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पंज प्यारों के सामने पेश हुए सुच्चा सिंह लंगाह, 21 दिन तक रोज एक घंटा स्नान करने की सजा
Tue, 04 Aug 2020 10:31 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, अमृतसर
अमर उजाला, अमृतसर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 04 Aug 2020 10:31 AM IST
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सुच्चा सिंह लंगाह
- फोटो : फाइल फोटो
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अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद श्री अकाल तख्त द्वारा सिख धर्म से निष्कासित पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह सोमवार को गुरुद्वारा गढ़ी बंदा सिंह बहादुर में पंज प्यारों के सामने पेश हुए। लंगाह ने गलती की क्षमा मांगी। इसके बाद पंज प्यारों ने लंगाह को खंड-बाटे की पोहल में अमृत छकाया। इसके साथ ही लंगाह को 21 दिनों तक प्रति दिन एक घंटे के लिए गुरुद्वारा साहिब में स्नान करने की सजा सुनाई।
लंगाह ने सिख धर्म में दोबारा शामिल होने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को दो बार प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन सिख संगठनों के विरोध के बाद जत्थेदार ने कोई भी फैसला नहीं किया था। नियमानुसार जिस सिख को श्री अकाल तख्त द्वारा पंथ से निष्कासित किया जाता है, उसकी वापसी का फैसला भी जत्थेदार श्री अकाल तख्त द्वारा किया जाता है।
एक स्थानीय गुरुद्वारे के पंज प्यारों के समक्ष पेश होकर अपनी तनखाह (धार्मिक सजा) पूरी करने के बाद लंगाह सिख धर्म में दोबारा शामिल हो सकेंगे, इस पर अब उनके विरोधियों की नजर टिक गई है।
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लंगाह ने सिख धर्म में दोबारा शामिल होने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को दो बार प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन सिख संगठनों के विरोध के बाद जत्थेदार ने कोई भी फैसला नहीं किया था। नियमानुसार जिस सिख को श्री अकाल तख्त द्वारा पंथ से निष्कासित किया जाता है, उसकी वापसी का फैसला भी जत्थेदार श्री अकाल तख्त द्वारा किया जाता है।
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एक स्थानीय गुरुद्वारे के पंज प्यारों के समक्ष पेश होकर अपनी तनखाह (धार्मिक सजा) पूरी करने के बाद लंगाह सिख धर्म में दोबारा शामिल हो सकेंगे, इस पर अब उनके विरोधियों की नजर टिक गई है।
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यह है मामला
लंगाह के विरुद्ध 29 सितंबर, 2017 को एक महिला कांस्टेबल की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। इस महिला ने आरोप लगाया था कि 2009 से लंगाह उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। इस महिला ने एक वीडियो क्लिप भी बनाई थी, जिसे उसने पुलिस को सौंप दिया था। बाद में गुरदासपुर पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था। 5 अक्तूबर, 2017 को लंगाह ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। बाद में अदालत ने शिकायतकर्ता के बयानों से पीछे हटने के बाद लंगाह बरी हो गए थे।
पहला उद्देश्य धार्मिक सजा पूरी करना
लंगाह ने कहा कि उनका पहला उद्देश्य अपने धार्मिक प्रायश्चित को पूरा करना था। सजा पूरी होने के बाद वह अरदास करेंगे। अपना प्रायश्चित पूरा करने के बाद मैं सिख धर्म में फिर से शामिल होने के लिए अकाल तख्त के सामने पेश होउंगा। फिर से अकाली राजनीति में सक्रिय रूप से शामिल होने की बात अभी मेरे दिमाग में नहीं है।
पहला उद्देश्य धार्मिक सजा पूरी करना
लंगाह ने कहा कि उनका पहला उद्देश्य अपने धार्मिक प्रायश्चित को पूरा करना था। सजा पूरी होने के बाद वह अरदास करेंगे। अपना प्रायश्चित पूरा करने के बाद मैं सिख धर्म में फिर से शामिल होने के लिए अकाल तख्त के सामने पेश होउंगा। फिर से अकाली राजनीति में सक्रिय रूप से शामिल होने की बात अभी मेरे दिमाग में नहीं है।