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धुंध का फायदा उठाकर टंकी के बाद मोबाइल टावर पर चढ़े अध्यापक
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 10 Dec 2016 09:29 PM IST
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टावर पर चढ़े टीचर
- फोटो : अमर उजाला
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शनिवार को पड़ी धुंध का फायदा उठाकर अपनी मांगों को लेकर दो अध्यापक मोबाइल टावर पर पेट्रोल की बोतलों समेत चढ़ने में कामयाब हो गए।
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बस स्टैंड पर स्थित इस मोबाइल टावर पर अध्यापक यूनियन के दो सदस्य सतिंदर सिंह कंग तरनतारन और निशान कपूर कपूरथला शनिवार करीब तीन बजे धुंध का फायदा उठाते हुए टावर पर चढ़ गए और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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हालांकि पंजाब पुलिस द्वारा इलाके में पानी की टंकियों पर पुलिस कर्मचारियों का सख्त पहरा लगाया गया था। पुलिस को पहले से सूचना थी कि अध्यापक पानी की टंकी पर चढ़ेंगे।
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पर पानी की टंकी पर चढ़ने की बजाए वह मोबाइल टावर पर चढ़ गए। इनके मोबाइल टावर पर चढ़ने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और टावर के आसपास पुलिस बल तैनात हो गया है।
हिरासत में लिए गए अध्यापक
पुलिस
- फोटो : file photo
पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों द्वारा इनको मनाने की काफी कोशिश की गई पर टावर से उतरने के लिए नहीं माने। टावर पर चढ़े इन अध्यापकों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब-तक वह टावर से नीचे नहीं उतरेंगे।
शहीद किरणजीत कौर अध्यापक यूनियन के राज्य प्रधान दविंदर सिंह ने पत्रकारों को बताया कि पंजाब के शिक्षा मंत्री द्वारा प्री नर्सरी की मांग जो की सरकार द्वारा पहले से मानी हुई है परंतु लागू नहीं की गई जिसके विरोध में यह रोष प्रदर्शन किया जा रहा है।
पंजाब सरकार टाल- मटौल की नीति अपना रही है। हर बार इनके ओर से यही कहा जाता है की मामला कैबिनेट की बैठक में हल कर दिया जाएगा, परंतु किसी भी कैबिनेट की बैठक मैं इस संबंधी कोई हल नहीं निकाला गया। उन्होंने कहा कि यदि यूनियन की मांगो को शीघ्र माना नहीं गया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
हिरासत में लिए गए अध्यापक
खरड़ बस स्टैंड के पास मोबाइल टावर पर चढ़े अध्यापकों के बाद रेस्ट हाउस के साथ मैदान में धरना देने के लिए अध्यापकों ने एकत्र होना शुरू किया था। इसकी भनक पुलिस को लग गई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए करीब 20 अध्यापकों को धरना देने से पहले ही हिरासत में ले लिया।
शहीद किरणजीत कौर अध्यापक यूनियन के राज्य प्रधान दविंदर सिंह ने पत्रकारों को बताया कि पंजाब के शिक्षा मंत्री द्वारा प्री नर्सरी की मांग जो की सरकार द्वारा पहले से मानी हुई है परंतु लागू नहीं की गई जिसके विरोध में यह रोष प्रदर्शन किया जा रहा है।
पंजाब सरकार टाल- मटौल की नीति अपना रही है। हर बार इनके ओर से यही कहा जाता है की मामला कैबिनेट की बैठक में हल कर दिया जाएगा, परंतु किसी भी कैबिनेट की बैठक मैं इस संबंधी कोई हल नहीं निकाला गया। उन्होंने कहा कि यदि यूनियन की मांगो को शीघ्र माना नहीं गया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
हिरासत में लिए गए अध्यापक
खरड़ बस स्टैंड के पास मोबाइल टावर पर चढ़े अध्यापकों के बाद रेस्ट हाउस के साथ मैदान में धरना देने के लिए अध्यापकों ने एकत्र होना शुरू किया था। इसकी भनक पुलिस को लग गई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए करीब 20 अध्यापकों को धरना देने से पहले ही हिरासत में ले लिया।