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एसवाईएल मुद्दे के असल झगड़े की जड़ कांग्रेस : बादल
लखवीर सिंह लक्की/अमर उजाला, फतेहगढ़ साहिब।
Updated Sun, 27 Mar 2016 11:16 AM IST
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मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल जनरल बिक्रम सिंह को आरनेरी डाक्टर आफ विज्ञान की डिग्री से नवाजते हुए।
- फोटो : amarujala
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मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि एसवाईएल मुद्दा कांग्रेस की देन है और सारे झगड़े की जड़ कांग्रेस है। बादल शनिवार को गुरु ग्रंथ साहिब वर्ल्ड यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करने पहुंचे थे।
समारोह के समापन के बाद पत्रकारों से बातचीत में बादल ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के उस बयान का जिक्र किया जिसमें कैप्टन ने कहा था कि उन्होंने 2004 में विधान सभा में गवर्नर से दस्तखत करवाकर हरियाणा को पानी न देने का बिल पास करवाया था।
बादल ने कहा कि पानी बंटवारा भी कांग्रेस की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने करवाया था और उस समय केंद्र और पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी। उस समय के मुख्यमंत्री से इंदिरा गांधी ने पानी समझौते पर दस्तख्त करवा लिए थे। अगर कैप्टन ने 2004 में आकर अपनी सरकार के फैसले को बदल लिया तो इसमें हैरान होने की बात नहीं है। कांग्रेस ने ही एसवाईएल करार किया था और उसी ने रद्द करवा दिया। हम तो उस समय जेल में थे।
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बादल ने कहा कि पंजाब के पानी का बंटवारा तीन बार हुआ। सबसे पहले हिंद-पाक बंटवारे के समय हुआ था। अगर हमारा पानी ही चला गया तो पंजाब उजड़ जाएगा। बादल ने कहा कि एसवाईएल को सिर्फ किसानों से जोड़ना गलत होगा। यह पूरे पंजाब वासियों का मसला है। पानी की जरूरत जहां औद्योगिक तौर पर जरूरी है वहीं हर वर्ग के लिए यह अहम कुदरती स्त्रोत है। पानी पर उसी सूबे का हक होता है जहां से पानी गुजरता है। एक सवाल के जवाब में बादल ने कहा कि छह महीने के अंदर छह हजार अध्यापक और डॉक्टर भर्ती किए जाएंगे। इसके लिए विभागों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
इससे पहले चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेटी के चेयरमैन जनरल बिक्रम सिंह ने दीक्षांत समारोह का संदेश पढ़ा। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्व यूनिवर्सिटी के चांसलर अवतार सिंह मक्कड़ ने की जबकि यूजीसी के सचिव डॉ. जसपाल सिंह संधू ने आए मेहमानों का धन्यवाद किया। इसके बाद सीएम प्रकाश सिंह बादल, अवतार सिंह मक्कड़, वीसी डॉ. गुरमोहन सिंह वालिया ने विश्व यूनिवर्सिटी के 478 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की। 10 विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी मैडल से सम्मानित किया गया।
जनरल बिक्रम सिंह को ऑनरेरी डॉक्टर ऑफ विज्ञान की डिग्री और भगवंत सिंह दलावरी को ऑनरेरी डॉक्टर ऑफ लिटरेचर की डिग्री से नवाजा गया। सीएम ने दीक्षांत समारोह में डिग्रियां लेने आईं लड़कियों की संख्या ज्यादा देख खुशी जताई और उन्हें शुभकामना दी। इस मौके पर मंच संचालन रजिस्ट्रार डॉ. प्रितपाल सिंह ने किया। डीन अकादमिक मामले डॉ. कंवलजीत सिंह ने सभी अध्यापकों, विद्यार्थियों और गण्यमान्य लोगों का आभार व्यक्त किया।
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समारोह के समापन के बाद पत्रकारों से बातचीत में बादल ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के उस बयान का जिक्र किया जिसमें कैप्टन ने कहा था कि उन्होंने 2004 में विधान सभा में गवर्नर से दस्तखत करवाकर हरियाणा को पानी न देने का बिल पास करवाया था।
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बादल ने कहा कि पानी बंटवारा भी कांग्रेस की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने करवाया था और उस समय केंद्र और पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी। उस समय के मुख्यमंत्री से इंदिरा गांधी ने पानी समझौते पर दस्तख्त करवा लिए थे। अगर कैप्टन ने 2004 में आकर अपनी सरकार के फैसले को बदल लिया तो इसमें हैरान होने की बात नहीं है। कांग्रेस ने ही एसवाईएल करार किया था और उसी ने रद्द करवा दिया। हम तो उस समय जेल में थे।
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बादल ने कहा कि पंजाब के पानी का बंटवारा तीन बार हुआ। सबसे पहले हिंद-पाक बंटवारे के समय हुआ था। अगर हमारा पानी ही चला गया तो पंजाब उजड़ जाएगा। बादल ने कहा कि एसवाईएल को सिर्फ किसानों से जोड़ना गलत होगा। यह पूरे पंजाब वासियों का मसला है। पानी की जरूरत जहां औद्योगिक तौर पर जरूरी है वहीं हर वर्ग के लिए यह अहम कुदरती स्त्रोत है। पानी पर उसी सूबे का हक होता है जहां से पानी गुजरता है। एक सवाल के जवाब में बादल ने कहा कि छह महीने के अंदर छह हजार अध्यापक और डॉक्टर भर्ती किए जाएंगे। इसके लिए विभागों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
इससे पहले चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेटी के चेयरमैन जनरल बिक्रम सिंह ने दीक्षांत समारोह का संदेश पढ़ा। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्व यूनिवर्सिटी के चांसलर अवतार सिंह मक्कड़ ने की जबकि यूजीसी के सचिव डॉ. जसपाल सिंह संधू ने आए मेहमानों का धन्यवाद किया। इसके बाद सीएम प्रकाश सिंह बादल, अवतार सिंह मक्कड़, वीसी डॉ. गुरमोहन सिंह वालिया ने विश्व यूनिवर्सिटी के 478 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की। 10 विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी मैडल से सम्मानित किया गया।
जनरल बिक्रम सिंह को ऑनरेरी डॉक्टर ऑफ विज्ञान की डिग्री और भगवंत सिंह दलावरी को ऑनरेरी डॉक्टर ऑफ लिटरेचर की डिग्री से नवाजा गया। सीएम ने दीक्षांत समारोह में डिग्रियां लेने आईं लड़कियों की संख्या ज्यादा देख खुशी जताई और उन्हें शुभकामना दी। इस मौके पर मंच संचालन रजिस्ट्रार डॉ. प्रितपाल सिंह ने किया। डीन अकादमिक मामले डॉ. कंवलजीत सिंह ने सभी अध्यापकों, विद्यार्थियों और गण्यमान्य लोगों का आभार व्यक्त किया।