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जानिए क्या है स्वाइन फ्लू, लक्षण और बचाव
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 21 Jan 2014 01:14 AM IST
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यह वायरस हवा के द्वारा या किसी के छूने से दूसरे व्यक्ति के शरीर में मुंह और नाक के जरिए प्रवेश करते हैं। दरवाजे, फोन, कीबोर्ड या रिमोट कंट्रोल के जरिए भी वायरस फैल सकते हैं, बशर्ते इन चीजों का इस्तेमाल संक्रमित व्यक्ति ने किया हो।
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जब ये लक्षण हों तभी करवाएं जांच
नाक का लगातार बहना, छींक आना, नाक जाम होना।
मांसपेशियां में दर्द या अकड़न महसूस करना।
सिर में भयंकर दर्द होना।
कफ और कोल्ड, लगातार खांसी आना।
बुखार होना, दवा खाने के बाद भी बुखार का लगातार बढ़ना।
गले में खराश होना और इसका लगातार बढ़ते जाना।
उल्टी, डिहाइड्रेशन और सांस लेने में दिक्कत आना।
सामान्य फ्लू से काफी अलग :
सामान्य फ्लू और स्वाइन फ्लू के वायरस में फर्क है। स्वाइन फ्लू में जुकाम बहुत तेज होता है और नाक बहती है। पीसीआर टेस्ट के माध्यम से ही यह पता चलता है कि किसी को स्वाइन फ्लू है। स्वाइन फ्लू होने के पहले 48 घंटों के भीतर इलाज शुरू हो जाना चाहिए। इसका पांच दिन का इलाज होता है, जिसमें मरीज को टेमीफ्लू दी जाती है।
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ये मरीज रहे सावधान
पांच साल से कम उम्र के बच्चे और गर्भवती महिलाएं
65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग और डायबिटीज मरीज
फेफड़ों, किडनी या दिल के मरीज
मस्तिष्क संबंधी (न्यूरोलॉजिकल) बीमारी मसलन, पार्किंसन
कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग
ऐसे लोग जिन्हें पिछले 3 साल में अस्थमा की शिकायत रही हो