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पंजाब में कर्ज ने लील ली एक और जिंदगी, युवक ने जहर खाया
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Sun, 01 May 2016 06:28 PM IST
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जहर, सुसाइड, हत्या
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पंजाब में किसानों के सुसाइड किए जाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अब फिरोजपुर के एक किसान ने जहर खाकर जान दे दी। ममदोट के गांव वरयाम वाला में एक किसान ने कर्ज से तंग आकर जहरीली दवा पी ली। किसान पर लगभग पंद्रह लाख रुपये का कर्ज था और उसके पास तीन एकड़ जमीन थी।
पुलिस ने पोस्टमार्टम करने के बाद परिजनों को शव सौंप दिया। किसान के बेटे जसप्रीत सिंह ने बताया कि उसका पिता सुरजीत सिंह (65) सुबह खेतों में पानी लगाने के लिए गए थे। करीब तीन घंटे के बाद वह खेतों में गया। उसने देखा कि पिता चारपाई पर लेटे हैं और पास में जहरीली दवा की बोतल पड़ी है। पिता बेहोशी की हालत में थे।
इस पर वह उन्हें अस्पताल में ले गया, जहां उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उनके पास लगभग तीन एकड़ जमीन है। सुरजीत ने दो बैंकों और आढ़तियों से लगभग पंद्रह लाख रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज उतारने के लिए पैसे नहीं थे और बैंक अधिकारी व आढ़ती पैसे लेने के लिए उनके घर आते थे। इससे परेशान सुरजीत ने जहरीली दवा पीकर खुदकुशी कर ली है।
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परिजनों ने बताया कि 2013 में एक बेटे का एक्सीडेंट हो गया था। उसके इलाज के लिए कर्ज लिया था लेकिन बेटे की मौत हो गई। उसके बाद कर्ज धीरे-धीरे बढ़ता गया। जमीन कम होने के कारण कर्ज नहीं उतार सके। मालूम हो कि ममदोट के गांव कड़मा में भी किसान हरबंस सिंह ने कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी कर ली थी। ममदोट में खुदकुशी करने की दो घटनाएं हो चुकी है।
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पुलिस ने पोस्टमार्टम करने के बाद परिजनों को शव सौंप दिया। किसान के बेटे जसप्रीत सिंह ने बताया कि उसका पिता सुरजीत सिंह (65) सुबह खेतों में पानी लगाने के लिए गए थे। करीब तीन घंटे के बाद वह खेतों में गया। उसने देखा कि पिता चारपाई पर लेटे हैं और पास में जहरीली दवा की बोतल पड़ी है। पिता बेहोशी की हालत में थे।
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इस पर वह उन्हें अस्पताल में ले गया, जहां उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उनके पास लगभग तीन एकड़ जमीन है। सुरजीत ने दो बैंकों और आढ़तियों से लगभग पंद्रह लाख रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज उतारने के लिए पैसे नहीं थे और बैंक अधिकारी व आढ़ती पैसे लेने के लिए उनके घर आते थे। इससे परेशान सुरजीत ने जहरीली दवा पीकर खुदकुशी कर ली है।
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परिजनों ने बताया कि 2013 में एक बेटे का एक्सीडेंट हो गया था। उसके इलाज के लिए कर्ज लिया था लेकिन बेटे की मौत हो गई। उसके बाद कर्ज धीरे-धीरे बढ़ता गया। जमीन कम होने के कारण कर्ज नहीं उतार सके। मालूम हो कि ममदोट के गांव कड़मा में भी किसान हरबंस सिंह ने कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी कर ली थी। ममदोट में खुदकुशी करने की दो घटनाएं हो चुकी है।