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व्यक्तिगत कार्यक्रम के लिए पार्क से उखाड़े झूले
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चंडीगढ़। सेक्टर-45 डी में निजी कार्यक्रम के लिए किसी ने पार्क में लगे खेल के उपकरण उखाड़कर एक तरफ रख दिए। उपकरणों को निकालने के लिए उन्हें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। उसके बाद खेल के उपकरण कहां गए, किसी को नहीं पता। बड़ी बात तो यह है कि इस कार्यक्रम की जानकारी न निगम के अधिकारियों को थी और न क्षेत्रीय पार्षद को। लोगों ने इसकी सूचना समस्या समाधान टीम को दी। टीम ने तत्काल नगर निगम को मामले की जानकारी दी।
सेक्टर-45 निवासी शिशुपाल सिंह ने बताया कि दस दिन पहले तक हाउस नंबर 3201 से 3216 के पास बने पार्क में खेल के उपकरण लगे थे। उसके बाद किसी ने अपने निजी कार्यक्रम के लिए पार्क में टेंट लगाया था। इसके लिए पार्क से खेल के उपकरण निकालकर साइड में रख दिए। निकालते समय उपकरण की हालत जर्जर कर दी गई थी। कुछ दिन तक तो उपकरण साइड में रखे रहे। उसके बाद से गायब हैं। इसकी जानकारी सेक्टर की समस्या समाधान टीम को दी गई। समस्या समाधान टीम के सदस्य क्रांति शुक्ला ने बताया कि नगर निगम को मामले की जानकारी दे दी गई है, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले में जब क्षेत्रीय पार्षद कवंरजीत राणा से जानकारी ली तो पता चला कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। इसके बाद हॉर्टिकल्चर विंग के एसई केपी सिंह से जानकारी ली तो उन्होंने भी मामले की जानकारी होने से मना कर दिया। टीम के सदस्यों का कहना है कि जल्द इस संबंध में कमिश्नर केके यादव से मिलकर शिकायत देंगे।
हमें लगा कि निगम से अनुमति ली है
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले पार्क में किसी ने टेंट लगाकर कोई व्यक्तिगत कार्यक्रम किया था। खेल के उपकरण जब निकाले जा रहे थे तो हमें लगा कि निगम से अनुमति ली होगी। उसके बाद जब उपकरण साइड में ही पड़े रहे और बाद में गायब हुए तो पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी हुई। अब किसी को पता ही नहीं कि कार्यक्रम किसका था और खेल के उपकरण कहां गए।
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पोर्टल और व्हाट्सएप नंबर पर की शिकायत
समस्या समाधान टीम के सदस्यों ने बताया कि जैसे ही घटना की जानकारी हुई तो निगम के ऑनलाइन पोर्टल और व्हाट्सएप नंबर पर सोमवार को घटना की जानकारी दी थी ताकि अधिकारी तत्काल मामले को संज्ञान में लें, लेकिन अब तक घटना के बारे में कोई पूछने तक नहीं आया है। बड़ी बात तो यह है कि अभी तक अधिकारियों को घटना के बारे में जानकारी तक नहीं है, जबकि ऑनलाइन समस्याओं को सुलझाने का दावा किया जाता है।
कोट
इस मामले के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। अगर ऐसा कुछ हुआ है तो वीरवार को ही मौके पर जाकर जानकारी ली जाएगी। साथ ही क्षेत्रीय लोगों से कार्यक्रम करने वाले और उपकरणों के बारे में पता लगाया जाएगा।
-केपी सिंह, हॉर्टिकल्चर विभाग
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सेक्टर-45 निवासी शिशुपाल सिंह ने बताया कि दस दिन पहले तक हाउस नंबर 3201 से 3216 के पास बने पार्क में खेल के उपकरण लगे थे। उसके बाद किसी ने अपने निजी कार्यक्रम के लिए पार्क में टेंट लगाया था। इसके लिए पार्क से खेल के उपकरण निकालकर साइड में रख दिए। निकालते समय उपकरण की हालत जर्जर कर दी गई थी। कुछ दिन तक तो उपकरण साइड में रखे रहे। उसके बाद से गायब हैं। इसकी जानकारी सेक्टर की समस्या समाधान टीम को दी गई। समस्या समाधान टीम के सदस्य क्रांति शुक्ला ने बताया कि नगर निगम को मामले की जानकारी दे दी गई है, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले में जब क्षेत्रीय पार्षद कवंरजीत राणा से जानकारी ली तो पता चला कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। इसके बाद हॉर्टिकल्चर विंग के एसई केपी सिंह से जानकारी ली तो उन्होंने भी मामले की जानकारी होने से मना कर दिया। टीम के सदस्यों का कहना है कि जल्द इस संबंध में कमिश्नर केके यादव से मिलकर शिकायत देंगे।
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हमें लगा कि निगम से अनुमति ली है
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले पार्क में किसी ने टेंट लगाकर कोई व्यक्तिगत कार्यक्रम किया था। खेल के उपकरण जब निकाले जा रहे थे तो हमें लगा कि निगम से अनुमति ली होगी। उसके बाद जब उपकरण साइड में ही पड़े रहे और बाद में गायब हुए तो पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी हुई। अब किसी को पता ही नहीं कि कार्यक्रम किसका था और खेल के उपकरण कहां गए।
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पोर्टल और व्हाट्सएप नंबर पर की शिकायत
समस्या समाधान टीम के सदस्यों ने बताया कि जैसे ही घटना की जानकारी हुई तो निगम के ऑनलाइन पोर्टल और व्हाट्सएप नंबर पर सोमवार को घटना की जानकारी दी थी ताकि अधिकारी तत्काल मामले को संज्ञान में लें, लेकिन अब तक घटना के बारे में कोई पूछने तक नहीं आया है। बड़ी बात तो यह है कि अभी तक अधिकारियों को घटना के बारे में जानकारी तक नहीं है, जबकि ऑनलाइन समस्याओं को सुलझाने का दावा किया जाता है।
कोट
इस मामले के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। अगर ऐसा कुछ हुआ है तो वीरवार को ही मौके पर जाकर जानकारी ली जाएगी। साथ ही क्षेत्रीय लोगों से कार्यक्रम करने वाले और उपकरणों के बारे में पता लगाया जाएगा।
-केपी सिंह, हॉर्टिकल्चर विभाग