पंजाब का रण: सीट बंटवारे पर टूटी आप और किसानों की बात, 60 सीटें मांग रहा था किसान मोर्चा, दस सीट पर अड़ी आप
किसान आंदोलन फतेह करने के बाद पंजाब की 22 किसान जत्थेबंदियां चुनाव लड़ रही हैं। इसके लिए उनके द्वारा संयुक्त समाज मोर्चा का भी गठन किया है। जिसका प्रमुख किसानों ने किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल को घोषित किया है।
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पंजाब में हो रहे विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और किसानों के बीच गठबंधन को लेकर हो रही बातचीत टूटने की बड़ी वजह सामने आई है। दोनों के बीच सीट बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन पाने के कारण गठबंधन सिरे नहीं चढ़ पाया। संयुक्त समाज मोर्चा की ओर से 60 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग की जा रही थी, जिसको आप ने सिरे से खारिज कर दिया था। आप ने किसानों के लिए गठबंधन के तहत 10 सीटों का प्रस्ताव दिया था, जिसको किसानों ने ठुकरा दिया था।
किसान आंदोलन फतेह करने के बाद पंजाब की 22 किसान जत्थेबंदियां चुनाव लड़ रही हैं। इसके लिए उनके द्वारा संयुक्त समाज मोर्चा का भी गठन किया है। जिसका प्रमुख किसानों ने किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल को घोषित किया है। आंदोलन समाप्त होने के बाद किसानों की पंजाब में महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए आम आदमी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा किसानों के संयुक्त मोर्चा के साथ गठबंधन को लेकर चर्चा की गई। इसकी पुष्टि आप के नेता और किसान नेताओं के द्वारा भी की गई, लेकिन अब दोनों के बीच सीट बंटवारे पर बात नहीं बन पाने के कारण दोनों एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।
आप के करीबी सूत्रों ने बताया कि दोनों के बीच गठबंधन रद्द होने की बड़ी वजह सीट बंटवारा रही है। किसानों के मोर्चा के द्वारा आप से चुनाव में 60 सीटों पर लड़ने की मंशा जताई गई थी। जिस पर आप ने इनकार कर दिया था और उन्हें 10 सीटों का प्रस्ताव दिया था। पार्टी के इस प्रस्ताव को किसानों ने खारिज कर सूबे की 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है।
आप घोषित कर चुकी 109 प्रत्याशी
किसानों से बातचीत टूटने के बाद आम आदमी पार्टी लगातार प्रत्याशियों की घोषणा कर रही है। अब तक राज्य की 109 सीटों पर पार्टी अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। इनमें पंजाब के गायक, कलाकार, पूर्व अधिकारी और दूसरी पार्टियों से आए कुछ बड़े राजनीतिक चेहरों को पार्टी ने शामिल किया है।
एकजुट होने लगे किसान
आप के साथ बातचीत टूट जाने के बाद किसान एकजुट होना शुरू हो गए हैं। हरियाणा के किसान नेता गुरनाम चढ़ूनी भी संयुक्त संघर्ष पार्टी के साथ चुनाव मैदान में उतरे हुए हैं। हालांकि अब वह पंजाब की 22 किसान जत्थेबंदियों से बने संयुक्त समाज मोर्चा के साथ गठबंधन की तैयारी कर रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि सूबे को भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए हरियाणा और पंजाब के किसानों का एक होना जरूरी है।
पंजाब में किसानों का मजबूत आधार
पंजाब में किसानों का मजबूत आधार है। राज्य की 117 सीटों में 77 विधानसभा ऐसी सीटें हैं जो खेती-किसानी से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दल किसानों के चुनाव लड़ने पर उन्हें शुभकामनाएं देते नजर आ रहे हैं। कोई भी दल का नेता उन पर सीधे हमला नहीं कर रहा है।