चंडीगढ़ मेयर चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- यह लोकतंत्र की हत्या, रिटर्निंग अधिकारी पर चलाया जाना चाहिए मुकदमा
चंडीगढ़ मेयर चुनाव मामले की सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने रिटर्निंग अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र का मजाक करार दिया। अगली सुनवाई तक चंडीगढ़ नगर निगम में कोई बैठक नहीं करने का भी निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ मेयर चुनाव मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रिटर्निंग अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि यह स्पष्ट है कि रिटर्निंग अधिकारी ने मतपत्रों को नष्ट किया है। कोर्ट ने सवाल पूछा कि क्या इसी तरह से चुनाव का आयोजन होता है? यह लोकतंत्र का मजाक है। यह जनतंत्र की हत्या है। पूरे मामले से हम हैरान हैं। इस अधिकारी पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। क्या यह रिटर्निंग अधिकारी का व्यवहार है?
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से मतपत्र, वीडियोग्राफी और अन्य सामग्री समेत चुनाव प्रक्रिया के पूरे रिकॉर्ड को संरक्षित करने का आदेश दिया। वहीं अगली सुनवाई तक चंडीगढ़ निगम की आगामी बैठक को टालने का निर्देश भी दिया।
भाजपा के मनोज सोनकर ने जीता था चुनाव
30 जनवरी को हाईकोर्ट के आदेश पर चंडीगढ़ मेयर चुनाव हुआ था। इसमें भाजपा प्रत्याशी मनोज सोनकर ने चार मतों से जीत दर्ज की थी। भाजपा के पास कुल 14 पार्षद थे। वहीं एक मत सांसद किरण खेर का था। भाजपा प्रत्याशी को कुल 16 वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस-आप प्रत्याशी को 12 मत मिले थे। जबकि गठबंधन के पास कुल 20 मत थे। चुनाव के दौरान आठ मतों को अमान्य करार दिया गया था। इस वजह से मेयर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी।वायरल हुआ था मतपत्रों से छेड़छाड़ का कथित वीडियो
हाईकोर्ट के आदेश पर चुनाव प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी की गई थी। कुछ समय बाद पीठासीन अधिकारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें वह कथित रूप से मतपत्रों पर पेन चलाते दिख रहे हैं। इसके बाद आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने भाजपा पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा। मगर हाईकोर्ट ने कोई राहत नहीं दी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।Chandigarh mayoral polls: Supreme Court slams Returning Officer who held the Chandigarh Mayor elections and says it is obvious that Returning Officer has defaced the ballot papers.
— ANI (@ANI) February 5, 2024
Supreme Court says, "Is this the way he conducts the elections? This is a mockery of democracy.…
Chandigarh mayoral polls | Supreme Court orders preservation of entire record of the election process including ballot papers, videography and other material through Registrar General of Punjab and Haryana High Court.
— ANI (@ANI) February 5, 2024
Supreme Court directs that the ensuing meeting of the…