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क्लास में शोर मचा रहे छात्र को डांटने की टीचर को मिली सजा, इतना पीटा कि पहुंच गया अस्पताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 10 Aug 2018 10:21 AM IST
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स्कूल में टीचर की पिटाई
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क्लास रूम में शोर मचा रहे छात्र को डांटना टीचर को महंगा पड़ गया। उसे इतना पीटा गया कि अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। समझौता हुआ तो टीचर भड़क गए। घटना चंडीगढ़ की है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों से मारपीट की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। वीरवार को गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-45 में 11वीं कक्षा के एक छात्र के अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया और क्लास में घुसकर शिक्षकों से मारपीट की।
मामला बस इतना था कि क्लास में छात्र काफी शोर मचा रहे थे और शिक्षक ने बच्चों को डांट दिया। इसी दौरान एक बच्चे ने अपने अभिभावकों को क्लास रूम से ही फोन कर दिया। फोन करने के कुछ देर बाद छात्र के परिजन कुछ साथियों के साथ स्कूल में आ धमके और हंगामा शुरू कर दिया। इतना ही नहीं 11वीं की क्लास में घुसकर टीचर को बुरी तरह पीटने लगे। यह देख जब एक शिक्षिका और बच्चे बचाव में आए तो उनसे भी मारपीट की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचित किया गया।
इसके बाद पुलिस स्कूल पहुंची और दोनों पक्षों को लेकर थाने ले गई। बताया जा रहा है कि थाने में शाम तक दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। हालांकि इस घटना से शिक्षकों में काफी रोष है और शिक्षक अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर हो गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि बीते 10 दिनों में शिक्षकों से मारपीट की यह दूसरी घटना है। अगर ऐसा ही रहा तो शिक्षक स्कूल में कैसे पढ़ाएंगे।
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इस संबंध में जब यूटी शिक्षा विभाग के डायरेक्टर रुबिंदरजीत सिंह बराड़ से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनको अभी मामले की पूरी जानकारी नहीं है। वह प्रिंसिपल से बात करेंगे। हालांकि इस मामले में समझौता होने की जानकारी उन्हें है। जब उनसे पूछा गया कि सरकारी स्कूलों में लगातार शिक्षकों से मारपीट की घटनाएं हो रही हैं, ऐसे में शिक्षकों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए प्रशासन की क्या योजना है तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि इस संबंध में गंभीरता से विचार चल रहा है। हम इस बारे में जल्द ही कुछ करेंगे।
धमकी के कारण पूरे दिन खौफ में रहे शिक्षक
वीरवार सुबह स्कूल में हुई मारपीट की घटना के बाद गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-45 के अन्य शिक्षक पूरे दिन खौफ में रहे। इतना ही नहीं स्कूल की छुट्टी के बाद भी शिक्षक स्कूल में ही नजर आए। सूत्रों की मानें तो इस मामले में शिकायत करने वाले छात्र के परिजनों व उनके सहयोगियों ने शिक्षकों को बाहर निकलकर देखने की धमकी दी थी।
30 जुलाई को सेक्टर-56 के स्कूल में शिक्षिका को छात्र ने मारा था थप्पड़
सरकारी स्कूल में मारपीट की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 30 जुलाई को गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-56 में 12वीं कक्षा के एक छात्र ने अपनी शिक्षिका को क्लासरूम में ही थप्पड़ मार दिया था। जिससे वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी थीं। बता दें कि स्कूलों में अब तक शिक्षकों से मारपीट के करीब आधे दर्जन मामले सामने आ चुके हैं। इसकी यूटी कैडर एजूकेशन इंप्लाइज यूनियन ने कड़ी निंदा की है।
यूनियन अध्यक्ष स्वर्ण सिंह कंबोज का कहना है कि कुछ महीने पहले सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-27 में 12वीं बच्चे ने क्लास में ही टीचर के मुंह पर मुक्का मारकर उन्हें लहूलुहान कर दिया था लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं गई। उन्होंने सरकारी स्कूल में शिक्षकों के साथ मारपीट की घटनाओं के संबंध में जल्द ही एसएसपी से मिलकर कड़ी कार्रवाई की मांग करने की बात कही। ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ टीचर्स ने भी इस मामले की कड़ी निंदा की है।
यूनियन अध्यक्ष भाग सिंह कैरो ने कहा कि इस तरह के मामले होने से वर्तमान समय में सरकारी स्कूल में शिक्षक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रशासन को जल्द ही शिक्षकों की सुरक्षा के लिए पुख्ता कदम उठाने होंगे।
शिक्षक ने क्लास रूम में छात्र को शरारत करने से रोका था। इसके बाद बच्चे ने तुरंत अपने परिजनों को फोन कर दिया। इसके बाद परिजन स्कूल में आ धमके और शिक्षकों से मारपीट की। परिजनों को अगर कोई शिकायत थी तो वह सीधे मुझ से मिल सकते थे।
-अनीता शर्मा, प्रिंसिपल, गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-45
स्कूल में शिक्षकों से मारपीट का मामला हुआ है। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई थी, मामले में समझौता हो गया है।
- अनुजीत कौर, जिला शिक्षा अधिकारी
आखिर बच्चे फोन लेकर कैसे पहुंच रहे क्लासरूम में
