हरियाणा: बहुमंजिला इमारतों में घटिया निर्माण सामग्री मामले की सदन में गूंज, विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा
चरखी दादरी से निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान ने एक बार फिर से भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार को अपना समर्थन दिया है। बता दें कि सांगवान ने किसान आंदोलन के दौरान तीन कृषि कानूनों के खिलाफ सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था।
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गत माह गुरुग्राम में चिनटेल्स पैराडाइसो अपार्टमेंट की छत गिरने से हुई दो लोगों की मौत का मामला सदन में गूंजा। विपक्षी सदस्यों ने एनसीआर क्षेत्र में बनाई जा रही बहुमंजिला इमारतों में घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। विपक्षी दलों ने एक सुर में नियमों के खिलाफ निर्माण करने वालों को ब्लैक लिस्टेड करने और गुरुग्राम हादसे के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। विपक्षी सदस्यों ने पूरे मामले की सीबीआई से जांच की मांग भी की।
एनसीआर क्षेत्र में बनाई जा रही बहुमंजिला इमारतों के मामले को लेकर सोमवार को विधानसभा में रेवाड़ी से कांग्रेस के विधायक चिरंजीव राव, फरीदाबाद एनआईटी से विधायक नीरज शर्मा और इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला की ओर से ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया गया। चिरंजीव राव ने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर ने गुरुग्राम की इमारत को एक साल पहले ही अनफिट करार दिया था। बावजूद इसके इमारत को ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया।
राव ने यह भी कहा कि बिल्डर ने जिससे एसेसेमेंट कराया था, वह कुछ दिन पहले ही सीबीआई द्वारा दो लाख रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा गया है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस प्रकार से बहुमंजिला इमारतों के मामले में खेल चल रहा है। राव ने ईडब्ल्यूएस के भवनों में भी घटिया सामग्री लगाने का आरोप लगाया, साथ ही ये भी कहा कि सोसायटियों में आग से बचाने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं किए जाते।
अभय चौटाला ने कहा कि एक्ट में साफ है जब इमारत का निर्माण किया जाता है तो उस समय डीटीपी के इंस्पेक्टर को मौके पर जाकर चेक करना होता है कि स्ट्रक्चर में कितना सीमेंट, सरिया आदि सामग्री लगाई जा रही है लेकिन कोई मौके पर नहीं जाता, बल्कि बिल्डर द्वारा तैयार प्रोजेक्ट को ऑक्यूपेशन सट्रिफिकेशन जारी कर दिया जाता है। चौटाला ने कालोनाइजर और ठेकेदार के खिलाफ धारा 304ए जोड़ने की मांग रखी।
स्पीकर बोले- विशेषाधिकार समिति में जाएगा मामला
फरीदाबाद के विधायक नीरज शर्मा ने निर्माण के समय ही इमारतों की जांच करने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे लेकर कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं। शर्मा ने बार-बार पत्र लिखने के बाद ही विभाग द्वारा सही जानकारी नहीं देने का आरोप भी लगाया। इस पर स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि अगर किसी अधिकारी ने सदन को गलत जानकारी दी है तो उसके खिलाफ विशेषाधिकार समिति में मामला भेजा जाएगा।
सरकार के पास पहुंची 64 इमारतों की शिकायत, सभी का होगा स्ट्रक्चर ऑडिट: जेपी दलाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि बहुमंजिला इमारतों के संबंध में आ रही शिकायतों का स्ट्रक्चर ऑडिट होगा। अभी तक सरकार के पास कुल 64 इमारतों में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतें आई हैं। इनमें गुरुग्राम में 58, फरीदाबाद में 2, सोनीपत में 1 और झज्जर में 3 इमारतें शामिल हैं। इनकी जांच के लिए आईआईटी इंजीनियर की कमेटी गठित की जाएगी। इसके अलावा, स्ट्रक्चर इंजीनियरिंग के लिए किसी एक एजेंसी को सूचीबद्ध किया जाएगा और थर्ड पार्टी निरीक्षण भी किया जाएगा।
