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पंजाब के मुलाजिमों का वेतन न बढ़ाने और डीए-एरियर रोकने की सिफारिश, पुलिस भर्ती पर लगे रोक

Fri, 14 Aug 2020 10:20 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 14 Aug 2020 10:20 AM IST
सार

  • वित्तीय संकट से उभारने के लिए आहलुवालिया समिति ने सौंपी रिपोर्ट
  • केंद्र के कृषि अध्यादेश व बिजली संशोधन बिल का किया समर्थन
  • अंतरिम रिपोर्ट में सूबे में शराब पर और टैक्स बढ़ाने का सुझाव

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Suggestions to Sort Out Punjab State Financial Crisis after Lockdown and Corona Pandemic
मोंटेक अहलुवलिया - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

कोरोना के बाद पंजाब को वित्तीय संकट से उभारने के लिए आर्थिक विशेषज्ञ मोंटेक सिंह आहलुवालिया के नेतृत्व में गठित समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। इसमें मुलाजिमों का वेतन न बढ़ाने और बकाया डीए-एरियर न देने की सलाह दी है। 74 पन्ने की इस अंतरिम रिपोर्ट में आहलुवालिया ने पंजाब सरकार को ऐसे-ऐसे उपाय सुझाए हैं, जिनमें से अधिकांश केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों से मेल खाते हैं।
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इन नीतियों का कैप्टन अमरिंदर सिंह लंबे अरसे से खुलकर विरोध करते रहे हैं। समिति ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि अध्यादेश और बिजली संशोधन बिल-2020 की खुली वकालत करते हुए इन्हें पंजाब में लागू करने का सुझाव दिया है। पंजाब सरकार पहले ही इसे किसान विरोधी करार देते हुए इन्हें किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देने का एलान कर चुकी है।
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इनके अलावा किसानों के लिए खुली मंडी, बड़े शहरों में प्राइवेट बिजली सप्लाई, किसानों को दी जा रही बिजली सब्सिडी को समाप्त करने, सरकारी मुलाजिमों को केंद्र सरकार के वेतनमान देने और शराब पर और टैक्स बढ़ाने के सुझाव दिए गए हैं। समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में कहा है कि वित्त विभाग ने मौजूदा वर्ष के दौरान राज्य के बजटीय राजस्व में करीब 25 फीसदी की कमी का अनुमान लगाया है। उन्होंने खर्च पर नियंत्रण के उपाय सुझाते हुए जहां मुफ्त बिजली और सब्सिडी पर अंकुश की सलाह दी है।
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केंद्र के मुकाबले पंजाब का वेतनमान ज्यादा

समिति का कहना है कि कई राज्यों ने सभी श्रेणियों के कर्मचारियों का वेतन प्रतिशत अलग-अलग करते हुए भुगतान को स्थगित कर दिया है। पंजाब सरकार को भी ऐसा कदम उठाना चाहिए। समिति का कहना है कि पंजाब के वेतनमान केंद्र के मुकाबले बहुत अधिक हैं।

राज्य सरकार अपने सभी भावी मुलाजिमों के लिए केंद्रीय वेतनमान ही लागू करे। जो मुलाजिम मौजूदा उच्च वेतनमान ले रहे हैं, उनका वेतन कम न किया जाए लेकिन उनके वेतन तब तक न बढ़ाया जाए, जब तक उनके मौजूदा वेतनमान केंद्रीय वेतनमान के समान नहीं आ जाते। मुलाजिमों का बकाया डीए और एरियर भी न दिया जाए।

अगले कई साल तक पुलिस भर्ती पर रोक लगे
समिति का कहना है कि पंजाब में जनसंख्या अनुपात के मुकाबले पंजाब पुलिस की नफरी बहुत ज्यादा है। सरकार को चाहिए कि वह अतिरिक्त पुलिस बल तैयार न करें। अगले कई वर्षों तक पुलिस में नई भर्ती न की जाए।
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