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Chandigarh News: अवैध वेंडरों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, कमिश्नर से कार्रवाई का हलफनामा तलब
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चंडीगढ़। शहर में अवैध वेंडरों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर से वेंडरों की मौजूदा स्थिति, कितने वेंडरों को लाइसेंस दिए गए और अवैध वेंडरों पर अब तक की गई कार्रवाई का हलफनामा तलब किया है। यह हलफनामा चार दिसंबर तक सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करना होगा।
मनीमाजरा व्यापार मंडल के प्रधान मलकीत सिंह व अन्य ने शहर में अवैध वेंडरों को लेकर याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन वेंडरों के पास वैध लाइसेंस या वेंडिंग जोन का आवंटन नहीं है, उन्हें तुरंत हटाया जाए। इसके साथ लाइसेंसधारी वेंडरों को केवल उनके निर्धारित वेंडिंग जोन में ही व्यापार की अनुमति मिले।
मलकीत सिंह ने बताया कि नगर निगम ने पहले लाखों रुपये खर्च कर वेंडर ज़ोन बनाए लेकिन उनका कोई असर नहीं हुआ। कई लाइसेंसी वेंडर भी अपनी पुरानी जगहों पर रेहड़ी-फड़ी लगाते रहे जिससे अवैध वेंडरों की संख्या बढ़ी। उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से अतिक्रमण करने वाले वेंडरों पर केवल खानापूर्ति जैसी कार्रवाई होती है। चालान और सामान जब्त करने के कुछ घंटे बाद ही बाजारों में अवैध रेहड़ी-फड़ी लग जाती है।
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मनीमाजरा क्षेत्र में अवैध वेंडरों का अतिक्रमण सबसे ज्यादा है। मलकीत सिंह ने कहा कि फुटपाथों और मुख्य बाजारों पर अतिक्रमण से पैदल चलने वालों को परेशानी होती है, सड़कों पर जाम लगता है और स्कूली बच्चों व बुजुर्गों के लिए सुरक्षित मार्ग नहीं बचता। नगर निगम कमिश्नर की ओर से हलफनामा दाखिल होने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट आगे की कार्रवाई करेगा। इस फैसले से शहर में अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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मनीमाजरा व्यापार मंडल के प्रधान मलकीत सिंह व अन्य ने शहर में अवैध वेंडरों को लेकर याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन वेंडरों के पास वैध लाइसेंस या वेंडिंग जोन का आवंटन नहीं है, उन्हें तुरंत हटाया जाए। इसके साथ लाइसेंसधारी वेंडरों को केवल उनके निर्धारित वेंडिंग जोन में ही व्यापार की अनुमति मिले।
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मलकीत सिंह ने बताया कि नगर निगम ने पहले लाखों रुपये खर्च कर वेंडर ज़ोन बनाए लेकिन उनका कोई असर नहीं हुआ। कई लाइसेंसी वेंडर भी अपनी पुरानी जगहों पर रेहड़ी-फड़ी लगाते रहे जिससे अवैध वेंडरों की संख्या बढ़ी। उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से अतिक्रमण करने वाले वेंडरों पर केवल खानापूर्ति जैसी कार्रवाई होती है। चालान और सामान जब्त करने के कुछ घंटे बाद ही बाजारों में अवैध रेहड़ी-फड़ी लग जाती है।
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मनीमाजरा क्षेत्र में अवैध वेंडरों का अतिक्रमण सबसे ज्यादा है। मलकीत सिंह ने कहा कि फुटपाथों और मुख्य बाजारों पर अतिक्रमण से पैदल चलने वालों को परेशानी होती है, सड़कों पर जाम लगता है और स्कूली बच्चों व बुजुर्गों के लिए सुरक्षित मार्ग नहीं बचता। नगर निगम कमिश्नर की ओर से हलफनामा दाखिल होने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट आगे की कार्रवाई करेगा। इस फैसले से शहर में अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।