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SYL मुद्दाः पूरा बंटवारा 60-40 के अनुपात में, तो पानी क्यों नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 22 Mar 2016 02:10 PM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि पंजाबी सूबा बनने केबाद पंजाब और हरियाणा के बीच सभी संसाधनों का बंटवारा 60-40 के अनुपात में हुआ था। फिर पानी इस अनुपात में क्यों नहीं बंटा। पानी के बंटवारे में यह अनुपात उल्टा कर दिया गया, जिससे पंजाब के साथ बड़ा अन्याय हुआ है।
पत्रकारों से बात करते हुए कैप्टन ने कहा कि बंटवार के बाद पंजाब को 105 लाख एकड़ जमीन और 8.5 एमएएफ पानी मिला। जबकि, हरियाणा को 80 लाख एकड़ जमीन और बारह एमएएफ पानी दे दिया गया। पानी अलॉट करते समय यमुना केपानी केबंटवारे पर फैसला नहीं किया गया।
आरोप लगाया कि सीएम प्रकाश सिंह बादल पानी के मुद्दे पर दोहरा खेल खेलते हैं। सदन में पंजाब का एक बूंद पानी न जाने देने का शोर मचाते हैं। पर केंद्र में भाजपा से मिल कर हरियाणा समर्थन करते हैं।
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विधानसभा में एसवाईएल की जमीन डी-नोटिफाई करने का बिल पास करवा कर बादल ने इसे राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए नहीं भेजा। जबकि, कांग्रेस ने 2004 में बिल पास करवाने के बाद उसी दिन राज्यपाल की मंजूरी ले ली थी। शाम को बिल नोटिफाई हो गया था। बादल ने जानबूझ कर देरी की, जिससे सुप्रीम कोर्ट को आदेश जारी करने को पर्याप्त समय मिल गया।
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पत्रकारों से बात करते हुए कैप्टन ने कहा कि बंटवार के बाद पंजाब को 105 लाख एकड़ जमीन और 8.5 एमएएफ पानी मिला। जबकि, हरियाणा को 80 लाख एकड़ जमीन और बारह एमएएफ पानी दे दिया गया। पानी अलॉट करते समय यमुना केपानी केबंटवारे पर फैसला नहीं किया गया।
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आरोप लगाया कि सीएम प्रकाश सिंह बादल पानी के मुद्दे पर दोहरा खेल खेलते हैं। सदन में पंजाब का एक बूंद पानी न जाने देने का शोर मचाते हैं। पर केंद्र में भाजपा से मिल कर हरियाणा समर्थन करते हैं।
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विधानसभा में एसवाईएल की जमीन डी-नोटिफाई करने का बिल पास करवा कर बादल ने इसे राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए नहीं भेजा। जबकि, कांग्रेस ने 2004 में बिल पास करवाने के बाद उसी दिन राज्यपाल की मंजूरी ले ली थी। शाम को बिल नोटिफाई हो गया था। बादल ने जानबूझ कर देरी की, जिससे सुप्रीम कोर्ट को आदेश जारी करने को पर्याप्त समय मिल गया।