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सेहतमंद बजट: 2025 तक हरियाणा के हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य, सलाना खड़ी होगी 3035 डॉक्टरों की फौज

Tue, 08 Mar 2022 04:58 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 08 Mar 2022 04:58 PM IST
सार

हरियाणा में अब आयुष्मान भारत के पात्र मरीज ईएसआई अस्पतालों में इलाज ले सकेंगे। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने राज्य में आयुष्मान भारत के रोगियों के लिए कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआईसी) के तहत संचालित अस्पतालों में भुगतान के आधार पर इलाज पर सहमति प्रदान कर दी है।

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Target to open medical colleges in every district by 2025 in Haryana
हरियाणा बजट 2022

विस्तार

2022-23 के बजट में हरियाणा को सेहतमंद बनाने का रोडमैप पेश गया है। अस्पतालों में चल रही डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए हरियाणा सरकार ने हर साल 3035 नए एमबीबीएस तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 2025 तक हर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना करना है।

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वहीं, छोटे शहरों और गांवों में नए अस्पताल, नर्सिंग होम या क्लीनिक स्थापित करने के लिए निजी संस्थाओं को तीन वर्ष की अवधि के लिए दो प्रतिशत की दर से ब्याज सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही सहभागिता से मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल तैयार किए जाने हैं। 
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हरियाणा में कुल मेडिकल कॉलेजों की संख्या 13 है। इनमें पांच सरकारी, एक अर्ध सरकारी और छह निजी कॉलेज हैं और एमबीबीएस की सीटें 1810 हैं। बजट में हरियाणा सरकार ने हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने के साथ-साथ लोगों को बेहतर इलाज देने का अहम फैसला लिया। 
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अप्रग्रेड होंगे अस्पताल
बजट में जिला अस्पताल से 40 किलोमीटर की दूरी वाले उप मंडल के अस्पताल ऑक्सीजन आपूर्ति के प्रावधान के साथ कम से कम 100 बिस्तर के अस्पताल में अपग्रेड का प्रस्ताव है। अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और चयनित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को अपग्रेड किया जाएगा। पीएचसी को वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। जिला अस्पतालों में फिजियोथेरेपी इकाइयों के साथ वरिष्ठ नागरिक कार्नर शुरू किए जाएंगे। सुरक्षित रक्त की पर्याप्त आपूर्ति के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत रक्त संग्रह और भंडारा के लिए बुनियादी ढांचों के साथ मोबाइल इकाइयां शुरू की जाएंगी। इस प्रोजेक्ट को पूरे राज्य में शुरू किया जाएगा। 

ईएसआई अस्पतालों में भी इलाज करा सकेंगे 29 लाख पात्र 
अब आयुष्मान कार्ड धारक भी ईएसआई अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे। पहले यह सुविधा नहीं थी। आयुष्मान योजना में अब 1.80 लाख से कम आय वाले आयुष्मान योजना में शामिल होंगे। साथ ही इनकी वर्ष में एक बार निशुल्क सामान्य स्वास्थ्य जांच भी होगी। 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग (वार्षिक आय तीन लाख) वाले सभी को जिनकी सालाना आय तीन लाख या उससे कम है, उनको भी आयुष्मान योजना में शामिल किया जाएगा। ऐसे मामलों में राज्य सरकार अपने संशाधनों से खर्च वहन करेगी।

अब आयुष्मान योजना का लाभ लेने वालों की संख्या 15.50 लाख से बढ़कर 29 लाख हो जाएगी। इसके अलावा, आयुष्मान भारत के अस्पतालों के भुगतान को सरल करने को देय राशि का 75 प्रतिशत भुगतान अस्पताल के दावे के 75 दिन के अंदर होगा, शेष 15 प्रतिशत का भुगतान सत्यापन के बाद होगा। 

प्रशासनिक पदों पर नहीं होगी स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति
स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति नहीं दी जाएगी, बल्कि वे स्पेशलिस्ट केवल क्लीनिकल ड्यूटी करेंगे। सरकार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए अलग काडर बनाया है। इनके सेवा नियम और शर्ते अन्य डॉक्टरों से अलग होंगी। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में 40 प्रतिशत सीटें सरकारी सेवा के डॉक्टरों के लिए आरक्षित होंगे। साथ ही डीएनबी कोर्स 11 अस्पतालों से बढ़ाकर सभी में जिला अस्पतालों में शुरू किया जाएगा।

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