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टावर पर टीचर : ‘दवा या इलाज नहीं नौकरी चाहिए, मेडिकल कराने से इनकार’
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 07 Dec 2016 01:20 PM IST
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टॉवर पर चढ़े टीचर
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नियुक्ति की मांग को लेकर टावर पर चढ़े ईटीटी शिक्षकों ने मेडिकल करवाने से साफ इनकार कर दिया है। शिक्षकों ने कहा कि हम स्वस्थ हैं, हमें दवा या इलाज नहीं नौकरी चाहिए। यह जानकारी एमिकस क्यूरी तनु बेदी ने कोर्ट की ओर से लिए गए स्वयं संज्ञान मामले में सुनवाई के दौरान दी।
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इस दौरान हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिए कि अगली सुनवाई से पहले 4500 और 2005 दोनों नियुक्तियों में रिक्त पदों के लिए प्रतीक्षा सूची को मेरिट के आधार पर तैयार करें। साथ ही डीपीआई को आदेश दिए कि वे जाकर शिक्षकों से मिलें और उन्हें नीचे आने के लिए मनाएं।
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मामले की सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट में पंजाब सरकार ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि ईटीटी के शिक्षकों के 852 पद रिक्त हैं। इन पदों में से 128 को खेल कोटे से भरा जा चुका है और 300
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से अधिक पद विभिन्न याचिकाओं के कारण आरक्षित किए गए हैं क्योंकि कोर्ट ने इन्हें भरने पर रोक लगाई है।
इसके साथ ही 449 ऐसे उम्मीदवार हैं, जिनका दोनों भर्तियों की चयन सूची में नाम है। इस पर कोर्ट की ओर से नियुक्त एमिकस क्यूरी तनु बेदी ने पंजाब सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो कार्य कुछ ही घंटों में किया जा सकता है, उसके लिए पंजाब सरकार लंबा समय लगा रही है। इस दौरान पंजाब सरकार ने कहा कि जिन आरक्षित पदों को अनारक्षित में बदलना है, उस प्रक्रिया में समय लगेगा।
चयनित उम्मीदवारों की सूची वेबसाइट पर डाले सरकार
हाईकोर्ट में पंजाब सरकार ने बताया कि प्रतीक्षा सूची को लगभग तैयार किया जा चुका है और इसे जल्द ही मुहैया करवा दिया जाएगा। इस पर हाईकोर्ट ने 449 उम्मीदवारों के नाम की सूची पर जवाब मांगा। हाईकोर्ट में यह सूची मुहैया करवा दी गई। हाईकोर्ट ने कहा कि इस सूची को बुधवार तक सरकार अपनी वेबसाइट पर डाले।
इस तरह आंखे नहीं मूंद सकती सरकार
टावर पर टीचर
- फोटो : अमर उजाला
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने बताया कि रिक्त पदों में से कुछ याचिकाओं के चलते पद भरने पर लगी रोक के कारण इन पदों को नहीं भरा जा सकता है। इसके साथ ही सरकार ने बताया कि स्टे हटाने के लिए कुछ मामलों में अर्जी दाखिल की जा चुकी है और कुछ मामले अभी बाकी हैं।
कोर्ट ने कहा कि सरकार इस तरह से शिक्षकों के मामले में आंखें मूंदे नहीं रह सकती है। पंजाब सरकार की अर्जी पर हाईकोर्ट ने इसे बुधवार को संबंधित मामलों के साथ सुनने के लिए लिस्ट करने के आदेश दिए हैं।
डीपीआई शिक्षकों को जाकर दे आश्वासन
