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मुक्तसर: मलोट में किसानों ने सुखबीर बादल को घेरा, करीब ड़ेढ़ घंटा पैलेस में रहे फंसे, जमकर हुई नारेबाजी

Mon, 23 Aug 2021 09:06 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, मलोट (मुक्तसर)
संवाद न्यूज एजेंसी, मलोट (मुक्तसर) Published by: ajay kumar Updated Mon, 23 Aug 2021 09:06 PM IST
सार

सोमवार को मुक्तसर के मलोट पहुंचे सुखबीर सिंह बादल को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों ने पैलेस में ही उन्हें घेर लिया। करीब डेढ़ घंटे वह फंसे रहे। किसान और शिअद कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए। माहौल तनावपूर्ण हो गया।  

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Sukhbir Singh Badal who reached Malout face farmers protest
किसानों को रोकती पुलिस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष व पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को सोमवार को मलोट दौरे के दौरान किसानों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। सुखबीर बादल फाजिल्का रोड स्थित एक पैलेस में गल पंजाब दी प्रोग्राम को संबोधित करने पहुंचे थे लेकिन उन्हें किसानों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। 

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किसानों ने शिअद पर किसान संघर्ष को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए पैलेस को घेर लिया। इस कारण सुखबीर बादल करीब डेढ़ घंटा पैलेस में ही बैठे रहे और किसानों के जाने की प्रतीक्षा करते रहे। वहीं दूसरी तरफ किसान पैलेस के सामने हाथों में काली झंडियां लेकर उनके खिलाफ रोष प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान शिअद कार्यकर्ता व किसान भी आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे के विरोध में नारेबाजी करने लगे।
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गौरतलब है कि सुखबीर बादल का मलोट में दौरा था। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने किसान संगठनों के नेताओं की सुखबीर बादल के साथ बैठक करवाई, मगर सवालों के जवाबों से संतुष्ट न होने पर भड़के किसानों ने सुखबीर बादल से ऐसे आयोजन न करने को कहा। किसानों का तर्क था कि शिअद के ऐसे आयोजनों से किसान संघर्ष कमजोर हो रहा है। मगर जब सुखबीर बादल ने समारोह रद्द करने से इनकार कर दिया तो किसान बाहर आ गए और काले झंडे लेकर विरोध शुरू कर दिया। जिसके चलते सुखबीर बादल को करीब डेढ़ घंटा पैलेस में ही बैठे रहना पड़ा।

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उधर, पैलेस के बाहर पुलिस प्रशासन के लिए हालात तनावपूर्ण होते चले गए। शिअद कार्यकर्ता व किसान संगठनों के आमने-सामने हो गए। जहां शिअद कार्यकर्ताओं ने लाठियां उठा लीं। वहीं किसान भी पहले से ही लाठियों में ही काले झंडे लेकर तैयार थे। किसान व अकाली कार्यकर्ता एक-दूसरे के विरोध में नारेबाजी करते रहे थे। 

किसानों ने सुखबीर बादल के प्रोग्राम वाले फ्लैक्स भी फाड़ डाले। वहीं कुर्सियां में लात मारकर इधर-उधर फेंक दी। दोनों पक्षों में बीच-बचाव के लिए पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब डेढ़ घंटे बाद सुखबीर बादल को पुलिस प्रशासन व शिअद कार्यकर्ताओं ने अन्य गाड़ी के जरिये पैलेस से बाहर निकाला।

कैप्टन जैसा झूठा इंसान कहीं नहीं देखा: सुखबीर बादल
सुखबीर सिंह बादल ने कार्यक्रम में कहा कि शिअद ऐसी पार्टी है जो पंजाब के लोगों की मुश्किलों से भली-भांति वाकिफ है। जबकि दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसा झूठा इंसान उन्होंने आज तक नहीं देखा। जिसने मर्यादा का बिना ख्याल किए झूठी सौगंध खाकर सरकार बनाई। 

सुखबीर बादल ने यह बात मलोट दौरे के दौरान कही। उन्होंने कहा कि साढ़े चार वर्षों में कोई कार्य नहीं हुआ। किसानों तो क्या किसी वर्ग की सुध नहीं ली। जबकि अपने कार्यकाल में प्रकाश सिंह बादल केंद्र में प्रधानमंत्री समेत हर मंत्री को मिलकर समस्याओं का हल करवाते रहे हैं। कांग्रेस के अलावा दो अन्य पार्टियां आप व भाजपा भी पंजाब हितैषी नहीं हैं। सिर्फ शिअद ही पंजाब के लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझती है। उन्होंने कहा कि उनके मलोट दौरे दौरान शोर-शराबा मचाने वाले कांग्रेस व आप के ही नेता हैं।

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