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Womens Day: जिमिंग का जुनून ऐसा छाया, मुश्किलों को पार करके बन गईं फिटनेस क्वीन
Wed, 04 Mar 2020 03:56 PM IST
खुशबू गोयल
आशीष वर्मा, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 04 Mar 2020 03:56 PM IST
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फिटनेस क्वीन प्रियंका
- फोटो : अमर उजाला
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क्या कभी महिलाओं को फिटनेस पर बात करते सुना है। शायद पांच से दस फीसदी महिलाएं होंगी, जो अपनी हेल्थ के प्रति जागरूक होती हैं। इनमें से उन महिलाओं की संख्या भी कम होगी, जिनमें फिटनेस का जुनून सवार रहता है। जिम जाना और फिर सिक्स पैक बनाना महिलाओं के लिए आसान नहीं होता।
जिमिंग से पहले उन्हें कई तरह के ताने सुनने पड़ते हैं। रिश्तेदारों के हंसी-मजाक को सहना पड़ता है। लेकिन जिस पर फिटनेस का भूत सवार होता है, उस पर ऐसी बातों का कोई असर नहीं दिखता। ऐसे लोगों का जिद्दीपन कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकता है। एक नजर डालते हैं कि कुछ की फिटनेस यात्रा पर। उन्हें जिम जाने की प्रेरणा कहां से मिली और किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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जिमिंग से पहले उन्हें कई तरह के ताने सुनने पड़ते हैं। रिश्तेदारों के हंसी-मजाक को सहना पड़ता है। लेकिन जिस पर फिटनेस का भूत सवार होता है, उस पर ऐसी बातों का कोई असर नहीं दिखता। ऐसे लोगों का जिद्दीपन कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकता है। एक नजर डालते हैं कि कुछ की फिटनेस यात्रा पर। उन्हें जिम जाने की प्रेरणा कहां से मिली और किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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हैवी वेट डेंटल सर्जन से बन गई फिटनेस एक्सपर्ट
नीलम जिंदल को देखने के बाद कोई भी उनकी भी उम्र का अंदाजा नहीं लगा सकता। मुंबई की रहने वाली नीलम की शादी 23 साल पहले हुई और वे पंचकूला में आकर रहने लगीं। पति-पत्नी दोनों डेंटिस्ट थे। इसलिए पंचकूला सेक्टर 15 में प्रैक्टिस करने लगे। साल 1998 में नीलम ने दो बेटियों को जन्म दिया। क्लीनिक और घर की भागदौड़ में व्यस्त होने के कारण नीलम का वजन 90 किलो पार हो गया। इतना ज्यादा कि एक मंजिल की सीढ़ी चढ़ना उनके भारी हो गया। सांस फूल जाती थी।
फिर भी इन लक्षणों का नीलम पर कोई फर्क नहीं पड़ा। मस्तमौला की तरह उनकी जिंदगी चलती रही। लेकिन एक दिन जब वे अपने पति के साथ लिफ्ट में जा रही थी, तभी उनके जान-पहचान के कुछ लड़के पहुंचे और उन्हें देखकर बोला कि हैलो आंटी। बस इसी शब्द ने नीलम की जिंदगी को बदल दिया। फिर उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने अपनी फिटनेस पर कुछ इस तरह से काम किया कि डेंटल प्रोफेशनल को पीछे छोड़ वे फिटनेस क्वीन बन गईं। इस समय वे बर्न जिम की सेंट्रल मैनेजर पर कार्यरत्त हैं।
शुरुआत चलने से की, बना डाले सिक्स पेक
नीलम ने फिटनेस पारी की शुरुआत सुबह शाम वॉकिंग से की। फिर जिम ज्वाइन कर अपने गोल फिक्स किए। एक साल में उन्होंने अपना वजन करीब 20 किलो कम कर डाला। वे यही नहीं रुकी। एक समय में वे अपना वजन 62 किलो में ले आईं और सिक्स पैक भी बनाएं। ट्रेनिंग के दौरान ही उन्होंने ऐरोबिक, योगा, न्यूट्रिशियन, भारत नट्यम और कत्थक में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। 18 से ज्यादा फिटनेस के क्षेत्र की उनके पास ट्रेनिंग हैं। प्रसिद्ध कोरियोग्राफर सरोज खान उन्हें बेस्ट क्लासिक्ल डांसर के तौर पर सम्मानित कर चुकी हैं।
