
पिछले चुनाव में फतेहगढ़ साहिब लोकसभा क्षेत्र से चरनजीत सिंह अटवाल शिअद प्रत्याशी थे। इस बार शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कुलवंत सिंह में अपना विश्वास व्यक्त किया है। अब देखना यह है कि टिकट पाकर सबको हैरान करने वाले कुलवंत सिंह क्या रंग दिखाते हैं?
श्री आनंदपुर साहिब : शिअद महासचिव प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा को इस बार पटियाला की बजाय श्री आनंदपुर साहिब से मैदान में उतारा गया है। पटियाला से दो बार लोकसभा चुनाव जीतने वाले चंदूमाजरा, पंजाब के पूर्व मंत्री भी हैं।
इस क्षेत्र में वह काफी पहले से सक्रिय हैं। पिछले आम चुनाव में शिअद प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा इस सीट से शिअद प्रत्याशी थे और हार गए थे। उनकी हार का कारण यह माना जाता है कि उनका प्रचार देरी से शुरू हुआ, लेकिन चंदूमाजरा का अभियान समय रहते शुरू हो चुका है।
जालंधर : शिअद ने इस बार जालंधर से पवन कुमार टीनू पर दांव खेला है। 2012 के विधानसभा चुनाव में टीनू ने आदमपुर से शिअद प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की थी। पहली ही बार विधायक बनने पर उन्हें मुख्य संसदीय सचिव भी बना दिया गया।
उन पर सुखबीर बादल का विश्वास इसी से झलकता है कि अब उन्हें लोकसभा क्षेत्र जालंधर से मैदान में उतार दिया गया है। पिछले चुनाव में हंस राज हंस यहां से शिअद प्रत्याशी थे। अब देखना है कि सुखबीर का नया तजुर्बा कितना कामयाब होता है।
खडूर साहिब : शिरोमणि अकाली दल ने अपने वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पुराने साथी रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा को खडूर साहिब से मैदान में उतारा है। ब्रह्मपुरा पंजाब के पूर्व मंत्री हैं, लेकिन 2012 के विधानसभा चुनाव में हार गए थे। इसके बावजूद पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए उनमें विश्वास व्यक्त किया है। यहां से मौजूदा लोकसभा सदस्य डॉ. रत्न सिंह अजनाला का टिकट काटकर उन्हें दिया गया है।
लुधियाना : शिरोमणि अकाली दल के युवा विधायक मनप्रीत सिंह अयाली लुधियाना जैसी महत्वपूर्ण सीट से पार्टी प्रत्याशी हैं। इस वक्त केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी इस लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
पिछले चुनाव में गुरचरन सिंह गालिब लुधियाना से शिअद प्रत्याशी थे, लेकिन इस बार शिअद ने एक यूथ नेता पर दांव खेला है। अयाली दाखा से विधायक हैं और क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक कार्यों के लिए उनका नाम है।
फिरोजपुर : शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने एक बार फिर शेर सिंह घुबाया में विश्वास जताया है। घुबाया पिछले लोकसभा चुनाव में भी फिरोजपुर सीट से शिअद प्रत्याशी थे और उन्होंने कांग्रेस के जगमीत सिंह बराड़ को हराया था।
इससे पहले घुबाया जलालाबाद से विधायक थे और उनके लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद सुखबीर सिंह बादल ने यहां से विधानसभा चुनाव लड़ा था। फिरोजपुर लोकसभा क्षेत्र उन तीन सीटों में से एक है, जिन पर शिअद उम्मीदवारों की घोषणा कोड ऑफ कंडक्ट लागू होने के बाद हुई।
फरीदकोट : इस सीट पर परमजीत कौर गुलशन एक बार फिर शिअद प्रत्याशी हैं। हालांकि, हाल ही में कांग्रेस से शिअद में शामिल हुए अजीत सिंह सांत को पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने की अटकलें भी अंत तक लगती रहीं, लेकिन टिकट गुलशन को ही मिला। गुलशन फरीदकोट से मौजूदा लोकसभा सदस्य हैं, जबकि 2003 के चुनाव में वह बठिंडा से जीती थीं। इस प्रकार वह तीसरी बार शिअद की टिकट पर किस्मत आजमाने जा रही हैं।