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टीचर्स का विरोध प्रदर्शन रंग लाया, विभाग ने मानी मांगें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 11 May 2016 10:03 PM IST
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टीचर्स का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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शिक्षकों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) ने अपनी मांगों के लिए जमकर नारेबाजी की। विरोध के बाद विभाग शिक्षकों की ज्यादातर मांगे मान ली गईं। जेएसी के कन्वीनर भाग सिंह कैरों और सेक्रेटरी रणबीर सिंह राणा ने बताया कि विभाग को एसएसए, कंप्यूटर टीचर्स, वीटी, एसटीसी और काउंसलर्स की सैलरी जल्द जारी करनी चाहिए। गर्मियों में कोई भी शिक्षक रिलीव नहीं किया जाना चाहिए।
गवर्नमेंट स्कूल पॉकेट नंबर-6 से निकाले गए छह कर्मचारियों को दोबारा नियुक्ति देने की मांग भी रखी। मिड डे मील कर्मचारियों को डीसी रेट देने, शिक्षकों के सभी कैडर शिक्षा विभाग में मर्ज करने, सभी कैडर में समान वेतन समान काम का सिद्धांत अपनाने की मांग भी उठाई। इसके अलावा एसएसए शिक्षकों की सैलरी जारी करने की मांग भी रखी।
बाद में विभाग के अधिकारियों से मिलकर लौटे शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि विभाग ने उनकी अधिकतर मांगें मान ली हैं। सैलरी देने के लिए लगभग साढ़े 8 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए हैं। इसके अलावा पॉकेट नंबर-6 के कर्मचारियों को दोबारा नियुक्ति देने पर भी सहमति जता दी है।
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गवर्नमेंट स्कूल पॉकेट नंबर-6 से निकाले गए छह कर्मचारियों को दोबारा नियुक्ति देने की मांग भी रखी। मिड डे मील कर्मचारियों को डीसी रेट देने, शिक्षकों के सभी कैडर शिक्षा विभाग में मर्ज करने, सभी कैडर में समान वेतन समान काम का सिद्धांत अपनाने की मांग भी उठाई। इसके अलावा एसएसए शिक्षकों की सैलरी जारी करने की मांग भी रखी।
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बाद में विभाग के अधिकारियों से मिलकर लौटे शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि विभाग ने उनकी अधिकतर मांगें मान ली हैं। सैलरी देने के लिए लगभग साढ़े 8 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए हैं। इसके अलावा पॉकेट नंबर-6 के कर्मचारियों को दोबारा नियुक्ति देने पर भी सहमति जता दी है।
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