यूपीएससी परीक्षा में महम वार्ड एक में रहने वाली ढेर पाना की बेटी अंकिता चौधरी ने 14वां स्थान पाया है। इससे परिजनों में खुशी का माहौल है। अंकिता ने दसवीं व बारहवीं की परीक्षा इंडस स्कूल रोहतक से पास की थी। उसके बाद हिंदू कॉलेज दिल्ली से बीएससी पास की। फिर उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही कैमेस्ट्री आनर्स में डिग्री की।
यूपीएससी परीक्षा में बेटियां भी नहीं रहीं कम, दिखाया पूरा दमखम, पढ़ें सफलता की कहानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान में पिता डॉ. अमर सिंह सिमसिमवार व माता डॉ. नीपन नारा अपनी सेवाएं दे रहे हैं और एक भाई एमबीबीएस कर चुका है। दूसरा भाई अभी एमबीबीएस कर रहा है। वो 29 दिन की थीं तभी नाना-नानी के पास रोहतक आ गई थीं और यहीं रह रही हैं। कमल कॉलोनी में नाना सहजराम नारा सेवानिवृत्त लेक्चरर व नानी राजदुलारी भी सेवानिवृत्त टीचर के साथ मौसा डॉ. सतीश दलाल तथा मौसी डॉ. नित्यासा का उनकी कामयाबी में खासा सहयोग है।
कामयाबी की सूचना मिलने पर राजस्थान से पापा-मम्मी का फोन आया और वह सुबह रोहतक आ रहे हैं। डीपीएस से अपनी स्कूल शिक्षा के बाद पीजीआईएमएस से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। डॉ. अपराजिता ने बताया कि वह महिला सशक्तीकरण व बच्चों के कुपोषण को दूर करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी।
उन्होंने बताया कि परीक्षा के लिए रोजाना आठ घंटे और परीक्षा के कुछ दिन पहले रोजाना 11 घंटे पढ़ना शुरू किया। कहीं से कोचिंग नहीं ली। बल्कि दिल्ली से अपनी किताबें लाकर घर पर ही पढ़ाई की। एमबीबीएस का चयन उन्होंने अपने कैरियर को स्टेबल बनाए रखने के लिए किया था, जबकि लक्ष्य आईएएस अधिकारी बनना था।
4 साल की मेहनत
पंजाब के गिद्दड़बाहा में रहने वाली नुपुर गोयल की ऑल इंडिया रैंक 246वीं हैं। उनके पिता एक होलसेल किराने की दुकाने चलाते हैं। नुपुर ने बताया कि यूपीएससी की तैयारी किसी मामले में आसान नहीं कही जा सकती। पिछले 4 सालों से वह तैयारी में जुटी रहीं। रोजाना 7 से 8 घंटे की पढ़ाई की तब जाकर 246वीं रैंक हासिल हुई है।
बैंक मैनेजर की बेटी ने हासिल की 505वीं रैंक
पंजाब नेशनल बैंक के सीनियर मैनेजर की बेटी ईशमीत कौर की ऑल इंडिया रैंक 505वीं है। मोहाली में रहने वालीं ईशमीत फिलहाल ईपीएफओ में बतौर अकाउंट्स ऑफिसर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि यूआईटी से इंजीनियरिंग करने के बाद यूपीएससी में बैठने का फैसला लिया। काम के साथ-साथ पढ़ाई मुश्किल थी लेकिन फिर भी किसी तरह से मैनेज किया।
रेलवे अफसर अमृतपाल ने हासिल की 44वीं रैंक
पंजाब के गुरदासपुर निवासी बिजली विभाग से सेवानिवृत्त एसडीओ जोगिंदर सिंह की बेटी अमृतपाल कौर ने चौथे मौके में 44वीं रैंक हासिल की। वह वर्तमान में रेलवे में अधिकारी हैं लेकिन अवकाश लेकर तैयारी कर रही थीं। राजनीति विज्ञान व इंटरनेशनल रिलेशन उनके पसंदीदा विषय रहे हैं।
वह कहती हैं कि पेक में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान कोचिंग अनिल नरुला से ली थी। इसके बाद सेल्फ स्टडी ने सफलता दिलाई। परिवार का पूरा साथ मिला। ऑनलाइन पेपर भी दिल्ली के एक केंद्र के जरिए दे रही थीं। बड़ा भाई कनाडा में है।