खूब तानें सुने, लेकिन लक्ष्य से नहीं हटी
नीलम के मुताबिक जब वजन ज्यादा था तो लोग ताना मारते थे, जब जिम गई, तब भी लोगों ने ताना मारा कि घर तो संभल नहीं रहा, बॉडी बनाने जा रही हो। जब जिमिंग खूब करने लगीं तो लोग कहते थे कि इसका दिमाग हिल गया है। कुछ लोग यह भी कमेंट करते हैं कि ज्यादा डोले मत बनाओ, पुरुषों की तरह लगने लगोगी। इस तरह के कमेंट नीलम को सुनने पड़े हैं। इन सबसे बेफिक्र नीलम का कहना है कि उन्हें जो अच्छा लगता है, उसे करने में न तो कोई शर्म है और न ही कोई झिझक। फिटनेस की इस यात्रा में उनके पति और बच्चों ने भरपूर सहयोग किया।
फिर भी इन लक्षणों का नीलम पर कोई फर्क नहीं पड़ा। मस्तमौला की तरह उनकी जिंदगी चलती रही। लेकिन एक दिन जब वे अपने पति के साथ लिफ्ट में जा रही थी, तभी उनके जान-पहचान के कुछ लड़के पहुंचे और उन्हें देखकर बोला कि हैलो आंटी। बस इसी शब्द ने नीलम की जिंदगी को बदल दिया। फिर उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने अपनी फिटनेस पर कुछ इस तरह से काम किया कि डेंटल प्रोफेशनल को पीछे छोड़ वे फिटनेस क्वीन बन गईं। इस समय वे बर्न जिम की सेंट्रल मैनेजर पर कार्यरत्त हैं।
शुरुआत चलने से की, बना डाले सिक्स पेक
नीलम ने फिटनेस पारी की शुरुआत सुबह शाम वॉकिंग से की। फिर जिम ज्वाइन कर अपने गोल फिक्स किए। एक साल में उन्होंने अपना वजन करीब 20 किलो कम कर डाला। वे यही नहीं रुकी। एक समय में वे अपना वजन 62 किलो में ले आईं और सिक्स पैक भी बनाएं। ट्रेनिंग के दौरान ही उन्होंने ऐरोबिक, योगा, न्यूट्रिशियन, भारत नट्यम और कत्थक में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। 18 से ज्यादा फिटनेस के क्षेत्र की उनके पास ट्रेनिंग हैं। प्रसिद्ध कोरियोग्राफर सरोज खान उन्हें बेस्ट क्लासिक्ल डांसर के तौर पर सम्मानित कर चुकी हैं।
खूब तानें सुने, लेकिन लक्ष्य से नहीं हटी
नीलम के मुताबिक जब वजन ज्यादा था तो लोग ताना मारते थे, जब जिम गई, तब भी लोगों ने ताना मारा कि घर तो संभल नहीं रहा, बॉडी बनाने जा रही हो। जब जिमिंग खूब करने लगीं तो लोग कहते थे कि इसका दिमाग हिल गया है। कुछ लोग यह भी कमेंट करते हैं कि ज्यादा डोले मत बनाओ, पुरुषों की तरह लगने लगोगी। इस तरह के कमेंट नीलम को सुनने पड़े हैं। इन सबसे बेफिक्र नीलम का कहना है कि उन्हें जो अच्छा लगता है, उसे करने में न तो कोई शर्म है और न ही कोई झिझक। फिटनेस की इस यात्रा में उनके पति और बच्चों ने भरपूर सहयोग किया।
इतना वजन उठाती हूं कि लड़के भी नहीं उठा पाते
सेक्टर 20 की रहने वाली प्रियंका राही की कहानी भी कुछ ऐसी है। बीटेक करने के बाद वे आर्मी में जाना चाहती थी, लेकिन आर्मी के लिए उनकी बाडी फिट नहीं थी। वजन काफी कम था। वजन बढ़ाने के लिए उन्हें जिम ज्वाइन करना पड़ा। उस दौरान प्रियंका के अभिभावकों ने टोका कि क्या करोगी जिम जाकर। घर पर ही ये सब चीजे कर सकती हो। लेकिन प्रियंका का मन नहीं माना। उन्होंने जिम ज्वाइन किया और आर्मी में जाने की तैयारी शुरू कर दी। धीरे-धीरे वजन बढ़ने के साथ उनकी बाडी टोन होने लगी।
