फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Teachers in Chandigarh will prepare classes in schools from the waste of the house

शिक्षा: घर के वेस्ट से शिक्षक तैयार करेंगे स्कूलों में कक्षाएं, विभिन्न स्कूलों के 20 शिक्षकों दी गई ट्रेनिंग 

Sun, 05 Dec 2021 05:31 PM IST
भूपेंद्र सिंह कविता बिश्नोई, अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
कविता बिश्नोई, अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 05 Dec 2021 05:31 PM IST
सार

चंडीगढ़ में धनास प्राइमरी स्कूल में विभिन्न स्कूलों के 20 शिक्षकों ट्रेनिंग दी गई। शिक्षक ट्रेनिंग के दौरान घर से वेस्ट पेपर लाए।

विज्ञापन
Teachers in Chandigarh will prepare classes in schools from the waste of the house
प्रशिक्षण के दौरान कथा घर का कंसेप्ट समझाती ट्रेनर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ में घर में पुराने अखबार, पेपर, कार्ड बोर्ड, थर्मोकॉल, प्लास्टिक और कांच की बोतलों, टायरों और ट्यूब आदि का इस्तेमाल अब शिक्षक सरकारी स्कूलों में प्राइमरी की कक्षाएं डिजाइन करने और खिलौने बनाने में करेंगे। इसके लिए इस हफ्ते विभिन्न सरकारी स्कूलों के 20 शिक्षकों को धनास प्राइमरी स्कूल में ट्रेनिंग दी गई।

विज्ञापन


प्राइमरी स्कूल में शिक्षक बच्चों की तरह आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधियां सीखने के लिए उत्सुक दिखे। शिक्षक अपने घर से सभी पुराना सामान और वेस्ट लेकर आए और सभी के साथ मिलकर कक्षा में प्ले एंड सेंसरी कॉर्नर, सरगम कॉर्नर, खेल कॉर्नर, कबाड़ से जुगाड़, रंग-बिरंगी और कथाघर कॉर्नर बनाए। 
विज्ञापन


शिक्षा विभाग की ओर से नई शिक्षा नीति के अनुसार सभी स्कूलों में खेल खेल में शिक्षा के तहत किलकारी प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसमें हर सरकारी स्कूल में प्ले-व्ले कक्षाएं तैयार की जानी है। अभी धनास प्राइमरी स्कूल में कच्ची सड़क और अर्पण ट्रस्ट की ओर से प्ले-व्ले कक्षाएं तैयार की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके साथ ही आउटडोर प्ले-व्ले कक्षाएं भी बनाई गई है। इसी की तर्ज पर इस हफ्ते कच्ची सड़क की सदस्य मोनिका और फ्रैनी शहर के सरकारी स्कूल के शिक्षकों पुराने सामान और वेस्ट से प्राइमरी की प्ले-व्ले कक्षाएं तैयार करना सिखाई। मोनिका ने बताया कि कक्षाएं तैयार करने में हमारा कंसेप्ट है कि अधिक से अधिक सामान का रियूज किया जा सके और सभी सामान पर्यावरण के लिए सुरक्षित हो।

कक्षा में बच्चे के लिए हर तरह के क्रियात्मक खेल कॉर्नर, कहानी लिखने सुनाने का कॉर्नर, रंग-भरने का कॉर्नर, सेंसरी कॉर्नर, क्रियात्मक बोर्ड जिसमें बच्चे विभिन्न फलों और आकृतियों को बोर्ड पर चिपकाकर उनके नाम उनकी शक्ल के साथ पढ़ना सीखेंगे। 

कुल्फी डक्कों और पुराने अखबार से बनाया कहानीघर

शिक्षकों ने ट्रेनिंग के दौरान कुल्फी के डक्कों, पुराने अखबारों और कार्ड बोर्ड की कंटिग कर उसमें रंग भरकर विभिन्न तरह की पपेट बनाई हैं। इसके साथ ही विभिन्न तरह के कपड़ों से भी पपेट बनाकर बच्चों के लिए कहानीघर कॉर्नर तैयार किया है, जिसमें बच्चे हर तरह की पपेट को देखकर अपने मन के अनुसार कहानी बनाएं और अन्य बच्चों को सुनाएं। 

हाथ लगाकर बच्चे सीखेंगे विभिन्न तरह के स्पर्श का अहसास  

बच्चों के लिए एक सेंसरी कॉर्नर बनाया गया है। इसमें विभिन्न तरह की दालों, अलग-अलग तहर के कपड़ों के फेब्रिक, मिट्टी इत्यादि को लगाया गया है। इसमें शिक्षक बच्चों को छूकर महसूस विभिन्न तरह के पदार्थों और सामान का पता लगवाने की जानकारी देंगे। 

कार्डबोर्ड और कैन से तैयार किए संगीत इंस्ट्रूमेंट

शिक्षकों ने बच्चों के लिए संगीत कॉर्नर सरगम के लिए कार्डबोर्ड, कोल्ड ड्रिंक के कैन, लकड़ी इत्यादि का उपयोग कर ड्रम, डमरू और अलग-अलग साउंड पैदा करने वाले संगीत इंस्ट्रूमेंट बनाए हैं। इसमें बच्चे सभी को मिलाकर अपना संगीत बनाना सीखेंगे। पुराने टायरों के उपयोग से बच्चों के बैठने के साथ खेल के लिए झूले तैयार किए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed