अजनाला के 'गढ़' में सुखबीर बादल की हुंकार, कहा- पार्टी की बस से कौन उतरा, फर्क नहीं पड़ता
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शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने सोमवार पूर्व सांसद और बादल मंत्रिमंडल में दो बार मंत्री रहे डॉ. रतन सिंह अजनाला के गढ़ में हुंकार भरी। अजनाला हलके के वर्कर्स के साथ आयोजित बैठक में सुखबीर ने कहा कि अतीत में जो भी नेता दल की बस से उतरे है, उनका राजनैतिक प्रभाव व जमीन दोनों खत्म हो गए हैं।
अकाली दल छोड़ कर नया अकाली दल बना कर पंजाब की राजनीति में पैठ बनाने के प्रयास करने वाले नेताओं का नाम न लेकर बादल ने अजनाला परिवार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अजनाला विधानसभा हलके के वर्कर्स अकाली दल के साथ चट्टान की भांति खड़े है। अकाली दल की बस से कौन नीचे उतर गया है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
सुखबीर ने कहा कि अकाली दल किसी की जायदाद नहीं है। अकाली दल को छोड़ कर जाने वाले यह न समझे कि वर्कर उनके साथ हैं। वह प्रदेश के 25 विधान सभा हलकों का दौरा कर चुके हैं। अकाली सरकार न होने के बावजूद अकाली दल का वर्कर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ टक्कर लेने के लिए उत्साहित है।
इस दौरान सुखबीर ने एसजीपीसी सदस्य जोध सिंह समरा और बिक्रम मजीठिया को अजनाला हलके की जिम्मेदारी सौंपी। कार्यकर्ता अजनाला हलके की किसी भी जरूरत के लिए इन नेताओं से मिले।
खैरा विधानसभा से इस्तीफा देकर मैदान में उतरें
सुखबीर बादल ने कहा कि महागठबंधन के सारथी सुखपाल सिंह खैरा अपनी विधानसभा सीट से इस्तीफा देकर राजनीतिक मैदान में उतरें। उन्हें अपनी राजनीतिक बिसात की जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने दावा किया कि आगामी लोकसभा चुनाव अकाली-भाजपा और कांग्रेस के बीच होगा। सुखबीर ने दावा किया कि महागठबंधन का कोई राजनैतिक आधार नहीं है। वहीं पंजाब सरकार दो वर्षों में ही अपना आधार खो चुकी है।