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Hindi News ›   Chandigarh ›   Suresh kumar Special Chief Secretary of Amarinder Singh and Political Advisor Sandeep Sandhu resign

सियासत: अमरिंदर सिंह के बाद विशेष मुख्य सचिव सुरेश कुमार व राजनीतिक सलाहकार संदीप संधू ने भी दिया इस्तीफा

Sun, 19 Sep 2021 01:46 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 19 Sep 2021 01:46 AM IST
सार

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 15वीं पंजाब विधानसभा के मुख्यमंत्री के तौर पर 16 मार्च, 2017 को शपथ ली थी। शनिवार 18 सितंबर, 2021 को इस्तीफा देने तक उन्होंने इस पद पर 4 साल 6 माह और 28 दिन कार्य किया। वर्तमान में वह पंजाब विधानसभा 2022 के चुनाव की तैयारी में जुटे थे।

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Suresh kumar Special Chief Secretary of Amarinder Singh and Political Advisor Sandeep Sandhu resign
कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : फाइल

विस्तार

मुख्यमंत्री पद से कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद उनके विशेष मुख्य सचिव सुरेश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद देर शाम कैप्टन से राजनीतिक सलाहकार कैप्टन संदीप संधू ने भी अपने पद से इस्तीफा सरकार को सौंप दिया। शनिवार शाम 4:30 बजे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्यपाल को अपना और अपनी कैबिनेट का इस्तीफा सौंपा। दो घंटे 20 मिनट बाद ही राजभवन ने औपचारिक तौर पर पुष्टि कर दी कि राज्यपाल ने कैप्टन और उनके मंत्रिमंडल का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। 

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कैप्टन ने सुबह ही बना लिया था इस्तीफा देने का इरादा
कांग्रेस हाईकमान द्वारा पंजाब कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाने का फैसला लिए जाने के साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी मुख्यमंत्री पद छोड़ने पर गंभीरता से मंथन शुरु कर दिया था। शनिवार को पहले तो उन्होंने दोपहर दो बजे सिसवां स्थित अपने आवास पर समर्थक विधायकों की बैठक बुलाने का फैसला लिया लेकिन बाद में यह फैसला बदलते हुए वे चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर पहुंचे, जहां अपने खेमे के विधायकों के साथ बैठक की।
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सरकारी आवास पर कैप्टन के साथ उनकी पत्नी परनीत कौर के अलावा समर्थक मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा, राणा गुरमीत सिंह सोढी, विजय इंदर सिंगला, बलबीर सिंह सिद्धू, गुरप्रीत सिंह कांगड़, साधू सिंह धर्मसोत, सांसद गुरप्रीत सिंह औजला, रवनीत सिंह बिट्टू, संतोख सिंह चौधरी और करीब डेढ़ दर्जन विधायक मौजूद रहे। 
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अपने समर्थकों के साथ लंबे विचार विमर्श के बाद कैप्टन राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के लिए राजभवन रवाना हुए। इसी दौरान उनके पास हाईकमान के पर्यवेक्षक अजय माकन का फोन भी आया और उन्होंने कैप्टन से मिलने की इचछा जताई लेकिन कैप्टन ने मिलने से इंकार करते हुए राजभवन पहुंचना उचित समझा।


इस बीच, विधायक दल की बैठक के मद्देनजर पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ को पार्टी हाईकमान ने चेन्नई से चंडीगढ़ बुला लिया था। शनिवार को जाखड़ ने ट्वीट कर राहुल गांधी के पंजाब संबंधी फैसले का स्वागत किया। हालांकि ट्वीट में उन्होंने फैसले के बारे में खुल कर कुछ नहीं लिखा। वहीं, जाखड़ को लेकर यह कयास लगाए जा रहे थे कि शाम पांच बजे कांग्रेस भवन में उन्हें विधायक दल का नेता चुन लिया जाएगा और कैप्टन के स्थान पर जाखड़ मुख्यमंत्री बनाए जाएंगे। 

कब-क्या क्या हुआ

  • देर रात कैप्टन के स्टाफ को मिली सीएलपी (विधायक दल) की जानकारी
  • सुबह 9 बजे कैप्टन को स्टाफ ने दी इसकी जानकारी
  • कैप्टन ने एक घंटे बाद 10 बजे सोनिया गांधी को किया फोन
  • सोनिया से बात होने के बाद कैप्टन ने स्टाफ को इस्तीफे की तैयारी करने को कहा
  • दो बजे से सिसवां में समर्थकों की बुलाई बैठक
  • दिल्ली से इनकार होने पर चंडीगढ़ आवास पर की बैठक
  • तीन बजे इस्तीफे का प्रारूप तैयार, राज्यपाल से मिलने का समय मांगा
  • 4.30 बजे का मिला समय, पांच बजे पीसी कर इस्तीफे की दी जानकारी
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