पूरे मामले में बड़ा सवाल यह है कि स्कूल में आखिर स्टूडेंट फोन लेकर कैसे पहुंच रहे हैं जबकि शिक्षा विभाग की ओर से सर्कुलर जारी कर स्कूल में छात्रों के मोबाइल लेकर आने पर बैन लगाया गया है। घटना से इस बात का भी खुलासा होता है कि सरकारी स्कूलों में छात्रों के मोबाइल लेकर आने संबंधी चेकिंग नहीं हो रही, जिसके कारण बच्चे स्कूल में मोबाइल लेकर बेरोकटोक पहुंच रहे हैं।
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मामला बस इतना था कि क्लास में छात्र काफी शोर मचा रहे थे और शिक्षक ने बच्चों को डांट दिया। इसी दौरान एक बच्चे ने अपने अभिभावकों को क्लास रूम से ही फोन कर दिया। फोन करने के कुछ देर बाद छात्र के परिजन कुछ साथियों के साथ स्कूल में आ धमके और हंगामा शुरू कर दिया। इतना ही नहीं 11वीं की क्लास में घुसकर टीचर को बुरी तरह पीटने लगे। यह देख जब एक शिक्षिका और बच्चे बचाव में आए तो उनसे भी मारपीट की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचित किया गया।
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इसके बाद पुलिस स्कूल पहुंची और दोनों पक्षों को लेकर थाने ले गई। बताया जा रहा है कि थाने में शाम तक दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। हालांकि इस घटना से शिक्षकों में काफी रोष है और शिक्षक अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर हो गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि बीते 10 दिनों में शिक्षकों से मारपीट की यह दूसरी घटना है। अगर ऐसा ही रहा तो शिक्षक स्कूल में कैसे पढ़ाएंगे।
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इस संबंध में जब यूटी शिक्षा विभाग के डायरेक्टर रुबिंदरजीत सिंह बराड़ से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनको अभी मामले की पूरी जानकारी नहीं है। वह प्रिंसिपल से बात करेंगे। हालांकि इस मामले में समझौता होने की जानकारी उन्हें है। जब उनसे पूछा गया कि सरकारी स्कूलों में लगातार शिक्षकों से मारपीट की घटनाएं हो रही हैं, ऐसे में शिक्षकों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए प्रशासन की क्या योजना है तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि इस संबंध में गंभीरता से विचार चल रहा है। हम इस बारे में जल्द ही कुछ करेंगे।
धमकी के कारण पूरे दिन खौफ में रहे शिक्षक
वीरवार सुबह स्कूल में हुई मारपीट की घटना के बाद गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-45 के अन्य शिक्षक पूरे दिन खौफ में रहे। इतना ही नहीं स्कूल की छुट्टी के बाद भी शिक्षक स्कूल में ही नजर आए। सूत्रों की मानें तो इस मामले में शिकायत करने वाले छात्र के परिजनों व उनके सहयोगियों ने शिक्षकों को बाहर निकलकर देखने की धमकी दी थी।
30 जुलाई को सेक्टर-56 के स्कूल में शिक्षिका को छात्र ने मारा था थप्पड़
सरकारी स्कूल में मारपीट की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 30 जुलाई को गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-56 में 12वीं कक्षा के एक छात्र ने अपनी शिक्षिका को क्लासरूम में ही थप्पड़ मार दिया था। जिससे वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी थीं। बता दें कि स्कूलों में अब तक शिक्षकों से मारपीट के करीब आधे दर्जन मामले सामने आ चुके हैं। इसकी यूटी कैडर एजूकेशन इंप्लाइज यूनियन ने कड़ी निंदा की है।
यूनियन अध्यक्ष स्वर्ण सिंह कंबोज का कहना है कि कुछ महीने पहले सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-27 में 12वीं बच्चे ने क्लास में ही टीचर के मुंह पर मुक्का मारकर उन्हें लहूलुहान कर दिया था लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं गई। उन्होंने सरकारी स्कूल में शिक्षकों के साथ मारपीट की घटनाओं के संबंध में जल्द ही एसएसपी से मिलकर कड़ी कार्रवाई की मांग करने की बात कही। ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ टीचर्स ने भी इस मामले की कड़ी निंदा की है।
यूनियन अध्यक्ष भाग सिंह कैरो ने कहा कि इस तरह के मामले होने से वर्तमान समय में सरकारी स्कूल में शिक्षक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रशासन को जल्द ही शिक्षकों की सुरक्षा के लिए पुख्ता कदम उठाने होंगे।
शिक्षक ने क्लास रूम में छात्र को शरारत करने से रोका था। इसके बाद बच्चे ने तुरंत अपने परिजनों को फोन कर दिया। इसके बाद परिजन स्कूल में आ धमके और शिक्षकों से मारपीट की। परिजनों को अगर कोई शिकायत थी तो वह सीधे मुझ से मिल सकते थे।
-अनीता शर्मा, प्रिंसिपल, गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-45
स्कूल में शिक्षकों से मारपीट का मामला हुआ है। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई थी, मामले में समझौता हो गया है।
- अनुजीत कौर, जिला शिक्षा अधिकारी
आखिर बच्चे फोन लेकर कैसे पहुंच रहे क्लासरूम में
पूरे मामले में बड़ा सवाल यह है कि स्कूल में आखिर स्टूडेंट फोन लेकर कैसे पहुंच रहे हैं जबकि शिक्षा विभाग की ओर से सर्कुलर जारी कर स्कूल में छात्रों के मोबाइल लेकर आने पर बैन लगाया गया है। घटना से इस बात का भी खुलासा होता है कि सरकारी स्कूलों में छात्रों के मोबाइल लेकर आने संबंधी चेकिंग नहीं हो रही, जिसके कारण बच्चे स्कूल में मोबाइल लेकर बेरोकटोक पहुंच रहे हैं।