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खैरा ने हाईकमान को दी चुनौती, बोले- कहते हैं पंजाब में कांफ्रेंस नहीं करनी, तो हम जरूर करेंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 01 Aug 2018 09:43 AM IST
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सुखपाल सिंह खैरा
- फोटो : फाइल फोटो
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आप हाईकमान द्वारा बठिंडा कांफ्रेंस को पार्टी विरोधी करार दिए जाने के बाद सुखपाल खैरा गुट ने भी कड़े तेवर अख्तियार कर लिए हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष खैरा ने आप हाईकमान से दो टूक कहा कि अगर वे कहते हैं कि पंजाब में कांफ्रेंस नहीं करनी तो हम जरूर करेंगे। नेता प्रतिपक्ष पद से हटाए जाने के बाद पंजाब के वॉलंटियर्स से मिल रहे रिस्पॉन्स से खैरा गुट काफी उत्साहित नजर आए। खैरा गुट ने मंगलवार को आयोजन स्थल बदल लिया।
पहले एक रिसॉर्ट बुक किया गया था। अब उसकी जगह बड़ा थर्मल स्टेडियम फाइनल कर दिया गया। क्योंकि उन्हें उम्मीद से कहीं ज्यादा लोगों के आने की आस है। उधर, खैरा ने अपने चिरपरिचित अंदाज में हाईकमान पर जम कर हमला बोला। एक ट्वीट करके कहा कि अगर हम पंजाबी अपनी धरती पर एक मीटिंग नहीं कर सकते तो हम पंजाब के हितों की रक्षा कैसे करेंगे। आप की बठिंडा कांफ्रेंस इस विवाद को हमेशा केलिए खत्म कर देगी।
वहीं, एक फेसबुक वीडियो में उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को अपनी धरती पर मीटिंग करने के लिए दिल्ली के नेताओं से इजाजत लेनी होगी, यही झगड़ा है। कन्वेंशन जरूर होगी, ताकि पंजाब की तकदीर का फैसला कर सकें। आप का ग्राफ लगातार गिर रहा है, डेढ़ साल में संगठन में पांच सौ लोग भी नहीं जुड़े। पंजाब के लोग तीसरा विकल्प चाहते हैं। 2017 में उम्मीद थी, पर दिल्ली के नेताओं की गलती से समर्थन वोट मे नहीं बदल सका।
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इनका सूबेदार कहता है कि पार्टी से निकाल देगा, ये तनाशाही हो गई है। अब जो हम चाहेंगे, करेंगे। खैरा ने कहा कि आज केजरीवाल कह दें कि नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) बन जाओ तो नहीं बनूंगा, क्योंकि बात आगे निकल गई है। इन्होंने लड़ाई दिल्ली बनाम पंजाब बना दी है। अगर कहते हैं कि अपना प्रधान चुन लो तो ठीक, अगर कहते हैं कि कोई ओहदा ले लो तो बात नहीं बनेगी। खैरा ने कहा कि उन्हें हटाने की वजह कांग्रेस के साथ संभावित गठबंधन भी हो सकता है, क्योंकि इन्हें पता है कि मैं विरोध करूंगा।
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पहले एक रिसॉर्ट बुक किया गया था। अब उसकी जगह बड़ा थर्मल स्टेडियम फाइनल कर दिया गया। क्योंकि उन्हें उम्मीद से कहीं ज्यादा लोगों के आने की आस है। उधर, खैरा ने अपने चिरपरिचित अंदाज में हाईकमान पर जम कर हमला बोला। एक ट्वीट करके कहा कि अगर हम पंजाबी अपनी धरती पर एक मीटिंग नहीं कर सकते तो हम पंजाब के हितों की रक्षा कैसे करेंगे। आप की बठिंडा कांफ्रेंस इस विवाद को हमेशा केलिए खत्म कर देगी।
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वहीं, एक फेसबुक वीडियो में उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को अपनी धरती पर मीटिंग करने के लिए दिल्ली के नेताओं से इजाजत लेनी होगी, यही झगड़ा है। कन्वेंशन जरूर होगी, ताकि पंजाब की तकदीर का फैसला कर सकें। आप का ग्राफ लगातार गिर रहा है, डेढ़ साल में संगठन में पांच सौ लोग भी नहीं जुड़े। पंजाब के लोग तीसरा विकल्प चाहते हैं। 2017 में उम्मीद थी, पर दिल्ली के नेताओं की गलती से समर्थन वोट मे नहीं बदल सका।
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इनका सूबेदार कहता है कि पार्टी से निकाल देगा, ये तनाशाही हो गई है। अब जो हम चाहेंगे, करेंगे। खैरा ने कहा कि आज केजरीवाल कह दें कि नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) बन जाओ तो नहीं बनूंगा, क्योंकि बात आगे निकल गई है। इन्होंने लड़ाई दिल्ली बनाम पंजाब बना दी है। अगर कहते हैं कि अपना प्रधान चुन लो तो ठीक, अगर कहते हैं कि कोई ओहदा ले लो तो बात नहीं बनेगी। खैरा ने कहा कि उन्हें हटाने की वजह कांग्रेस के साथ संभावित गठबंधन भी हो सकता है, क्योंकि इन्हें पता है कि मैं विरोध करूंगा।