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लुधियाना में टैक्सी चालकों का बवाल: निजी गाड़ियों से कॉमर्शियल ढुलाई पर कार्रवाई न हुई तो काम बंद
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लुधियाना। लुधियाना में टैक्सी और कॉमर्शियल वाहन चालकों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को चालकों ने पुलिस कमिश्नर और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शिकायतें दर्ज करवाई और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपने वाहनों को खड़ा कर चाबियां प्रशासन को सौंप देंगे।
चालकों का आरोप है कि निजी गाड़ियों का धड़ल्ले से कॉमर्शियल इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे वैध परमिट वाली टैक्सियों का रोजगार प्रभावित हो रहा है। कई वाहन फर्जी आईडी और परमिट बनाकर सड़कों पर सवारियां ढो रहे हैं। जालंधर बाइपास, समराला चौक और शेरपुर चौक जैसे प्रमुख इलाकों में यह अवैध शेयरिंग सिस्टम बस और टैक्सी चालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है। ड्राइवर कुनाल ने कहा कि हम सरकार को टैक्स और परमिट फीस देते हैं, लेकिन प्रशासन की ढील के कारण अवैध वाहनों से हमारा रोजगार खतरे में है।
वैध परमिट वाली टैक्सियों को ही सवारियां ढोने की अनुमति
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांग केवल वैध परमिट वाली टैक्सियों को ही सवारियां ढोने की अनुमति देने की है। चालकों ने यह भी कहा कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी अवैध ऐप्स या निजी वाहनों को बढ़ावा देता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो वे सामूहिक रूप से काम बंद कर देंगे और अपने वाहन की चाबियां सीधे जिला प्रशासन को सौंपेंगे।
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चालकों का आरोप है कि निजी गाड़ियों का धड़ल्ले से कॉमर्शियल इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे वैध परमिट वाली टैक्सियों का रोजगार प्रभावित हो रहा है। कई वाहन फर्जी आईडी और परमिट बनाकर सड़कों पर सवारियां ढो रहे हैं। जालंधर बाइपास, समराला चौक और शेरपुर चौक जैसे प्रमुख इलाकों में यह अवैध शेयरिंग सिस्टम बस और टैक्सी चालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है। ड्राइवर कुनाल ने कहा कि हम सरकार को टैक्स और परमिट फीस देते हैं, लेकिन प्रशासन की ढील के कारण अवैध वाहनों से हमारा रोजगार खतरे में है।
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वैध परमिट वाली टैक्सियों को ही सवारियां ढोने की अनुमति
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांग केवल वैध परमिट वाली टैक्सियों को ही सवारियां ढोने की अनुमति देने की है। चालकों ने यह भी कहा कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी अवैध ऐप्स या निजी वाहनों को बढ़ावा देता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो वे सामूहिक रूप से काम बंद कर देंगे और अपने वाहन की चाबियां सीधे जिला प्रशासन को सौंपेंगे।
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