नियुक्ति पत्र मिलने पर माना टीचर, 51 दिन बाद टावर से उतरा
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पंजाब भवन में पिछले 51 दिन से मोबाइल टावर पर चढ़े ईटीटी पास बेरोजगार टीचर फाजिल्का निवासी दीपक शनिवार सुबह टावर से उतर गया। पिछले दो दिन से उसके रोजाना नीचे उतरने के कयास चल रहे थे, हालांकि दो दिन पहले देर रात वह उतरने को तैयार भी हो गया था, लेकिन बिना लिस्ट में नाम आए उसने उतरने से इंकार कर दिया था।
शुक्रवार को जारी लिस्ट में नाम आने के बाद शनिवार को उसे नियुक्ति पत्र दिखाया गया। इसके बाद वह नीचे उतर गया। दीपक को टावर से उतरते ही नियुक्ति का लेटर सौंपा गया।
फिलहाल उसे तरनतारन में कांट्रैक्ट बेस पर 10,400 रुपये की सैलरी पर नियुक्ति दी गई है। उसे 26 दिसंबर को नौकरी ज्वाइन करने को कहा गया है। वहीं टीचर यूनियन के नेताओं के अनुसार दीपक का नाम और तैनाती शनिवार सुबह 2 बजे फाइनल हुआ।
दीपक ने लिस्ट में नाम न आने पर कर दिया था इनकार
इसके बाद उसे नीचे उतारने का प्रयास किया गया, लेकिन लिफ्ट काम नहीं कर रही इस लिए सुबह तक का इंतजार करना पड़ा। सेक्टर-3 थाना एसएचओ पूनम दिलावरी के अनुसार सुबह करीब 10 बजे दीपक को नीचे उतार दिया गया था।
लिस्ट में नाम आने और ज्वाइनिंग लेटर देखने के बाद वह नीचे उतरने को तैयार हो गया। बता दें कि तीन नवंबर को फाजिल्का निवासी दीपक और गुरदासपुर निवासी राकेश नौकरी की मांग को लेकर पंजाब भवन के मोबाइल टावर पर चढ़े थे।
इसके बाद पंजाब सरकार ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की। इसके बाद 17 नवंबर को ईटीटी पास बठिंडा निवासी हरप्रीत कौर, रविंद्र कौर और मानसा निवासी तरन औलख भी हरियाणा सीएम आवास के पास कोठी नं 28 में लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गए थे।
इसके बाद पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार से जवाब मांगा था। नौकरी मिलने का आश्वासन मिलने के बाद 21 नवंबर को पुलिस ने तीनों टीचरों को नीचे उतारा था। वहीं पंजाब में टीचरों की भर्ती में नाम आने के बाद राकेश को मोबाइल टावर से नीचे उतारा गया था।