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नदी के बहाव में बही कार, घंटों तक तड़पती रहीं दो जिंदगियां, एक मैसेज ने बचाई जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खिजराबाद (हरियाणा)
Updated Tue, 14 Aug 2018 09:45 AM IST
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नदी के बहाव में बही कार
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शॉपिंग के लिए शहर जा रहे एक दंपत्ति की जिंदगी कई घंटों तक नदी की मझधार में फंसी रही। पानी का बहाव इतनी तेज था कि दोनों ने जीवन की आस तक छोड़ दी थी। लेकिन तभी एक फरिश्ते ने उनके अंदर जान में जान ला दी। दरअसल हरियाणा के खिजराबाद में तीज के मौके पर शहर से शॉपिंग करके घर लौट रहे गांव शहजादवाला निवासी एक दंपति की कार रविवार रात को चिकनवाला नदी में बह गई। बहाव इतना तेज था कि कार को तीन सौ मीटर तक ले गया। वहां पड़े पत्थरों से कार अटक गई।
दंपति ने पहले से ही शीशे बंद किए हुए थे। इसके चलते पानी का बहाव कार के अंदर नहीं आ सका। लगभग ढाई घंटे तक उनकी कार पानी में डूबी रही। वे एक-दूसरे को दिलासा देते रहे। तभी उसके मोबाइल में मैसेज आने की हरकत हुई तो उन्हें सहारा नजर आया। उसने अपने दोस्त और परिजनों को फोन करके नदी में बहने की जानकारी दी। तब गांव के लोग मौके पर पहुंचे और उनकी तलाश की। पानी कुछ कम हुआ तो लोगों ने रस्सों और ट्रैक्टरों के सहारे उन्हें मझधार से बाहर निकाला।
शहजादवाला निवासी प्रवीन अपनी पत्नी कविता के साथ खिजराबाद से रविवार की रात को लगभग पौने नौ बजे अपने घर के लिए मेघूवाला की ओर से रवाना हो गया। जब वह मेघूवाला से शहजादवाला जाने के लिए कार सहित नदी में उतरा तो चिक्कन और बनियांवाला की ओर से दो नदियों का पानी अचानक आ गया। कार बीच रास्ते में ही फंस गई। कुछ ही पलों में पानी का बहाव तेज होता चला गया और कार के टायर पानी में डूब गए।
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दंपति कार के शीशे ऊपर चढ़ाकर अंदर ही बैठ गए और गांव में अपने दोस्त जगवीर को फोन पर सूचित किया कि वह पत्नी सहित नदी के बीच में फंस गए हैं। लगभग दस मिनट बाद पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि कार के शीशे तक पानी आ गया और कुछ ही मिनटों में कार पानी में डूब गई। मदद लेकर पहुंचे जगवीर को प्रवीन का कहीं पता नहीं चला और वह फोन से संपर्क करने लगा। प्रवीन दोस्त जगवीर को अपनी लोकेशन बताता, लेकिन जगवीर को रात के अंधेरे में कार का कहीं पता नहीं चला।
जगवीर बैटरी लेकर कभी नदी के इस कोने पे जाता तो कभी दूसरे कोने पर। दो घंटे तक कार में पानी में ही डूबी रही और अंदर बैठे दंपति की सांसें थमी रही कि आज वे जिंदा नहीं बचेंगे। कार के निचले हिस्से से पानी कार में अंदर घुस गया और कार के अंदर पानी दंपति के गले तक आ पहुंचा। दो घंटे बाद पानी कम हुआ और कार की जलती हुई लाइटों से ग्रामीणों को लोकेशन का पता चला तो जगवीर सिंह ने नदी में रस्से के सहारे उन तक पहुंचा और कार में से दोनों को सकुशल बाहर निकाला।
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दंपति ने पहले से ही शीशे बंद किए हुए थे। इसके चलते पानी का बहाव कार के अंदर नहीं आ सका। लगभग ढाई घंटे तक उनकी कार पानी में डूबी रही। वे एक-दूसरे को दिलासा देते रहे। तभी उसके मोबाइल में मैसेज आने की हरकत हुई तो उन्हें सहारा नजर आया। उसने अपने दोस्त और परिजनों को फोन करके नदी में बहने की जानकारी दी। तब गांव के लोग मौके पर पहुंचे और उनकी तलाश की। पानी कुछ कम हुआ तो लोगों ने रस्सों और ट्रैक्टरों के सहारे उन्हें मझधार से बाहर निकाला।
