{"_id":"584be0cf4f1c1b104f44b341","slug":"sufi-singer-hansraj-hans-joined-bjp-big-statement-to-media-on-punjab-assembly-election","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"BJP ज्वॉइन करने के बाद हंसराज हंस का बड़ा बयान, कुछ ऐसा बोले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
BJP ज्वॉइन करने के बाद हंसराज हंस का बड़ा बयान, कुछ ऐसा बोले
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 10 Dec 2016 04:51 PM IST
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हंसराज हंस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नामी सूफी सिंगर हंसराज हंस भाजपा का दामन थामने के बाद पहली बार मीडिया से रूबरू हुए और उन्होंने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वे भाजपा की नीतियों से सहमत होकर ही पार्टी में आए हैं।
अगर पार्टी जिम्मेदारी देगी तो मैं निभाऊंगा, लेकिन मैं चुनाव लड़ने के लिए भाजपा में नहीं आया। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के बुलावे आए हैं। हंस ने कहा कि मेरी इमेज के हिसाब से पार्टी जहां भी मेरी ड्यूटी लगाएगी उसे वह स्वीकार करेंगे।
उन्होंने कहा, जहां मोदी हैं, वहां कमजोरी नहीं हो सकती। मोदी बब्बर शेर हैं और शेर इलाके में राज करता है। उसी तरह मोदी भी देश पर राज करते हैं और वे जो कुछ भी करेंगे, देश के हित में ही करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अगर पार्टी जिम्मेदारी देगी तो मैं निभाऊंगा, लेकिन मैं चुनाव लड़ने के लिए भाजपा में नहीं आया। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के बुलावे आए हैं। हंस ने कहा कि मेरी इमेज के हिसाब से पार्टी जहां भी मेरी ड्यूटी लगाएगी उसे वह स्वीकार करेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, जहां मोदी हैं, वहां कमजोरी नहीं हो सकती। मोदी बब्बर शेर हैं और शेर इलाके में राज करता है। उसी तरह मोदी भी देश पर राज करते हैं और वे जो कुछ भी करेंगे, देश के हित में ही करेंगे।
विज्ञापन
राज्यसभा में न भेजे जाने से नाराज थे
हंसराज हंस
पंजाब चुनाव से नामी सूफी सिंगर हसराज हंस ने बीजेपी ज्वॉइन कर ली है। उन्होंने आज दिल्ली में कांग्रेस को बॉय बॉय कहते हुए कमल का फूल थाम लिया। हंसराज हंस आज दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मिले।
उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि हंसराज हंस राज्यसभा में ने भेजे जाने के चलते कांग्रेस से नाराज थे।
इस मौके पर कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि हंसराज हंस ने बिना किसी शर्त के पार्टी ज्वॉइन की है और ये फैसला पार्टी पर छोड़ा है कि वे कहीं से चुनाव लड़ते हैं या नहीं। सूत्रों की मानें तो हंस ने पहले प्रदेश नेतृत्व के समक्ष भाजपा में शामिल होने की बात शुरू की थी, मगर उन्होंने इस ओर कोई गंभीरता नहीं दिखाई थी।
उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि हंसराज हंस राज्यसभा में ने भेजे जाने के चलते कांग्रेस से नाराज थे।
इस मौके पर कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि हंसराज हंस ने बिना किसी शर्त के पार्टी ज्वॉइन की है और ये फैसला पार्टी पर छोड़ा है कि वे कहीं से चुनाव लड़ते हैं या नहीं। सूत्रों की मानें तो हंस ने पहले प्रदेश नेतृत्व के समक्ष भाजपा में शामिल होने की बात शुरू की थी, मगर उन्होंने इस ओर कोई गंभीरता नहीं दिखाई थी।
अमृतसर विधानसभा से लड़ सकते हैं चुनाव
हंसराज हंस
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, भाजपा हंसराज हंस को अमृतसर से विधानसभा चुनाव लड़ा सकती है। उन्हें अमृतसर पश्चिमी विधानसभा हलके से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
इस सुरक्षित सीट पर पिछली बार भाजपा के राकेश गिल चुनाव हार गए थे और इस बार उन्हें टिकट मिलने के आसार पहले से ही कम नजर आ रहे थे। हंसराज हंस ने 20 फरवरी 2016 को अकाली दल छोड़कर कांग्रेस ज्वॉइन की थी।
उस दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह व पार्टी के कई नामी नेता मौजूद थे, लेकिन आजकल वे पार्टी से नाराज चल रहे थे। इसके चलते ही उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया। हंसराज हंस अकाली दल के सदस्य भी रह चुके हैं।
हंस दोआबा क्षेत्र में अच्छा प्रभाव रखते हैं। उन्होंने 2009 में जालंधर से अकाली दल की टिकट पर चुनाव लड़ा था। ऐसे में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में जाकर उन्होंने खलबली मचा दी है।
इस सुरक्षित सीट पर पिछली बार भाजपा के राकेश गिल चुनाव हार गए थे और इस बार उन्हें टिकट मिलने के आसार पहले से ही कम नजर आ रहे थे। हंसराज हंस ने 20 फरवरी 2016 को अकाली दल छोड़कर कांग्रेस ज्वॉइन की थी।
उस दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह व पार्टी के कई नामी नेता मौजूद थे, लेकिन आजकल वे पार्टी से नाराज चल रहे थे। इसके चलते ही उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया। हंसराज हंस अकाली दल के सदस्य भी रह चुके हैं।
हंस दोआबा क्षेत्र में अच्छा प्रभाव रखते हैं। उन्होंने 2009 में जालंधर से अकाली दल की टिकट पर चुनाव लड़ा था। ऐसे में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में जाकर उन्होंने खलबली मचा दी है।