उसके बाद उन्हें जिम का ऐसा चस्का लगा कि आर्मी में जाने के बजाए अपनी फिटनेस को ही गोल बना दिया। आर्मी में जाने का इरादा उन्होंने टाल दिया। उनकी मेहनत उनके ऊपर दिखने लगी। प्रियंका के व्यवहार में जबरदस्त बदलाव आया। उनके अंदर आत्मविश्वास और किसी काम के प्रति जुनून उनमें दिखने लगा। पहले किसी से भी बात करने से शर्माने वाली प्रियंका अब एक मजबूत लड़की बन गई। फिटनेस और मेंटल हेल्थ में काफी इंप्रूव्मेंट आई है। परिवार वालों को भी अब फिटनेस की अहमियत समझ आने लगी।
प्रियंका के ऐब्स बनते ही उन्हें प्रमोशनल इवेंट के ऑफर आने लगे। कई नेशनल व इंटरनेशनल कंपनियों के प्रमोशनल इवेंट का वह हिस्सा बन चुकी हैं। जिमिंग के दौरान वे 78 किलो वजन उठा रही हैं। इतना वजन कई रेग्युलर जिम जाने वाले युवक भी नहीं उठा पाते। मॉडलिंग के साथ वे इंफ्लुऐंसर बन चुकी हैं। सोशल मीडिया का प्लेटफार्म आने के बाद इंफ्लुऐंसर की बड़ी डिमांड होने लगी है। इंफ्लुऐंसर उन्हें कहा जाता है, जो सोशल मीडिया में एक विषय पर नियमित रूप से अपनी पोस्ट फाइल करते हैं।
रोजाना दो घंटे जाती हैं जिम में
प्रियंका चार साल से जिमिंग कर रही हैं। वे रोजाना दो घंटे जिम में पसीना बहाती हैं। अब वे फिटनेस को लेकर इतनी संजीदा हो गई हैं कि उनका डाइट प्लानटेंड है। कब, कितना और किस समय खाना है, सबकुछ तय रहता है। घर वाले भी फिटनेस के लिए अवेयर हो गए हैं। लोगों के नजरिए में भी बदलाव आया है। अब जिमिंग टशन बन चुका है। उन्होंने जिम में जाने वाली लड़कियों को सलाह दी है कि वे जिम करें तो कुछ देर के लिए उसे अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं। भविष्य में उन्हें इसका काफी लाभ मिलेगा।
उसके बाद उन्हें जिम का ऐसा चस्का लगा कि आर्मी में जाने के बजाए अपनी फिटनेस को ही गोल बना दिया। आर्मी में जाने का इरादा उन्होंने टाल दिया। उनकी मेहनत उनके ऊपर दिखने लगी। प्रियंका के व्यवहार में जबरदस्त बदलाव आया। उनके अंदर आत्मविश्वास और किसी काम के प्रति जुनून उनमें दिखने लगा। पहले किसी से भी बात करने से शर्माने वाली प्रियंका अब एक मजबूत लड़की बन गई। फिटनेस और मेंटल हेल्थ में काफी इंप्रूव्मेंट आई है। परिवार वालों को भी अब फिटनेस की अहमियत समझ आने लगी।
प्रियंका के ऐब्स बनते ही उन्हें प्रमोशनल इवेंट के ऑफर आने लगे। कई नेशनल व इंटरनेशनल कंपनियों के प्रमोशनल इवेंट का वह हिस्सा बन चुकी हैं। जिमिंग के दौरान वे 78 किलो वजन उठा रही हैं। इतना वजन कई रेग्युलर जिम जाने वाले युवक भी नहीं उठा पाते। मॉडलिंग के साथ वे इंफ्लुऐंसर बन चुकी हैं। सोशल मीडिया का प्लेटफार्म आने के बाद इंफ्लुऐंसर की बड़ी डिमांड होने लगी है। इंफ्लुऐंसर उन्हें कहा जाता है, जो सोशल मीडिया में एक विषय पर नियमित रूप से अपनी पोस्ट फाइल करते हैं।
रोजाना दो घंटे जाती हैं जिम में
प्रियंका चार साल से जिमिंग कर रही हैं। वे रोजाना दो घंटे जिम में पसीना बहाती हैं। अब वे फिटनेस को लेकर इतनी संजीदा हो गई हैं कि उनका डाइट प्लानटेंड है। कब, कितना और किस समय खाना है, सबकुछ तय रहता है। घर वाले भी फिटनेस के लिए अवेयर हो गए हैं। लोगों के नजरिए में भी बदलाव आया है। अब जिमिंग टशन बन चुका है। उन्होंने जिम में जाने वाली लड़कियों को सलाह दी है कि वे जिम करें तो कुछ देर के लिए उसे अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं। भविष्य में उन्हें इसका काफी लाभ मिलेगा।