लोकसभा 2019: पंजाब में बसपा समेत छह दल आए एक साथ, कई सीटों पर प्रत्याशी भी घोषित
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पंजाब के छह राजनीतिक दलों पंजाब एकता पार्टी, लोक इंसाफ पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, पंजाब मंच, सीपीआई और रेवॉल्यूशनरी मार्क्सवादी पार्टी ऑफ इंडिया (आरएमपीआई) ने पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस के बैनर तले एकजुट होते हुए लोकसभा चुनाव में सूबे की सभी 13 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया है।
अलायंस की सोमवार को हुई बैठक के बाद बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब एकता पार्टी के नेता सुखपाल सिंह खैरा ने सात लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। साथ ही अन्य पांच सीटों पर उम्मीदवारों का चुनाव अलायंस की संबंधित पार्टियों पर छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि 12 सीटों पर अलायंस के घटक दलों में सहमति बन गई है। हालांकि संगरूर सीट को लेकर अलायंस अभी कोई फैसला नहीं कर सका है।
इसके लिए अगली बैठक में विचार किए जाने का एलान किया गया है। खैरा ने बताया कि बैठक में विचार विमर्श के बाद बसपा को तीन, पंजाबी एकता पार्टी को तीन, लोक इंसाफ पार्टी को तीन, पंजाब मंच को एक, सीपीआई को एक और आरएमपीआई को एक सीट दी गई है।
पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस के उम्मीदवार
बसपा : विक्रम सिंह सोढी (श्री आनंदपुर साहिब)
बसपा : चौ. खुशी राम (होशियारपुर आरक्षित सीट)
बसपा : बलविंदर कुमार (जालंधर आरक्षित सीट)
पीईपी : परमजीत कौर खालड़ा (खडूर साहिब)
पंजाब मंच : डा. धर्मवीर गांधी (पटियाला)
एलआईपी : मनविंदर सिंह ग्यासपुरा (फतेहगढ़ साहिब आरक्षित सीट)
पीईपी : मा. बलदेव सिंह जैतो (फरीदकोट आरक्षित )
(फिरोजपुर सीट के लिए सीपीआई, गुरदासपुर के लिए आरएमपीआई, लुधियाना व अमृतसर के लिए एलआईपी और बठिंडा के लिए पीईपी अपने उम्मीदवारों का चयन करेगी)
पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस (पीडीए) के बैनर तले पंजाब के छह राजनीतिक दल एकजुट हुए हैं। इस मौके पर अलायंस के नेताओं ने दोहराया कि वे मुद्दों पर आधारित साफ सुधरी और जवाबदेह राजनीति के लिए दृढ़ हैं। उनका उद्देश्य केवल लोकसभा चुनाव में सीटें शेयर करना नहीं बल्कि पंजाब की लंबे समय से चली आ रही मांगों के लिए संघर्ष करना है।
इस अवसर पर पंजाब एकता पार्टी के नेता सुखपाल सिंह खैरा के साथ पंजाब मंच के डा. धर्मवीर गांधी, बसपा पंजाब के प्रधान रछपाल सिंह राजू, लोक इंसाफ पार्टी के प्रधान सिमरजीत सिंह बैंस, सीपीआई के बंत सिंह बराड़, आरएमपीआई के मंगल राम पासला, आप के बाकी विधायक बलदेव सिंह जैतो, लोक इंसाफ पार्टी के जसविंदर सिंह खालसा और पंजाब मंच के डा. जेएस चीमा भी उपस्थित थे।
हरसिमरत के खिलाफ बठिंडा से चुनाव लड़ सकते हैं खैरा
सुखपाल खैरा से यह पूछे जाने पर कि क्या वे अकाली नेता हरसिमरत कौर बादल के खिलाफ बठिंडा से चुनाव लड़ेंगे? खैरा ने स्पष्ट उत्तर न देते हुए कहा कि बठिंडा सीट के बारे में पीईपी फैसला लेगी। उन्होंने बादल परिवार की ओर इशारा करते हुए कहा कि जिन्होंने पांच-पांच बार प्रदेश की बागडोर संभाली, उन्होंने ही पंजाब को नशे में धकेल दिया।
प्रदेश में ऐसे हालात बना दिए गए कि युवा घर छोड़कर विदेश जाने को मजबूर हो गए। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस परिवार ने भ्रष्टाचार के जरिए अकूत संपत्ति जमा कर ली। यह पूछे जाने पर कि अगर हरसिमरत कौर बादल बठिंडा की बजाय फिरोजपुर से चुनाव लड़ेंगी तो क्या अलायंस फिरोजपुर में अपना उम्मीदवार बदलेगा? खैरा ने कहा कि तब इस बारे में विचार किया जा सकता है।
बरगाड़ी मोर्चे से नहीं जुड़ेंगे, टकसालियों से नहीं हुआ गठबंधन
सुखपाल खैरा ने कहा कि पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस का गठन करने से पहले सूबे के उन सभी छोटे दलों को एक साथ लाने के प्रयास किए गए हैं, जो सूबे की सबसे बड़ी पार्टियों कांग्रेस और अकाली-भाजपा गठबंधन के चंगुल से प्रदेश को बचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल (टकसाली) के उनकी कई दौर की बैठकें हुईं, लेकिन इसी दौरान अकाली दल टकसाली ने दो सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए, जो अलायंस की शर्तों का उल्लंघन है।
इसके चलते उनसे गठजोड़ नहीं हो सका। बरगाड़ी मोर्चे की ओर से लोकसभा में अपने प्रत्याशी उतारे जाने संबंधी सवाल पर खैरा ने कहा कि पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस भारत के संविधान के तहत गठित हुआ है और संविधान के तहत ही कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि अलायंस ऐसे किसी दल से गठबंधन नहीं करेगा जो देश के संविधान से इतर या विपरीत विचारधारा रखता हो।