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IIT-JEE: इस टॉपर ने डोरेमॉन देख खुद को रखा टेंशन से दूर
सर्वेश कुमार/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Mon, 12 Jun 2017 09:16 AM IST
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JEE एडवांस के ऑल इंडिया टॉपर सर्वेश
तनाव दूर करने के लिए डोरेमॉन कार्टून देखने वाले सर्वेश मेहतानी के सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का सपने को नए पंख लग गए। उन्होंने न केवल अपने परिवार, स्कूल का नाम रोशन किया बल्कि पंचकूला का ना भी देश भर के एजूकेशन सिटी में शुमार करा दिया।
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JEE एडवांस के ऑल इंडिया टॉपर सर्वेश
देश भर के अग्रणी इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली आईआईटी जेईई एडवांस में देश भर में पहला स्थान हासिल करना आसान नहीं था। सर्वेश ने अमर उजाला से इस बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि अगर किसी भी विषय में कोई सवाल मुश्किल हो तो इसे हल करने की दो तीन कोशिश के बाद ही टीचर या कोचिंग की मदद लेनी चाहिए। इससे खुद के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है।
JEE एडवांस के ऑल इंडिया टॉपर सर्वेश
सर्वेश ने पीसीएम ने 360 में से 339 अंक हासिल किए, जिनमें गणित में सर्वाधिक नंबर मिले। बकौल सर्वेश वह आईआईटी मुंबई से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करने का सपना देखते थे, जिसे अब नए पंख लग गए हैं। पंचकूला के सेक्टर-17 निवासी सर्वेश के पिता इन्कम टैक्स ऑफिसर हैं जबकि मम्मी आईटीआई और बहन भी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही हैं।
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sarvesh
पसंदीदा डोरमॉन देखना कम कर पढ़ाई को दिया पूरा वक्त
सर्वेश ने बताया कि यूं तो पढ़ाई को लेकर तनाव नहीं होता था, लेकिन अगर कभी ऐसा लगा तो डोरेमॉन या दूसरे कार्टून चैनल देखना पसंद है। हालांकि 12वीं की पढ़ाई के दौरान यह धीरे धीरे कम होता गया। सर्वेश ने यह भी बताया कि उनके पास कोई स्मार्ट फोन नहीं है। यदि कभी कोई जरूरत होती भी थी तो वह पिता जी का फोन इस्तेमाल करते थे।
सर्वेश ने बताया कि यूं तो पढ़ाई को लेकर तनाव नहीं होता था, लेकिन अगर कभी ऐसा लगा तो डोरेमॉन या दूसरे कार्टून चैनल देखना पसंद है। हालांकि 12वीं की पढ़ाई के दौरान यह धीरे धीरे कम होता गया। सर्वेश ने यह भी बताया कि उनके पास कोई स्मार्ट फोन नहीं है। यदि कभी कोई जरूरत होती भी थी तो वह पिता जी का फोन इस्तेमाल करते थे।
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sarvesh
एनसीईआरटी की किताबें ही पढ़ीं
सीबीएसई की ओर से हाल ही में सभी निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य किए जाने के बाबत पूछे गए सवाल के जवाब में सर्वेश ने माना कि उन्होंने एनसीईआरटी के अलावा कभी भी दूसरी किताबें नहीं पढ़ीं। इतना ही नहीं, आईआईटी की परीक्षा के लिए इसे काफी बताते हुए कहा कि अगर किसी भी बच्चे को किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करनी हो तो इससे अच्छी किताबें नहीं हो सकती हैं।
सीबीएसई की ओर से हाल ही में सभी निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य किए जाने के बाबत पूछे गए सवाल के जवाब में सर्वेश ने माना कि उन्होंने एनसीईआरटी के अलावा कभी भी दूसरी किताबें नहीं पढ़ीं। इतना ही नहीं, आईआईटी की परीक्षा के लिए इसे काफी बताते हुए कहा कि अगर किसी भी बच्चे को किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करनी हो तो इससे अच्छी किताबें नहीं हो सकती हैं।