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सुमेध सैनी की घेराबंदी, नहीं मिला सुराग
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चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी की गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस टीम पूरी तैयारी से आई थी। एक टीम जहां घर के मुख्य दरवाजे पर मौजूद थी, वहीं दूसरी टीम घर के पिछले हिस्से में मौजूद थी ताकि सैनी पीछे के रास्ते से फरार न हो सकें। हालांकि देर रात तक टीम को पूर्व डीजीपी का कोई सुराग नहीं मिला।
रात 12 बजे तक सेक्टर-20 स्थित सैनी के आवास में सर्च अभियान जारी था। टीम ने आवास के बेसमेंट, ग्राउंड, फर्स्ट, सेकेंड और छत पर सैनी को तलाश किया। इस दौरान विजिलेंस टीम ने अपनी गाड़ी से कुछ दस्तावेज भी निकाले, जिसे घर के अंदर ले जाया गया। पूरी कार्रवाई के दौरान सैनी के वकील मौके पर मौजूद रहे। बता दें कि सैनी के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, लेकिन अब तक एक भी केस में उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं, सूत्रों के अनुसार, सैनी के अधिवक्ता पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाएंगे ताकि सैनी की गिरफ्तारी पर रोक लग सके।
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मुल्तानी केस से विवादों में आए सैनी
1990 के दशक में सुमेध सिंह सैनी चंडीगढ़ के एसएसपी थे। 1991 में उन पर एक आतंकी हमला हुआ था। उस हमले में सैनी की सुरक्षा में तैनात चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। सैनी भी जख्मी हुए थे। उस केस में पुलिस ने सैनी के ऑर्डर पर पूर्व आईएएस ऑफिसर दर्शन सिंह मुल्तानी के बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उसे हिरासत में रखा और फिर बाद में कहा कि वह पुलिस की गिरफ्त से भाग गया। इस पर मुल्तानी के भाई पलविंदर सिंह मुल्तानी की शिकायत पर सैनी और छह अन्य के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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कभी फ्री हैंड थे सैनी
साल 2012 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सुमेध सिंह सैनी को डीजीपी नियुक्त किया था। पंजाब में आतंकवाद के दौर में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह ने सुमेध सिंह सैनी और उस समय डीजीपी रहे केपीएस गिल दोनों को फ्री हैंड दिया था, ताकि पंजाब से आतंकवाद का खात्मा किया जा सके। इसके बाद सुमेध सिंह पर आतंकवाद के खात्मे को लेकर कई बार कानून से बाहर जाकर काम करने के आरोप भी लगे थे।
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बरगाड़ी कांड को लेकर फिर आए सुर्खियों में
बरगाड़ी कांड मामले को लेकर भी सुमेध सिंह सैनी काफी चर्चित रहे हैं। उन पर यह मामला 21 अक्टूबर, 2015 को दर्ज किया गया था। इसी मामले में दोनों को एसआईटी ने आरोप पत्र सौंपा था। इस आरोप पत्र को खारिज करने के लिए सैनी पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं।
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रात 12 बजे तक सेक्टर-20 स्थित सैनी के आवास में सर्च अभियान जारी था। टीम ने आवास के बेसमेंट, ग्राउंड, फर्स्ट, सेकेंड और छत पर सैनी को तलाश किया। इस दौरान विजिलेंस टीम ने अपनी गाड़ी से कुछ दस्तावेज भी निकाले, जिसे घर के अंदर ले जाया गया। पूरी कार्रवाई के दौरान सैनी के वकील मौके पर मौजूद रहे। बता दें कि सैनी के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, लेकिन अब तक एक भी केस में उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं, सूत्रों के अनुसार, सैनी के अधिवक्ता पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाएंगे ताकि सैनी की गिरफ्तारी पर रोक लग सके।
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मुल्तानी केस से विवादों में आए सैनी
1990 के दशक में सुमेध सिंह सैनी चंडीगढ़ के एसएसपी थे। 1991 में उन पर एक आतंकी हमला हुआ था। उस हमले में सैनी की सुरक्षा में तैनात चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। सैनी भी जख्मी हुए थे। उस केस में पुलिस ने सैनी के ऑर्डर पर पूर्व आईएएस ऑफिसर दर्शन सिंह मुल्तानी के बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उसे हिरासत में रखा और फिर बाद में कहा कि वह पुलिस की गिरफ्त से भाग गया। इस पर मुल्तानी के भाई पलविंदर सिंह मुल्तानी की शिकायत पर सैनी और छह अन्य के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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कभी फ्री हैंड थे सैनी
साल 2012 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सुमेध सिंह सैनी को डीजीपी नियुक्त किया था। पंजाब में आतंकवाद के दौर में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह ने सुमेध सिंह सैनी और उस समय डीजीपी रहे केपीएस गिल दोनों को फ्री हैंड दिया था, ताकि पंजाब से आतंकवाद का खात्मा किया जा सके। इसके बाद सुमेध सिंह पर आतंकवाद के खात्मे को लेकर कई बार कानून से बाहर जाकर काम करने के आरोप भी लगे थे।
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बरगाड़ी कांड को लेकर फिर आए सुर्खियों में
बरगाड़ी कांड मामले को लेकर भी सुमेध सिंह सैनी काफी चर्चित रहे हैं। उन पर यह मामला 21 अक्टूबर, 2015 को दर्ज किया गया था। इसी मामले में दोनों को एसआईटी ने आरोप पत्र सौंपा था। इस आरोप पत्र को खारिज करने के लिए सैनी पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं।