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Chandigarh : सिद्धू की रिहाई पर संशय, सीएम भगवंत मान ने जेल विभाग को लौटाई फाइल, राज्यपाल के पास भी नहीं भेजी
Thu, 26 Jan 2023 02:05 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 26 Jan 2023 02:05 AM IST
सार
मुख्यमंत्री ने बुधवार को जेल विभाग की सूची पर हस्ताक्षर नहीं किये और न ही इसे राज्यपाल के पास भेजा। पता चला है कि मुख्य सचिव कार्यालय के मार्फत फाइल जेल विभाग को लौटा दी गई है और प्रत्येक कैदी से संबंधित अलग-अलग फाइल भेजने को कहा गया है। इससे गणतंत्र दिवस पर नवजोत सिंह सिद्धू की रिहाई को लेकर असमंजस बरकरार है।
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नवजोत सिंह सिद्धू
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पटियाला सेंट्रल जेल में सजा काट रहे पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह की 26 जनवरी को 'आम माफी' के तहत होने वाली रिहाई पर संस्पेस बना है। जेल विभाग ने रिहा करने वाले कैदियों की जो सूची मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी थी, उसे जेल विभाग को लौटा दिया गया हैजबकि समर्थक दावा कर रहे हैं कि सिद्धू गणतंत्र दिवस को रिहा कर दिए जाएंगे। पटियाला, लुधियाना और अमृतसर में नवजोत सिद्धू के स्वागत की जोरदार तैयारियां की गई हैं।
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मुख्य सचिव कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, कैदियों की रिहाई पर राज्यपाल की अनुमति लेने के लिए प्रत्येक कैदी के बारे में अलग-अलग फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचनी जरूरी थी। इनमें रिहा किए जाने वाले प्रत्येक कैदी का पूरा विवरण दर्ज होता कि वह किस अपराध में सजा काट रहा है? अब तक सजा की कितनी अवधि पूरा कर चुका है? सजा के दौरान जेल में कैदी का आचरण और व्यवहार जेल स्टाफ और अन्य कैदियों के साथ कैसा रहा?
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मुख्यमंत्री ने बुधवार को जेल विभाग की सूची पर हस्ताक्षर नहीं किया और न ही इसे राज्यपाल के पास भेजा। पता चला है कि मुख्य सचिव कार्यालय के मार्फत यह फाइल जेल विभाग को लौटा दी गई है और प्रत्येक कैदी से संबंधित अलग-अलग फाइल भेजने को कहा गया है। इससे गणतंत्र दिवस पर नवजोत सिंह सिद्धू की रिहाई को लेकर असमंजस बरकरार है।
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जबकि नवजोत सिद्धू की सोशल मीडिया टीम ने दावा किया है कि सिद्धू 26 जनवरी को रिहा होंगे। टीम ने सोशल मीडिया पर एक रोड मैप जारी किया है। इसमें सिद्धू के जेल से रिहा होने के बाद उनके जुलूस मार्ग की जानकारी दी गई है।
रोडरेज मामले में सजा काट रहे सिद्धू
नवजोत सिद्धू को 1988 में रोडरेज के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक साल की सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, स्थानीय अदालत के सामने आत्मसमर्पण करने पर उन्हें 20 मई, 2022 को जेल भेज दिया गया था। देश में हर साल स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर 'अच्छे आचरण' वाले कैदियों को समय-पूर्व रिहा करने की परंपरा है। हालांकि इसके लिए कुछ नियम निर्धारित हैं, जिसमें संबंधित कैदी अपनी 66 फीसदी सजा पूरी कर चुका हो लेकिन निर्ममता से हत्या, गैंगरेप और रेप के अपराधियों को सजा में छूट नहीं दी जाती। नवजोत सिद्धू अपनी 68 फीसदी सजा पूरी कर चुके हैं और अपराध के मामले में वह साधारण कैदियों की श्रेणी में आते हैं।