दलाल ने कहा कि झज्जर में 3 शिकायतें (ओमेक्स सिटी सेक्टर-15 बहादुरगढ़) को लेकर जांच समिति ने सिफारिश की है कि जब तक शिकायत का समाधान नहीं हो जाता तब तक परियोजना का अंतिम समापन जारी नहीं किया जाए। साथ ही प्रस्तुत किए गए संरचनात्मक डिजाइन को भी संरचना अभियंता आईआईटी दिल्ली या एनआईटी, कुरुक्षेत्र द्वारा क्रॉस-चेक किया जाए।
तीन महीने में आएगी गुरुग्राम हादसे की रिपोर्ट, पांच और परियोजनाओं की संरचना लेखा की जांच होगी
गुरुग्राम में चिनटेल्स पैराडाइसो में हादसे के जवाब में दलाल ने बताया कि एडीसी गुरुग्राम की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। यह कमेटी आईआईटी दिल्ली द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ टीम के साथ समन्वय करेंगी और इस दुर्घटना के मूल कारण का पता लगाएगी और भविष्य में इस तरह की दुर्घटना से बचने के लिए भी सुरक्षा उपायों का सुझाव देगी। कमेटी तीन महीने में अपनी रिपोर्ट देगी।
वहीं, विभाग ने शिकायतों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए आईआईटी रुड़की द्वारा गुरुग्राम में पांच परियोजनाओं में संरचना लेखा परीक्षा का भी आदेश दिया है। इनमें रहेजा वेदांता सेक्टर 108, रहेजा अथरवा सेक्टर 109, ब्रिस्क लुंबिनी सेक्टर 109, एमथ्रीएम वुडशायर सेक्टर 107, महिंद्रा और सेक्टर 110-ए शामिल हैं। डीटीपी गुरुग्राम को उन परियोजनाओं को सूचीबद्ध करने के लिए निर्देश जहां दरारें आने के मामले सामने आ रहे हैं।
निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान ने सरकार को फिर दिया समर्थन
चरखी दादरी से निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान ने एक बार फिर से भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार को अपना समर्थन दिया है। बता दें कि सांगवान ने किसान आंदोलन के दौरान तीन कृषि कानूनों के खिलाफ सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था। सांगवान ने कहा कि अब क्योंकि केंद्र सरकार की ओर से तीनों कानूनों को वापस ले लिया गया है, इसलिए वह मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व वाली सरकार को अपना समर्थन देते हैं।
हर जिले में खोली जाएगी खाद्य पदार्थों की जांच के लिए लैब: गुप्ता
हरियाणा के हर जिले में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए टेस्टिंग लैब खोली जाएगी और मात्र 20 रुपये के शुल्क पर टेस्टिंग की जाएगी। खाद्य पदार्थों का परिणाम भी तुरंत प्राप्त किया जाएगा। नारनौंद से विधायक रामकुमार गौतम के सवाल के जवाब में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हर जिले में डेजिग्नेटिड अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे।
खाद्य पदार्थों में नकली सामान की बिक्री न हो, इसके लिए विभाग द्वारा एप भी तैयार किया जा रहा है, ताकि यह पता रहे कि कौन सा अधिकारी किस जगह पर जाकर किस खाद्य पदार्थ का सैंपल ले रहा है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वर्तमान में 5 मोबाइल खाद्य व औषधि प्रयोगशाला चलाई गई हैं। अप्रैल, 2016 से दिसंबर, 2021 तक राज्य के प्रत्येक जिले से कुल 16023 खाद्य नमूने एकत्र किए गए हैं। इनमें से 12159 खाद्य नमूने मानकों के अनुरूप पाए गए हैं, जबकि कुल 3864 खाद्य नमूने असुरक्षित पाए गये। मिलावटी खाद्य पदार्थों के कुल 3864 नमूनों में से कुल 2653 मामले दर्ज किए गए।