गन्ना किसान आंदोलनः प्रशासन के झुकने पर माने किसान, दूसरे दिन 25 ट्रेनें रद्द, कई के रूट बदले
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होशियारपुर के गांव गरना साहिब में गन्ना किसानों द्वारा शनिवार को शुरू किया गया रेल-रोड जाम और धरना रविवार शाम को खत्म हो गया। किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा, मंजीत सिंह राय, बलविंदर सिंह राजू, गगनप्रीत सिंघ और कृपाल सिंह, डीसी ईशा कालिया से बातचीत कर रहे थे। करीब चार घंटे चली बैठक के बाद प्रशासन ने किसानों की मांगें मान ली जिसकी जानकारी एसडीएम दसूहा हरचरण सिंह ने खुद धरना स्थल पर जाकर किसानों को दी।
इसके बाद जाम खोलने का फैसला किया गया। इससे पहले रविवार सुबह आईजी नौनिहाल सिंह और एसएसपी होशियारपुर ने खुद आकर स्थिति का जायजा लिया। इस अवसर पर आईजी ने तो कुछ भी कहने से इंकार कर दिया मगर एसएसपी होशियारपुर ने कहा कि बातचीत कर हल निकालने की कोशिश की जा रही है। डीसी ईशा कालिया, एसडीएम ऑफिस में डेरा जमाए हुए हैं। दोपहर को किसानों के पांच सदस्यीय दल को बातचीत कर हल निकालने के लिए बुलाया गया था। मगर तीन घंटे बीत जाने पर भी कोई नतीजा नहीं निकला।
एसडीएम दसूहा हरचरण सिंह ने बताया कि लगातार मीटिंग चल रही है मगर अभी कोई नतीजा नहीं निकला है। सुबह भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल ने भी किसानों को समर्थन में आकर धरने को समर्थन देने की घोषणा कर दी। इसके अलावा जम्हूरी किसान सभा के होशियारपुर अध्यक्ष स्वर्ण सिंह, बॉर्डर संघर्ष कमेटी अध्यक्ष गुरदीप सिंह भी धरने के समर्थन में उतरे। इर्द गिर्द के जिलों की पुलिस भी मंगवा ली गई थी।
गन्ना संघर्ष कमेटी अध्यक्ष सुखपाल सिंह दाफ्फर ने बताया कि समझौते के तहत 200 करोड़ रुपये पिछले साल के गिरने की बकाया राशि थे एक सप्ताह में किसानों के खाते में डालने, बाकी रकम मिल चलने से पहले और मिल जल्द चलाने के साथ साथ रेट जो 310 तो है ही। उनकी एक बैठक कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी तय हुई है जिसमें वह इससे ज्यादा रेट ही लेकर आएंगे। अब हम जाम हटा रहे हैं।
डिवीजन की 25 ट्रेनें रद्द, 17 के रूट बदले
रेल डिवीजन फिरोजपुर के खुड्डा कोराला-दसुआ और जालंधर-पठानकोट सेक्शन के ट्रैक पर दूसरे दिन किसानों के धरने के कारण रेलवे ने 25 ट्रेनें रद्द करने के अलावा 17 के रूट बदले। चार ट्रेनों को अपने निश्चित स्टेशनों की बजाए अन्य स्टेशनों पर रोके रखा गया।
रेल डिवीजन फिरोजपुर के अधिकारियों का कहना है कि खुड्डा कोराला-दसुआ और जालंधर-पठानकोट रेल सेक्शन के ट्रैक पर दूसरे दिन किसानों की ओर से धरना देने से डिवीजन की 25 ट्रेनें रद्द करनी पड़ी। इसके अलावा 17 ट्रेनों के रूट बदले गए और चार ट्रेनों को उनके निश्चित स्टेशनों की बजाय अन्य स्टेशनों पर ही रोक दिया गया। सभी ट्रेनें जम्मूतवी से दिल्ली, वैष्णो देवी कटरा से दिल्ली, ऋषिकेश से वैष्णों देवी कटरा के बीच चलने वाली हैं।