फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Supreme Court Eyesight on State Governments Effort for Road Safety

रोड सेफ्टी: सरकारें कितना फंड दे रहीं और कैसे हो रहा खर्च, अब सुप्रीम कोर्ट कमेटी रखेगी नजर

Wed, 15 Jan 2020 12:20 PM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 15 Jan 2020 12:20 PM IST
विज्ञापन
Supreme Court Eyesight on State Governments Effort for Road Safety
सांकेतिक तस्वीर
रोड सेफ्टी से जुड़े अभियानों को और प्रभावशाली बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी पूरी तरह से गंभीर है। सभी राज्यों में रोड सेफ्टी से जुड़े अभियान किस तरह चल रहे हैं। संबंधित प्रदेश सरकारें रोड सेफ्टी के लिए कितना फंड जारी कर रही है और क्या ये फंड सही ढंग से उपयोग हो पा रहा है या नहीं। इस स्थिति पर अब सुप्रीम कोर्ट की ये विशेष कमेटी पूरी नजर रखेगी।
विज्ञापन


इसका मकसद यह है कि रोड सेफ्टी के लिए राज्य सरकारें पर्याप्त फंड जारी करें और उस फंड का सदुपयोग भी हो, ताकि सड़क हादसों में मरने व घायल होने वालों की संख्य कम हो सके। उल्लेखनीय है कि पिछले चार सालों में हरियाणा में 20319 लोगों की सड़क हादसों में जान जा चुकी है और 40252 लोग घायल हुए हैं। इस संदर्भ में इस विशेष कमेटी ने संबंधित दिशा निर्देश सभी राज्यों के मुख्य सचिवों, परिवहन आयुक्तों समेत रोड सेफ्टी से जुड़े आला अफसरों को भेजे हैं।
विज्ञापन


मुख्य सचिवों की ओर से इससे जुड़ी रिपोर्ट निश्चित समय के बाद विशेष कमेटी को भेजी जाएगी। जिसके आंकलन के बाद कमेटी ये तय करेगी कि राज्यों में रोड सेफ्टी पर कितनी गंभीरता से काम चल रहा है। हरियाणा सरकार भी रोड सेफ्टी को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। हरियाणा परिवहन विभाग को इस संदर्भ में लीड एजेंसी बनाया गया है। लगभग दस ऐसे सरकारी विभाग जो विभिन्न माध्यमों से सड़क सुरक्षा से जुड़े हैं, वे सभी इस लीड एजेंसी से संबंद्ध हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रदेश सरकार विभिन्न मद में रोड सेफ्टी के लिए फंड निर्धारित करती है, जिसे लीड एजेंसी आगे विभागों को वितरित करती है। अब इस फंड का इस्तेमाल कितना, कैसे और कहां किया जा रहा है, इसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी को नियमित रूप से भेजनी पडे़गी।

अब पुलिस अपने पास नहीं रख पाएगी चालान राशि

हरियाणा में अब एक नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। जिसके तहत मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत विभिन्न एजेंसियां जो भी चालान करेंगी, उसकी कंपाउंडिंग फीस एक अलग फंड में जमा होगी। इसके लिए एक नया हेड खोला गया है। पुलिस विभाग को चालान कटने से मिलने वाली कंपाउंडिंग फीस को अब इसी हेड में जमा करवाना होगा। अभी तक यह राशि पुलिस विभाग अपने पास ही रखता था।

पिछले दिनों रोड सेफ्टी काउंसिल की बैठक में परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने भी अफसरों को निर्देश दिए थे कि जल्द से जल्द इस नए हेड को खोला जाए। जिसके बाद परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने परिवहन आयुक्त, डीजीपी हरियाणा, डीएसटी हरियाणा, सभी जिलों के उपायुक्तों, सभी जिलों एडीसी, आरटीए समेत अन्य अफसरों को सर्कुलर जारी कर इस नए हेड से संबंधित निर्देशों से अवगत करवा दिया है।

50 फीसद राशि रोड सेफ्टी पर खर्च होगी
 इस नए हेड में चालान के बाद जो भी कंपाउंडिंग फीस जमा करवाई जाएगी। उसमें से पचास फीसद राशि रोड सेफ्टी पर ही खर्च होगी। जबकि शेष पचास फीस राज्य सरकार को जाएगी। इसके अलावा भी राज्य सरकार रोड सेफ्टी के लिए विभिन्न फंड जारी करती रहेगी। ताकि सड़क सुरक्षा को और प्रभावशाली बनाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed