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मुस्तफा की याचिका सुनने से SC का इंकार, कहा- हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश दिया, अभी चल रही सुनवाई
Sat, 08 Feb 2020 01:49 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 08 Feb 2020 01:49 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : social media
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सुप्रीम कोर्ट ने डीजीपी बनने के इच्छुक आईपीएस अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा की स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) को सुनने से इनकार दिया। इसमें उन्होंने दिनकर गुप्ता को पंजाब का डीजीपी नियुक्त किए जाने के खिलाफ कैट के आदेश पर रोक लगाने वाले पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। केंद्रीय प्रशासकीय ट्रिब्यूनल (कैट) ने डीजीपी दिनकर गुप्ता की नियुक्ति को खारिज कर दिया था। कैट के इस फैसले पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 21 जनवरी को रोक लगा दी थी।
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जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस अबुल नजीर की बेंच ने याचिका को यह कहते हुए सुनने से इनकार कर दिया कि हाईकोर्ट ने इस मामले में फिलहाल अंतरिम आदेश दिया है। अभी मामले पर सुनवाई 26 फरवरी को होनी है। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्तफा के वकील पीएस पटवालिया से याचिका वापस लेने को कहा। इसके बाद उन्होंने याचिका वापस ले ली। वहीं अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया केके वेणुगोपाल और पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार इस मामले को हाईकोर्ट में लड़ेगी और इस पर बहस करेगी।
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लंबी तारीख पर उठाए थे सवाल
सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में मुस्तफा ने मुख्य तौर पर हाईकोर्ट द्वारा कैट के फैसले के खिलाफ अपील की सुनवाई के लिए दी गई लंबी तारीख पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि वह फरवरी 2021 में सेवामुक्त होने वाले हैं। प्रकाश सिंह केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार डीजीपी के तौर पर चुने जाने वाले उम्मीदवार का न्यूनतम बचा हुआ कार्यकाल छह महीनों का होना चाहिए। मुस्तफा ने एसएलपी में कहा था कि अगर विवाद जारी रहने दिया जाता है और याचिकाकर्ता के चयन पर अगस्त 2020 तक विचार नहीं किया जाता तो ट्रिब्यूनल के समक्ष सफल होने के बावजूद भी वे पूरी चयन प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे।
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