बड़ी राहतः विधायक करण दलाल का निलंबन वापस, याचिका भी समाप्त, जानें क्या था मामला
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हरियाणा के पलवल से कांग्रेस विधायक करण सिंह दलाल का विधानसभा की कार्यवाही से एक साल के लिए निलंबन वापस हो गया है। निलंबन वापस होने के साथ ही दलाल की हाईकोर्ट में विचाराधीन याचिका समाप्त हो गई। क्योंकि, इसके बाद याचिका का कोई औचित्य नहीं बचा था। दलाल का निलंबन खत्म करने का फैसला विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में लिया गया।
स्पीकर कंवरपाल गुर्जर ने सरकार के अलावा बैठक में मौजूद सभी दलों के प्रतिनिधियों की राय जानी। सबके सहमत होने के बाद स्पीकर ने निलंबन वापसी का फैसला लिया। बीते मानसून सत्र में विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला और करण सिंह दलाल के बीच जूते निकलने के बाद स्पीकर ने दलाल को एक साल के लिए सदन की कार्यवाही में भाग लेने से निलंबित कर दिया था। हालांकि, इसके बाद भी दलाल विधानसभा की कमेटियों की बैठकों में भाग लेते रहे।
दलाल ने निलंबन को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर कोर्ट ने स्पीकर को शुक्रवार के लिए नोटिस देकर जवाब मांगा था। स्पीकर कंवर पाल ने हरियाणा के एडवोकेट जनरल से राय लेने के बाद बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की। बैठक में दलाल का निलंबन वापस करने पर सहमति बनने के बाद कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने सदन में यह मुद्दा उठाया।
किरण चौधरी ने स्पीकर से अनुरोध किया कि दलाल का निलंबन गलत तरीके से हुआ था, जिसे वापस लिया जाना चाहिए। किरण चौधरी के इन शब्दों पर सत्ता पक्ष के कई विधायकों ने आपत्ति जताई, मगर संसदीय कार्य मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने किरण चौधरी के अनुरोध को मानने का आग्रह स्पीकर से किया, जिसके बाद दलाल का निलंबन रद करते हुए उन्हें सदन कीकार्यवाही में भाग लेने के लिए बुला लिया गया।
प्रदर्शनी लगाने का निर्णय टाला : दलाल
करण सिंह दलाल ने निलंबन वापस होने पर विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह सरकार की जनविरोधी कार्यों की प्रदर्शनी लगाने के लिए सामान लेकर विधानसभा आए थे, लेकिन उन्हें कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में हुए निर्णय की सूचना दी, जिसके बाद उन्होंने सदन के बाहर प्रदर्शनी लगाने का फैसला टाल दिया। करण दलाल 11 बजकर 42 मिनट पर कार्यवाही में भाग लेने के लिए सदन के अंदर पहुंचे।