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कर्ज से परेशान होकर किसान ने दी जान, ट्रेन के आगे कूदा
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहगढ़ साहिब
Updated Mon, 16 May 2016 11:53 AM IST
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ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड करने वाले किसान की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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फतेहगढ़ साहिब के गांव हलोताली निवासी एक किसान कर्ज से परेशान था। उसने सचखंड एक्सप्रेस के सामने कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान सुखबीर सिंह के रूप में हुई है। सुखबीर सिंह पर आठ लाख रुपये से अधिक का कर्ज बताया जा रहा है। रेलवे पुलिस सरहिंद ने परिजनों को सूचना दी।
सुखबीर सिंह के बड़े भाई अवतार सिंह ने बताया कि लगभग पांच साल पहले सुखबीर ने हाउसफैड से मकान बनाने के लिए तीन लाख साठ हजार रुपये का कर्ज लिया था। इसे वह लौटा नहीं पा रहा था, कर्ज की किश्त जमा न होने के कारण राशि बढ़कर आठ लाख से अधिक हो गई। हाउसफैड ने सुखबीर सिंह के खिलाफ केस दायर कर उसकी जमीन कुर्क करवा दी।
भाई के मुताबिक सुखबीर सिंह खेड़ी नौध सिंह में कपड़े की दुकान करता था। कपड़े का काम ठप हो जाने के बाद उसने अपनी एक एकड़ जमीन पर खेती करनी शुरू की थी। खेती भी सुखबीर सिंह के लिए नुकसान का सौदा साबित हुई। खेती के कारण उसका और नुकसान हुआ, जिससे वह परेशान रहने लगा। सुखबीर खेतीबाड़ी करने के साथ गुरुद्वारा साहिब में पाठ भी करता था।
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अवतार सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात को रेलवे पुलिस मुलाजिमों ने उन्हें फोन पर सुखबीर सिंह द्वारा आत्महत्या करने के बारे में जानकारी दी। पुलिस को सुखबीर सिंह द्वारा लिखा गया सुसाइट नोट मिल गया है, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए बीमारी और कर्ज को कारण बताया है। सुखबीर सिंह की 2003 में शादी हुई थी। उसकी एक दस साल की बेटी है।
रेलवे के एएसआई दीदार सिंह ने बताया कि दिल्ली से अमृतसर की ओर जाने वाले सचखंड एक्सप्रेस गाड़ी सरहिंद स्टेशन से जैसे ही चली तो स्टेशन से कुछ ही दूरी पर खड़े सुखबीर सिंह ने उसके आगे छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
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सुखबीर सिंह के बड़े भाई अवतार सिंह ने बताया कि लगभग पांच साल पहले सुखबीर ने हाउसफैड से मकान बनाने के लिए तीन लाख साठ हजार रुपये का कर्ज लिया था। इसे वह लौटा नहीं पा रहा था, कर्ज की किश्त जमा न होने के कारण राशि बढ़कर आठ लाख से अधिक हो गई। हाउसफैड ने सुखबीर सिंह के खिलाफ केस दायर कर उसकी जमीन कुर्क करवा दी।
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भाई के मुताबिक सुखबीर सिंह खेड़ी नौध सिंह में कपड़े की दुकान करता था। कपड़े का काम ठप हो जाने के बाद उसने अपनी एक एकड़ जमीन पर खेती करनी शुरू की थी। खेती भी सुखबीर सिंह के लिए नुकसान का सौदा साबित हुई। खेती के कारण उसका और नुकसान हुआ, जिससे वह परेशान रहने लगा। सुखबीर खेतीबाड़ी करने के साथ गुरुद्वारा साहिब में पाठ भी करता था।
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अवतार सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात को रेलवे पुलिस मुलाजिमों ने उन्हें फोन पर सुखबीर सिंह द्वारा आत्महत्या करने के बारे में जानकारी दी। पुलिस को सुखबीर सिंह द्वारा लिखा गया सुसाइट नोट मिल गया है, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए बीमारी और कर्ज को कारण बताया है। सुखबीर सिंह की 2003 में शादी हुई थी। उसकी एक दस साल की बेटी है।
रेलवे के एएसआई दीदार सिंह ने बताया कि दिल्ली से अमृतसर की ओर जाने वाले सचखंड एक्सप्रेस गाड़ी सरहिंद स्टेशन से जैसे ही चली तो स्टेशन से कुछ ही दूरी पर खड़े सुखबीर सिंह ने उसके आगे छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।