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शहजादवाला निवासी प्रवीन अपनी पत्नी कविता के साथ खिजराबाद से रविवार की रात को लगभग पौने नौ बजे अपने घर के लिए मेघूवाला की ओर से रवाना हो गया। जब वह मेघूवाला से शहजादवाला जाने के लिए कार सहित नदी में उतरा तो चिक्कन और बनियांवाला की ओर से दो नदियों का पानी अचानक आ गया। कार बीच रास्ते में ही फंस गई। कुछ ही पलों में पानी का बहाव तेज होता चला गया और कार के टायर पानी में डूब गए।
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दंपति कार के शीशे ऊपर चढ़ाकर अंदर ही बैठ गए और गांव में अपने दोस्त जगवीर को फोन पर सूचित किया कि वह पत्नी सहित नदी के बीच में फंस गए हैं। लगभग दस मिनट बाद पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि कार के शीशे तक पानी आ गया और कुछ ही मिनटों में कार पानी में डूब गई। मदद लेकर पहुंचे जगवीर को प्रवीन का कहीं पता नहीं चला और वह फोन से संपर्क करने लगा। प्रवीन दोस्त जगवीर को अपनी लोकेशन बताता, लेकिन जगवीर को रात के अंधेरे में कार का कहीं पता नहीं चला।
जगवीर बैटरी लेकर कभी नदी के इस कोने पे जाता तो कभी दूसरे कोने पर। दो घंटे तक कार में पानी में ही डूबी रही और अंदर बैठे दंपति की सांसें थमी रही कि आज वे जिंदा नहीं बचेंगे। कार के निचले हिस्से से पानी कार में अंदर घुस गया और कार के अंदर पानी दंपति के गले तक आ पहुंचा। दो घंटे बाद पानी कम हुआ और कार की जलती हुई लाइटों से ग्रामीणों को लोकेशन का पता चला तो जगवीर सिंह ने नदी में रस्से के सहारे उन तक पहुंचा और कार में से दोनों को सकुशल बाहर निकाला।
नदी में फंसे दंपति ने छोड़ दी थी जिंदा रहने की आस
फाइल फोटो
- फोटो : ani
कार में फंसे प्रवीन ने बताया कि जब तक वह कार में फंसा रहा, तब तक वह अपनी पत्नी को सांत्वना देता रहा कि राम का नाम लो और भगवान पर भरोसा रख, उन्हें कुछ नहीं होगा। प्रवीन ने बताया कि उसकी पत्नी काफी डर गई थी और घबरा कर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थी। उसकी पत्नी रोने लग गई और अपने बच्चों व घरवालों को याद करने लगी। प्रवीन ने बताया कि वह उसको हौसला देता रहा कि घबराओ मत हमें कुछ नहीं होगा। भगवान पर भरोसा रखो।
फरिश्ता बनकर आया जगवीर सिंह
प्रवीन ने बताया कि रात लगभग 10:20 मिनट के आसपास जब जगवीर उनकी कार के पास आया तो दंपति ने राहत की सांस ली और जब लगा कि अब वे बच जाएंगे। कार के पास पहुंचे जगवीर ने दोनों को बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन पानी का बहाव तेज होने की वजह से वह उन्हें उस समय नहीं निकाल पाया। बाद में रात करीब सवा 11 बजे जगवीर सिंह दोबारा से उनके पास मदद लेकर पहुंचा, जिससे वह दोनों को सकुशल बाहर निकाल लाया।
फरिश्ता बनकर आया जगवीर सिंह
प्रवीन ने बताया कि रात लगभग 10:20 मिनट के आसपास जब जगवीर उनकी कार के पास आया तो दंपति ने राहत की सांस ली और जब लगा कि अब वे बच जाएंगे। कार के पास पहुंचे जगवीर ने दोनों को बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन पानी का बहाव तेज होने की वजह से वह उन्हें उस समय नहीं निकाल पाया। बाद में रात करीब सवा 11 बजे जगवीर सिंह दोबारा से उनके पास मदद लेकर पहुंचा, जिससे वह दोनों को सकुशल बाहर निकाल लाया।