एमिकस क्यूरी ने कोर्ट से अपील की कि पंजाब सरकार के किसी जिम्मेदार अधिकारी को शिक्षकों से मिलने और उन्हें आश्वासन देकर नीचे उतारने के प्रयास करने को कहा जाए। इसपर पंजाब सरकार के काउंसिल ने कहा कि शिक्षक सीएम से कम किसी से भी बात करने को तैयार नहीं है और सीएम को तो नहीं भेजा जा सकता है। हाईकोर्ट ने इस पर डीपीआई एलीमेंटरी एजुकेशन को निर्देश दिए कि वे जाकर शिक्षकों से मिले और उन्हें समझाएं।
एक भर्ती में नियुक्ति दे बाकी सीटें रिक्त करे सरकार
हाईकोर्ट को बताया गया कि 449 शिक्षकों का नाम दोनों सूची में है और नियुक्ति तो उन्हें एक में ही मिलनी है और ऐसे में उन्हें किसी एक ऑप्शन को चुनकर दूसरी सीट रिक्त करने को कहा जाए।
हाईकोर्ट ने इस पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा। पंजाब सरकार ने कहा कि वे पहले ही इस दिशा में काम कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने सरकार को एक सप्ताह का समय देते हुए यह प्रक्रिया पूरी कर प्रतीक्षा सूची में रिक्त पदों को शामिल कर इसके बारे में जानकारी देने को कहा।
पंजाब सरकार ने यह सौंपा हलफनामा
पंजाब सरकार की ओर से हलफनामे के माध्यम से जानकारी दी गई कि 2015 के विज्ञापन के जरिए 4500 पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया था। इनमें से 3648को भरा जा चुका है 852 पद खाली हैं। इनमें 536 पद पूर्व सैनिकों के हैं। ईटीटी 2005 पदों की नियुक्ति में 356 पद विभिन्न पदों के रिक्त हैं।
कोर्ट ने कहा कि सरकार इस तरह से शिक्षकों के मामले में आंखें मूंदे नहीं रह सकती है। पंजाब सरकार की अर्जी पर हाईकोर्ट ने इसे बुधवार को संबंधित मामलों के साथ सुनने के लिए लिस्ट करने के आदेश दिए हैं।
डीपीआई शिक्षकों को जाकर दे आश्वासन
एमिकस क्यूरी ने कोर्ट से अपील की कि पंजाब सरकार के किसी जिम्मेदार अधिकारी को शिक्षकों से मिलने और उन्हें आश्वासन देकर नीचे उतारने के प्रयास करने को कहा जाए। इसपर पंजाब सरकार के काउंसिल ने कहा कि शिक्षक सीएम से कम किसी से भी बात करने को तैयार नहीं है और सीएम को तो नहीं भेजा जा सकता है। हाईकोर्ट ने इस पर डीपीआई एलीमेंटरी एजुकेशन को निर्देश दिए कि वे जाकर शिक्षकों से मिले और उन्हें समझाएं।
एक भर्ती में नियुक्ति दे बाकी सीटें रिक्त करे सरकार
हाईकोर्ट को बताया गया कि 449 शिक्षकों का नाम दोनों सूची में है और नियुक्ति तो उन्हें एक में ही मिलनी है और ऐसे में उन्हें किसी एक ऑप्शन को चुनकर दूसरी सीट रिक्त करने को कहा जाए।
हाईकोर्ट ने इस पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा। पंजाब सरकार ने कहा कि वे पहले ही इस दिशा में काम कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने सरकार को एक सप्ताह का समय देते हुए यह प्रक्रिया पूरी कर प्रतीक्षा सूची में रिक्त पदों को शामिल कर इसके बारे में जानकारी देने को कहा।
पंजाब सरकार ने यह सौंपा हलफनामा
पंजाब सरकार की ओर से हलफनामे के माध्यम से जानकारी दी गई कि 2015 के विज्ञापन के जरिए 4500 पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया था। इनमें से 3648को भरा जा चुका है 852 पद खाली हैं। इनमें 536 पद पूर्व सैनिकों के हैं। ईटीटी 2005 पदों की नियुक्ति में 356 पद विभिन्न पदों के रिक्त हैं।