फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Supreme Court reserves verdict on petition of Balwant Singh Rajoana

Punjab News: पूर्व CM बेअंत सिंह के हत्यारे राजोआना की दया याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुरक्षित

Fri, 03 Mar 2023 12:25 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 03 Mar 2023 12:25 AM IST
सार

राजोआना ने सुप्रीम कोर्ट में दो साल पहले याचिका दाखिल करते हुए बताया था कि उसे पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में ट्रायल कोर्ट ने 2007 में दोषी करार दिया था। इसके बाद उसने ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

विज्ञापन
Supreme Court reserves verdict on petition of Balwant Singh Rajoana
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या में फांसी की सजा पाए बलवंत सिंह राजोआना की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। राजोआना ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदले जाने की गुहार लगाई थी। राजोआना ने अपनी अर्जी में कहा है कि उसकी दया याचिका 2012 से लंबित है। केंद्र सरकार उसकी याचिका पर लंबे समय तक फैसला नहीं ले पाई है। वह 27 साल से जेल में है। यह उसके मौलिक अधिकार का भी उल्लंघन है। याची व अन्य पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस विक्रम नाथ व जस्टिस संजय करोल की बेंच ने याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया।

विज्ञापन


याचिकाकर्ता ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के उस निर्णय का भी पालन करवाने का निर्देश जारी करने की अपील की है, जिसमें उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील करना था। याची ने बताया कि केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि श्री गुरु नानक देव जी के 550 वें प्रकाश पर्व पर उसे रिहा कर दिया जाएगा। राजोआना ने सुप्रीम कोर्ट में दो साल पहले याचिका दाखिल करते हुए बताया था कि उसे पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में ट्रायल कोर्ट ने 2007 में दोषी करार दिया था। इसके बाद उसने ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने 2010 में उसकी अपील को खारिज करते हुए मौत की सजा के फैसले को बरकरार रखा था। याची ने बताया की मौत के फैसले के खिलाफ उसकी दया याचिका 2012 से लंबित थी लेकिन इस पर फैसला लेने में असामान्य देरी की गई जिसका जिम्मेदार याचिकाकर्ता नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed