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चंडीगढ़ में बिजली विभाग के निजीकरण की टेंडर प्रक्रिया का रास्ता साफ, हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
Wed, 13 Jan 2021 03:38 PM IST
निवेदिता वर्मा
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 13 Jan 2021 03:38 PM IST
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चंडीगढ़ बिजली विभाग के निजीकरण के लिए जारी टेंडर पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाते हुए टेंडर जारी करने का रास्ता साफ कर दिया है। साथ ही हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाली यूनियन को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
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चंडीगढ़ के बिजली विभाग के निजीकरण के यूटी प्रशासन के निर्णय को यूटी पावरमैन यूनियन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी थी। यूनियन ने हाईकोर्ट को बताया था कि चंडीगढ़ में बिजली उसके पड़ोसी राज्यों की तुलना काफी सस्ती है। चंडीगढ़ का बिजली विभाग लगातार मुनाफे में है। इसके बावजूद शहर के बिजली विभाग का निजीकरण किया जा रहा है।
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हाईकोर्ट को बताया गया था कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने 17 अप्रैल को एक पत्र जारी कर बिजली विभाग के निजीकरण के लिए प्रस्ताव मांगे थे। 5 जून को याचिकाकर्ता ने सुझाव दिया था कि शहर का बिजली विभाग बेहतर काम कर रहा है। इसके निजीकरण की जरूरत नहीं है। इसके बाद भी लगातार आपत्तियां दर्ज करवाई गई।
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चंडीगढ़ प्रशासन ने 10 नवंबर को एक पब्लिक नोटिस जारी कर शहर के बिजली विभाग को निजी हाथों में देने के लिए कंपनियों से बोली मंगवा ली। याचिकाकर्ता यूनियन ने प्रशासन के इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए इसे रद्द करने की मांग की थी।
याची ने कहा था कि हाईकोर्ट में इस याचिका के विचाराधीन रहते निजीकरण की पूरी प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने 1 दिसंबर को निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट के इस आदेश को अब प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के 1 दिसंबर के आदेश पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ता यूनियन को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।